sars coronavirus - क्या है और इसके लक्षण और बचाव ?

चीन के हुबेई प्रांत में कोरोना sars coronavirus के प्रकोप के कारण अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भीषण नुकसान हो सकता है, कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि 2003 की sars coronavirus महामारी से भी बड़ा नुकसान अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को हो सकता है.

एक अनुमान के मुताबिक sars coronavirus के प्रकोप से अकेले चीन की अर्थव्यवस्था को 136 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है, एशियाई विकास बैंक ( एडीबी ) ने एक रिपोर्ट में कहा था. कि 2003 में sars coronavirus  के कारण पूर्वी और दक्षिण पूर्व एशिया के जीडीपी को करीब 18 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था.

यह इस क्षेत्र की जीडीपी के करीब 0.6 फीसदी के बराबर था sars coronavirus महामारी से यात्रा, पर्यटन और रिटेल उद्योग को सर्वाधिक नुकसान हुआ था. इन उद्योगों को पूर्वी व दक्षिण पूर्व एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ माना जाता है.




2003 में sars coronavirus  से करीब 8,000 लोग संक्रमित हुए थे और 774 मौतें हुई थीं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मार्च 2003 में सार्स संक्रमण को पैनडेमिक घोषित किया था. सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस से संक्रमण का मामला सार्स के आंकड़े को पार कर चुका है.

sars coronavirus को चीन में 5,000 का आंकड़ा पार करने में छह महीने लगे थे. दूसरी ओर महज एक महीने में कोरोना वायरस के कारण 170 लोगों की मौत हो चुकी है और 7,700 से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. आधिकारिक तौर पर कोरोना वायरस का पहला मामला चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में 31 दिसंबर 2019 को दर्ज किया गया था.


coronavirus क्या है.

कोरोनावायरस (Coronavirus) कई वायरस (विषाणु) प्रकारों का एक समूह है. जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग के कारक होते हैं. यह आरएनए वायरस होते हैं. मानवों में यह श्वास तंत्र संक्रमण के कारण होते हैं, जो अधिकांश रूप से मध्यम गहनता के लेकिन कभी-कभी जानलेवा होते हैं.

गाय और सूअर में यह अतिसार और मुर्गियों में यह ऊपरी श्वास तंत्र के रोग के कारण बनते हैं. इनकी रोकथाम के लिए कोई टीका (वैक्सीन) या वायररोधी (antiviral) अभी उपलब्ध नहीं है. और उपचार के लिए प्राणी की अपने प्रतिरक्षा प्रणाली पर निर्भर करा जाता है. और रोगलक्षणों (जैसे कि निर्जलीकरण या डीहाइड्रेशन, ज्वर, आदि) का उपचार करा जाता है ताकि संक्रमण से लड़ते हुए शरीर की शक्ति बनी रहे.

चीन के वूहान शहर से उत्पन्न होने वाला 2019 नोवेल कोरोनावायरस इसी समूह के वायरसों का एक उदहारण है, जिसका संक्रमण सन् 2019-20 काल में तेज़ी से उभरकर 2019–20 वुहान कोरोना वायरस प्रकोप के रूप में फैलता जा रहा है.


coronavirus पाए गए प्रकार


  • 229E (alpha coronavirus) – 1960 में पाया गया था. इसमें सर्दी खांसी और जुखाम के लक्षण दीखते हैं.
  • HCoV NL63 (alpha coronavirus) 2005 में पाया गया था. यह वायरस शरीरी में Bronchiolitis फैलता है.
  • OC43 (beta coronavirus) 1960 में पाया गया था. इसमें सर्दी खांसी और जुखाम के लक्षण दीखते हैं.
  • HKU1 (beta coronavirus) 2005 में पाया गया था. यह वायरस Respiratory problems को फैलता है.
  • MERS-CoV (the beta coronavirus that causes Middle East Respiratory Syndrome, or MERS) 2012 में पाया गया था. इसको Camel Flu के नाम से भी जाना जाता है.
  • SARS-CoV (the beta coronavirus that causes severe acute respiratory syndrome, or SARS) 2003 में पाया गया था.
  • (2019-nCoV) Novel Coronavirus 2019 में पाया गया था Wuhan China में इसी वायरस को Wuhan Coronavirus के नाम से जाना जाता है.

Corona Virus से  कैसे बचे लक्षण और उपाय

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक पूर्व भारत से बचने का कोई विशेष तरीका विकसित नहीं ईजाद हो पाया है. अभी तक इसको लेकर कोई भी खास जानकारी नहीं लगी है. हालांकि इससे बचने के लिए आप कुछ सावधानियां बरतकर इसकी चपेट में आने से बच सकते हैं.
  • खांसते और छींकतेे वक्त अपना मुंह और कांन ढक कर रखें।
  • अगर किसी शख्स को खांसी जुखाम है तो उस से उचित दूरी बनाए रखें।
  • मांस और अंडों को खूब पकाकर इस्तेमाल करें।
  • जानवरों से जितनी हो सके उतनी अधिक दूरी बनाकर रखें.
  • उन जानवरों से और भी ज्यादा दूरी बनाकर रखें जिनसे इंसानों में यह बारिश आने की बात कही जा रही है. जिनमें ली चमगादड़ और सांप आदि शामिल है.

Corona Virus बीमारी के लक्षण?

इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था. इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है.



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