Finance Minister Nirmala Unveils India's Rs 20 Lakh Crore Package : आर्थिक पैकेज के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बड़ी घोषणाएं

साल 2019-2020 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है, टैक्स ऑडिट की आखिरी तारीख भी 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर की गई है. इनकम टैक्स के रिफंड भी जल्द जारी किए जाएंगे. रिफंड का फायदा चैरिटेबल ट्रस्ट, नॉन-कॉर्पोरेट बिजनेस को इसका फायदा मिलेगा. इसके दायरे में प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप, को-ऑपरेटिव्स आते हैं.


इस अभियान के तहत ( Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises / लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम, भारत सरकार ) के लिए 3 लाख करोड़ रुपए का collateral free loan देने का प्रावधान किया गया है. यह loan 4 वर्ष के लिए होगी. और पहले 1 वर्ष मूलधन का भुगतान नहीं करना होगा.  इसके तहत 100 करोड़ रुपए के कारोबार वाले ( Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises / लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम, भारत सरकार ) को 25 करोड़ रुपए तक का Loan मिलेगा. बैंकों और ( Non-bank financial institution / एनबीएफसी )  के लिए शतप्रतिशत गारंटी कवर मिलेगा. यह योजना 31 अक्टूबर 2020 तक उपलब्ध होगी.



इसके साथ ही ( Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises / लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम, भारत सरकार ) के परिभाषा में बदलाव किया गया है. M.S.M.E  की नई परिभाषा में माइक्रो उद्यम में 1 करोड़ रुपए तक का निवेश किया जा सकेगा और इसके कारोबार की सीमा 5 करोड़ रुपए होगी. इसी तरह से लघु उद्यम में 10 करोड़ रुपए का निवेश किया जा सकेगा और इसका कुल वार्षिक कारोबार 50 करोड़ रुपए का होगा. मध्यम उद्यम में 20 करोड़ रुपए तक निवेश होगा और इसका कुल कारोबार 100 करोड़ रुपए तक का होगा.

तनावग्रस्त ( Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises / लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम, भारत सरकार )  की मदद के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इससे ऐसे M.S.M.E  को लाभ होगा.  जो NPA या नतावग्रस्त है. इससे दो लाख से अधिक M.S.M.E  को लाभ होगा. M.S.M.E  में 50 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जायेगा जो बेहतर कारोबार कर रहे हैं. उनके लिए 10 हजार करोड़ रुपए का फंड ऑफ फंड की स्थापना की जायेगी. इससे M.S.M.E  को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने में मदद मिलेगी.

31 जुलाई 2020 और 31 अक्टूबर 2020 तक भरे जाने वाले सभी Income tax return / आयकर रिटर्न की अवधि 30 नंवबर 2020 तक बढ़ा दी गई है. इसके साथ ही 30 सितंबर तक भरे जाने वोल कर  ( आडिट रिपोर्ट/Auditor's report ) की अवधि भी 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है.

5 लाख रुपए तक के सभी लंबित रिफंड जारी किय जा रहे हैं. अब तक 14 लाख से अधिक रिफंड जारी किय जा चुके है. 30 सितंबर तक की आंकलन तिथि को बढ़ाकर 31 दिसेबर 2020 और 31 मार्च 2021 तक की तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर 2021 कर दिया गया है.

सरकार ने निजी उद्यमों में काम करने वाले कर्मचारियों के हाथ में ज्यादा पैसा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अगले तीन महीने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO /Employees' Provident Fund Organisation) में दिए जाने वाले अंशदान में कमी की है. कर्मचारियों के वेतन का 12 प्रतिशत E.P.F.O में जमा होता है. साथ ही नियोक्ता भी इतनी ही राशि / Amount EPFO में जमा कराता है. अब निजी नियोक्ताओं और कर्मचारियों का अंशदान /Contribution 12-12 प्रतिशत से घटाकर 10-10 प्रतिशत कर दिया गया है. कर्मचारी के E.P.F.O Account में उसके वेतन के 24 प्रतिशत की बजाय 20 प्रतिशत के बराबर राशि ही जमा करानी होगी.

100 कर्मचारियों तक के ऐसे संगठन जिनमें 90 प्रतिशत कर्मचारियों का वेतन 15 हजार रुपए से कम है, उन्हें पूर्व में दी गई छूट की अवधि तीन महीने और बढ़ा दी गई है. पहले सरकार ने कहा था. कि ऐसे संस्थानों के कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों की तरफ से दिया जाने वाला मार्च, अप्रैल और मई का अंशदान/Contribution सरकार जमा कराएगी. इसकी अवधि भी अब अगस्त तक बढ़ा दी गई है. इससे 3.67 लाख उद्यमों में काम करने वाले 72.22 लाख कर्मचारी लाभांवित होंगे और अर्थव्यवस्था में 2,500 करोड़ रुपए की तरलता बढ़ेगी.

Minister of Finance of India " Nirmala Sitharaman ने बुधवार को  ( गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों / - N.B.F.C - Non-Banking Financial Companies )  और सूक्ष्म राशि के ऋण देने वाले संस्थानों ( एमएफआई M.F.I - Micro finance Institutions ) के लिये मुश्किल के इस दौर में 30,000 करोड़ रुपए के विशेष नकदी योजना की घोषणा की इस कदम का मकसद कोरोना वायरस संकट के बीच इस क्षेत्र को ऋण के जरिये मदद उपलब्ध कराना है.

निर्माण क्षेत्र को राहत देते हुए Minister of Finance of India " Nirmala Sitharaman ने  कहा कि सभी सरकारी एजेंसियां सभी ठेकेदारों को निर्माण और वस्तु एवं सेवा अनुबंधों को पूरा करने के लिये छह महीने की समयसीमा बढ़ाएंगी.

Minister of Finance of India " Nirmala Sitharaman ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ( N.B.F.C - Non-Banking Financial Companies ) आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) और सूक्ष्म राशि के ऋण देने वाले संस्थानों ( M.F.I / एमएफआई) के लिये मुश्किल के इस दौर में 30,000 करोड़ रुपये के विशेष नकदी योजना की भी घोषणा की. इसके अलावा निम्न साख रखने वाले ( N.B.F.C - Non-Banking Financial Companies ) आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी / H.F.C ) और सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई / M.F.I) के लिये 45,000 करोड़ रुपये की आंशिक ऋण गारंटी ( पार्शियल क्रेडिट गारंटी / Partial Credit Guarantee Scheme ) योजना 2.0 की भी घोषणा की इस पहल का मकसद है. कि ये कंपनियां व्यक्तियों तथा एमएसएमई / Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises (लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम, भारत सरकार) सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम ) क्षेत्र की इकाइयों को अधिक कर्ज दे सकें.













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