PFI Kya hai - Popular Front of India Kya hai

जो है, नाम वाला वही तो तो बदनाम है, जी हाँ आपने सही सुना  भारत के केरला राज्य से शुरू हुए अलगाववादी पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया ( Popular Front of India ) संघठन का स्थापना 22 November 2006 में हुई. लोग इसे PFI के नाम से जानते है.



लेकिन इस अलगाववादी पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया ( Popular Front of India ) संघठन गलती मत कीजियेगा क्योकि इसकी हरकत बिलकुल वैसे ही है. जैसी ISIS की है.

तो चलिए दोस्तों  आज हम आपको PFI और ISIS अवैध रिस्तो के बारे में जानते है. और बड़ा खुलासा करेंगे

केरल के कई युवक ऐसे है, जो  ISIS संघठन  ज्वाइन किया है. NIA के रिपोर्ट से केरल के कन्नूर में  ISIS का शिविर बनाया गया था.और इसी शिविर में करीब 23 लड़को को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया था.

NIA के जाँच में खुलासा हो चूका है. पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया ( Popular Front of India ) संघठन के सदस्य धर्म परिवर्तन सिंडिकेट में शामिल है और कुछ आतंकी में भी पकड़े गए है.

 NIA के रिपोर्ट से पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया ( Popular Front of India ) के खिलाफ  उन् सभी मामलों को सूची तैयार की गई  है. जिसमे उसके सदस्य शामिल रहे है.

चलिए अब आपको कुछ उद्धरण देते है,

पहला मामला :  केरल के Idukki जिले में  PFI ( Popular Front of India ) से जुड़े 7 लोगो पर एक प्रोफेसर पर हमला करके उनका दाहिना हाथ काट देने का आरोप है. शुरुआत में इस मामले की  जाँच केरल पुलिस ने की बाद में इसे NIA को सौंप दिया गया.

NIA ने पड़ताल करके PFI ( Popular Front of India ) से जुड़ी 43 लोगों के खिलाफ अदलात मे चार्जशीट दीखिला कर दी.

 NIA के रिपोर्ट से बेंगलूरु में RSS के कार्यकर्ता आर रुद्रेश की हत्या के पीछे भी  PFI ( Popular Front of India ) की भौमिक थी.

NIA के रिपोर्ट से PFI ( Popular Front of India ) ने एक पलानिंग के तहत दक्षिण भारत के अलग अलग इलाको में  RSS के कार्यकर्ता पर हमला की साजिश रची थी.

NIA के रिपोर्ट से पिछले साल ISIS के 6 संदिग्ध लोगो को केरल के अलग अलग जगहो से गिरफ्तार किया गया.
NIA के रिपोर्ट से ये सभी ISIS Omar Al-Hindi Module गुट के सदस्य थे.

NIA के रिपोर्ट से जो इराक में बैठे ISIS के आतंकी के इशारों पर केरल और देश के दूसरे हिस्सों में बड़े आतंकी हमले की साजिश रचे थे.

NIA के रिपोर्ट से  PFI ( Popular Front of India ) सुनियोजित तरीके से देश में तालिबानी सोच विकसित करने में लगा है.

NIA के रिपोर्ट से PFI ( Popular Front of India ) ने कुछ साल में बम बनाने से लेकर हथियार चलाने तक की ट्रेनिंग हासिल कर ली है.

NIA के रिपोर्ट से  PFI ( Popular Front of India ) ने अपना खुफिया तंत्र भी बना रखा है, जिससे वो आप - पास की ख़ुफ़िया जानकारियाँ इकट्ठा करता है.

और सारी जानकारियां गृह मंत्री को भेज दी गई है इन्हीं आदानों के आधार पर इस संगठन पर प्रतिबंद लगाने की सिफारिश की गई है.


PFI ( Popular Front of India )  पर झारखंड सरकार ने लगाया प्रतिबंध 

संथाल परगना में कार्यरत संगठन PFI ( Popular Front of India ) पर झारखंड सरकार ने मंगलवार को फिर से प्रतिबंध लगा दिया है, गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है, इससे पहले राज्य सरकार ने 21 फरवरी 2018 को PFI पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन बाद में झारखंड हाईकोर्ट ने तकनीकी खामियों के आधार पर प्रतिबंध को निरस्त कर दिया था.

# ISIS जैसे संगठनों के साथ संबंध
गृह विभाग की ओर से जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि विस्तृत समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि पीएफआई झारखंड के साथ-साथ पूरे राष्ट्र में विशेषकर केरल, असम, पश्चिम बंगाल, बिहार में भी हिंसा, सांप्रदायिक उन्माद एवं कट्टरता के आधार पर सामाजिक विभाजन करवा रही है। साथ ही, भारत विरोध एवं पाकिस्तान समर्थक नारा लगाती है। आईएसआईएस एवं जेएमबी जैसे आतंकी संगठनों के साथ संबंध रखने एवं विधि व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

PFI ( Popular Front of India ) को प्रतिबंधित किए जाने का आधार

  • विधि व्यवस्था एवं लोक शांति भंग करना
  • सांप्रदायिक विद्वेश एवं कट्टरपंथ को बढ़ावा देना.
  • राष्ट्र विरोध गतिविधियों में संलिप्त होना.
  • अन्य आतंकी संगठनों के साथ संबंध रखना.

# 27 अगस्त 2018 को हाईकोर्ट ने हटाया था प्रतिबंध
झारखंड, केरल और कर्नाटक में अपहरण व हत्या समेत कई आरोप झेल रहे संगठन पीएफआई को झारखंड में प्रतिबंधित करने के राज्य सरकार के आदेश को हाईकोर्ट ने 27 अगस्त 2018 को खारिज कर दिया था. संगठन को प्रतिबंधित करते हुए राज्य सरकार ने बताया था कि इस संगठन के कई सदस्य सीरिया गए हैं और आईएसआईएस के लिए काम करते हैं।

इस प्रतिबंध के खिलाफ संस्था के महासचिव साहेबगंज निवासी अब्दुल वदूद की याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने कहा था कि संगठन को प्रतिबंधित करने के पर्याप्त कारण राज्य सरकार नहीं बता पाई। संगठन के एंटी सोशल एक्टिविटी में शामिल रहने का उदाहरण भी कोर्ट में प्रस्तुत नहीं कर पाई। संस्था को प्रतिबंधित करने में सरकार ने जल्दबाजी में आदेश जारी कर दिया.

News Reference from bhaskar 


PFI ( Popular Front of India ) को बैन करने की तैयारी में योगी सरकार

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ सरकार PFI ( Popular Front of India ) पर बैन लगाने की तैयारी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, गृह विभाग इसका मसौदा तैयार कर रहा है, प्रदेश में प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के कई मामलों में PFI ( Popular Front of India ) नेताओं के खिलाफ सबूत पाए गए हैं. अब तक PFI ( Popular Front of India ) के लगभग 20 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कट्टरपंथी संगठन PFI ( Popular Front of India ) पर पाबंदी लगाने की तैयारी में है नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ राज्यभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसक वारदातों को अंजाम देने में इस संगठन की संलिप्तता का पता चला है खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में पीएफआई की भी बड़ी भूमिका थी.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार का होम डिपार्टमेंट राज्य में PFI ( Popular Front of India ) को प्रतिबंधित करने का मसौदा तैयार कर रहा है. प्रदेश में प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के कई मामलों में पीएफआई नेताओं के खिलाफ सबूत पाए गए हैं. अब तक  PFI ( Popular Front of India के लगभग 20 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

इनमें  PFI ( Popular Front of India की राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का प्रदेश अध्यक्ष नूर हसन भी शामिल है. लखनऊ पुलिस ने पीएफआई के प्रदेश संयोजक वसीम अहमद समेत अन्य पदाधिकारियों को भी शहर में बड़े पैमाने पर हिंसा और आगजनी करने के मामले में गिरफ्तार किया था.


News Reference from navbharattimes

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