February 2017

Sex se Juri kai trah ke Survey kiye jate hai. or jinke parinam bhi Interesting hoti hai.to chaliye mai aapko sambhog/sex ke bare mein aapko scientific reasonsbatate hai.


Ek baar Hastmaithun me jo Sperm Nikalta hai. usme 35 to 45Cr tak Sperm hote hai.aapko jankar hairani hogi ki Sperm Bank mein 196.9D.c tapan mein rakha jata hai.

Sambhog/sex karte samay HeadPain khatam ho jati hai. Or Female 45 Year tak lagbhag 3000 baar Sambhog/sex karti hai.

aapko jankar hairani hogi Sperm ka force 36.9 km/hr hota hai. jo यूसेन VOLT ke 1000 meter ke barabar hota hai. or Ek choti si capsule me itane Sperm ajate hai jinse Present mein Earth par Present insaan se jyada Population banaya ja sakta hai.

insaan ek bar Hastmaithun karne ke baad 1000 calorie khtam ho jata hai or Mahilaye sabse jyada Wine pine wale insaan ko pehale Reject karte hai.

30% insaan mein shigra patan (Premature Ejaculation) ka shikar hote hai Or Insaan lagbhag apne jiwan mein 17Liter Sperm nikalte hai. 

Lagbhag 75% insaan mein me Sperm 3min se bhi samay kam hote hai.

पालीगज अनुमण्डल मुख्यालय बाजार के रानीतालाब पथ में मिल्की गांव के समीप 3 एकड़ 10 डिसमिल जमीन बिगहा मठ /भूदान के जमीन पर गरीबो ने झंडा गाड़ कर कब्ज़ा जमाया।


अंचलधिकारी पालीगज पुलिस निरीक्षक सुबोध कजमार ने दल बल के साथ जाकर झंडा को हटाया गया, झंडा हटाने के क्रम में पुलिस व ग्रामीणों के बीच काफी नोक झोंक हुई, दरियापुर व मिल्की के महादलित व गरीब परिवार के सदस्यों ने सुबह दल बल के साथ लाल झंडा गाड़कर झोपडी बनाना शुरू किया,जानकारी के अनुसार पालीगज पुलिस को मिलने के बाद अंचलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस घटनास्थल पर रवाना हुई.

पालीगज राम जानकी मठ के कई एकड़ जमीनों पर अलग अलग गांव में दबंगों ने जमीन कब्ज़ा किया और माकन बनाना सुरु किया पिछले वर्ष धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष किशोर कुणाल के शिकायत पर अंचल पदाधिकारी पालीगज के द्वारा जमीन के कब्जेदारों पर नोटिस किया गया था.राजनितिक दबाब के कारण अधिकारियो ने कागजी कार्रवाई कर चुप बैठ गयी.फिलहाल 5 बिगहा जमीन पर गरीबो के द्वारा लाल झंडा गाड़े जाने का प्रशासन विरोध पैट कारवाई प्रारम्भ कर दी गई है. अंचल पदाधिकारी ने बताया कि 3 एकड़ 10 डिसमिल भूदान की जमीन है. जिसे भीमसेन वर्मा को भूमि उपसमाहर्ता पालीगज ने जमींन का रसीद काटने का आदेश दिया था. जिसको अंचल कार्यालय के द्वारा भीमसेन को काटा गया कब्ज़ा कर रहे लोगो पर क़ानूनी कार्रवाई की जायेगी.

पालीगंज अनुमण्डल मुख्यालय थाने क्षेत्र के मदारीपुर गाँव में नए बने भव्य शिवमंदिर के प्राणप्रतिष्ठा के शुभअवसर पर विशाल जलभरी यात्रा किया गया, इस विशाल जलभरी यात्रा में 1001 महिलाएं और पुरुषों ने कलश के साथ शमदा में पुनपुन नदी के घाट पर धर्मिक अनुष्ठान के साथ पूजा अर्चना करते हुए जलभरी किया.


विशाल जलभरी यात्रा में हाथी -घोड़े ,बैंड बाजे के साथ हजारों की संख्या महिलाएं, पुरुषों , छोटे -बड़े बच्चो को साथ कई आसपास गांवों के लोगो ने भाग लिया.


इस यात्रा में पूर्व विधायक जेडीयू के वरिष्ठ स्थानीय नेता दीनानाथ सिंह यादव ,जिला परिषद अरविन्द कुशवाहा ,राजद नेता जिलापरिषद सदस्य रंजन यादव ,राजद प्रखंड अध्यक्ष रजिंदर सिंह यादव ,पूर्व पंचायत समिति सदस्य राजकिशोर यादव समेत इस नई बने मंदिर के नवनिर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पूर्व शिक्षक श्री कौशलेंद्र शर्मा रामविनय शर्मा समेत कई गण्यमान्य लोगो ने इस जलभरी यात्रा में शामिल थे.

Donald Trump की जीत इस हफ्ते कि सवाल है, कि क्या उनके व्यावसायिक साम्राज्य और आय का क्या होगा जब व्यापार मुग़ल राष्ट्रपति बन जाता है, रविवार को राष्ट्रपति चुनाव के रूप में अपने पहले टेलीविजन साक्षात्कार के दौरान,  Donald Trump 60 मिनट  Lesley Stahl से कहा है, कि वह राष्ट्रपति के रूप में एक वेतन नहीं ले जाएगा.


अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं किया गया है,  Donald Trump  ने कहा मुझे लगता है, कि मैं 1$ ले कानून द्वारा करने के लिए है, तो मैं 1$ एक साल ले लेंगे, लेकिन यह एक है - मैं यह भी नहीं जानते कि यह क्या है. Lesley Stahl राष्ट्रपति चुनाव, याद दिलाया  $ 400,000 आपको दे रहे हैं. फिर,  Donald Trump ने उत्तर दिया, नहीं, मैं वेतन नहीं ले रहा हूँ, मैं इसे नहीं ले जा रहा हूँ.


शुरू से ही, Donald Trump ने वादा किया है, कि वह कारोबार की चिंताओं को अलग सेट होता अगर वह निर्वाचित किया गया था, वास्तव में, वह सामना राष्ट्र मध्यस्थ Jhon Dickerson बताया कि पिछले साल अक्टूबर में है, कि वह कर दिया गया उनकी भूमिका के अपने अभियान के दौरान चरणबद्ध है.और Donald Trump ने कहा है,की  देखो, मैं सभी संबंधों में कटौती करेगा मैं इसके बारे में परवाह नहीं होगा,मेरे बच्चों को यह चलेगा, मैं बहुत ज्यादा विस्तार करने के लिए नहीं करना चाहती,यह मेरे लिए कोई फर्क नहीं होता मैं फिर से अमेरिका के महान बनाने में एक मौका है, कि पूरे ध्यान केंद्रित है.

Donald Trump ने कहा कि पिछले वर्ष वादा किया था, कि वह राष्ट्रपति के रूप में एक वेतन लेने के लिए भी मना करेगा

रोचेस्टर, न्यू हैम्पशायर में एक अभियान उपस्थिति, पिछले अक्टूबर के दौरान, अरबपति एक भीड़ से कहा कि वह $400,000 वार्षिक वेतन को स्वीकार नहीं किया जा सकता है,अगर वह राष्ट्रपति बने तो. पहली बात मैं क्या करने जा रहा हूँ आपको बता दें कि अगर मैं राष्ट्रपति निर्वाचित कर रहा हूँ, मैं कोई वेतन स्वीकार कर रहा हूँ, ठीक है, ट्रम्प ने कहा यह मेरे लिए एक बड़ा सौदा नहीं है.संघीय चुनाव आयोग रूपों पर ट्रम्प 2015 सूचना 557 मिलियन $ से अधिक आमदनी और वह फाइनल में स्वीकार करने के लिए दिखाई राष्ट्रपति बहस है, कि वह किसी भी संघीय आयकर भुगतान से परहेज साल के लिए तो वह शायद पैसे की जरूरत नहीं है.

कुछ दिन बाद, ट्रम्प आयोजित एक ट्विटर क्यू एंड ए अमेरिकी लोग उसे हैशटैग AskTrump का उपयोग कर सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए

एक उपयोगकर्ता ने पूछा  " क्या आप राष्ट्रपति पद के वेतन त्यागना होगा यदि निर्वाचित ?

ट्रम्प एक दूसरी बार है, कि वह एक वेतन लेने के लिए मना करेगा के लिए की पुष्टि की
जहां तक ​​वेतन का सवाल है, मैं भी $ 1 नहीं ले जाएगा, ट्रम्प ने कहा मैं पूरी तरह से मेरे वेतन दे रहा हूँ, अगर मैं राष्ट्रपति बन जाते हैं.सितंबर में जारी जांच, व्यापार पत्रिका का अनुमान है, तुरुप का धन 3.7 $ अरब के आसपास है, नीचे 800 से एक साल पहले मिलियन $


एक बार फिर से बाजार में आ गया है,  Nokia 3310 Mobile ये फ़ोन 17 साल पहले लांच हुआ था, और दुनिया का सबसे बिकने वाली मोबाइलो में से एक था, हम आपको बता दे की 2005 में बंद होने से' पहले 12. 6  करोड़ फ़ोन बिकी थी,  और अब इसका नया फ़ोन लांच किया गया है,



Nokia का ब्रांड अब फ़िनलैंड में'है, स्टार्टअप कंपनी एचएमडी के पास है.नया 3310 फ़ोन होने की जगह फ़ीचर फ़ोन ही होगा. हालांकि इसमें सीमित इंटरनेट सेवाएं भी होंगी. 

इस मोबाइल में AS30+ ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलेगा, और इसमें 3G या 4G  के बजाए 2.5 G की धीमी कनेक्टिविटी होगी.

खूबियों के बिना होगा अधूरा

आइए जानते हैं वे बातें जो नए नोकिया 3310 को 2017 में इस्तेमाल करने लायक बनाएंगी

Nano sim | Micro sim and dual sim phones

2000 में आए नोकिया 3310 में तो मिनी सिम लगता था. ज्यादातर फोन में अब नैनो सिम ही इस्तेमाल होता है, हालांकि कुछ ऐसे फोन है, जिनमें अब भी उससे कुछ बड़े माइक्रो सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं.जो भी हो, सेकेंडरी फोन के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए नए नोकिया 3310 में ऐसी सुविधा हो कि आसानी से सिम कार्डों को अदल बदल किया जा सके. इसके अलावा नए नोकिया 3310 को डुअल सिम कार्ड वाला होना चाहिए.

4G : Nokia 3310 फोन GSM Network पर दो बैंड 900Mh और 1800Mh Support करता था. लेकिन आज तो किसी भी फोन को कम से कम चार बैंड्स 850Mh, 900Mh, 1800Mh और 1900Mh तो सपोर्ट करना ही चाहिए, 

USB Type Charging आपको पतली पिन वाला नोकिया का चार्जर याद है, अब कनेक्टर आज कहीं नहीं चलता.आज के USB Type Charging को आप तीन पिनों वाले जैसे किसी भी सॉकेट में नहीं लगा सकते. हालांकि बदलकर उसे किन्हीं दो पिनों में लगाया जा सकता है.

Original जितनी बैटरी लाइफ आप सोच रहे होंगे कि अगर फोन में इतने सारे फीचर होंगे तो क्या वह उतनी देर चलेगा जितना पुराना वाला फोन चलता था, जी हां बिलकुल चलेगा वजह यह है, कि पिछले 10 साल में मोबाइल फोन के भीतर हार्डवेयर बहुत कम हो गया है,ऑरिजनल 3310 में 900Mh की बैटरी थी. अब 17 साल इससे बड़ी बैटरी की उम्मीद करना गलत नहीं होगा. इसलिए नए नोकिया 3310 को भी एक बार चार्ज करने पर कई दिन तक चलना चाहिए, 

Malaria, ek esi bimari jiska naam sunte hi insaan ke hath per kaapne lagte hai. Is bimari ke karan insaan ki jaan bhi chali jati hai. Malaria jesi bimari ka karan protozoa bacteria hota hai.

Kya aapko pata hai ki puri duniya me 50 crore log Malaria se grashit hai or lagbhag 27 Lakh logo ko apni jaan se hath dhona padta hai har saal.

Mausam change hone ke karan kai bimari utpann hoti hai. Jydatar baris ke Mausam me hi 'Malaria Machchhar' utpann hote hai. Aapki jankari ke liye hum aapko bata de ki25 April ko World Health Organization(WHOmanaya jata hai jisme sabse jyada malaria ke baare me charcha ki jati hai.



Aaiye jante hai ki Malaria ke kya lakshan hote hai

Machchhar ke katane se 10-12 dino ke bad rogi ko Malaria ke Lakshan dikhne lagte hai. Bahut tej Bukhar aana Malaria ka sabse bada Lakshan hai. Lekin yeh aam bukhar se sabse alag hota hai. Rogi ko rojana bahut tej bukhar aata hai or pure badan me kap-kapi bhi hoti hai.

Malaria ke 9 Lakshan Hote Hai

  1. Bahut tej Bukhar aana 
  2. Thand or shareer me kap-kapi hona 
  3. Sirdard hona 
  4. Manspesiyo me dard hona 
  5. Ji michalna
  6. Ulti hona ya dairiya ka problem hona 
  7. Saans lene me taklif hona 
  8. Hath pair me dard hona 
  9. Hamesa thaka thaka sa rehna

Malaria ki 3 Stage Hoti Hai

  1. Cold Stage       : इस स्टेज में बहुत ठंड और पुरे बदन में कप-कपी होती है.
  2. Hot Stage        : इस स्टेज में तेज बुखार पसीने और उलटी की शिकायत होती है.  
  3. Sweat Stage    : इस स्टेज में बुखार के साथ पसीने भी होते है.

Malaria ki Dawa

Aj kal Niche likhi hui dawao se malaria ko door kiya ja rha hai.

Medicine of Malaria (होम्योपैथिक दवा)

  1. मेफ्लोक्वीन, 
  2. डॉक्सीसाइक्लीन, 
  3. एटोवाक्वोन or प्रोग्वानिल हाइड्रोक्लोराइड
Wese aapki jankari ke liye bata de ki malaria ki koi specific dawa ni hai. Dawa bhot sari uplabdh hai market me jo ki different-different doctors ke dwara use ki jaati hai. 




Homeopathic Medicine of Malaria (होम्योपैथिक दवा)

  1. Cinchona 
  2. Arsenicum
  3. Nux vomica
  4. Natrum muriaticum
  5. Eupatorium perfoliatum
  6. Ipecac
  7. Chininum sulphuricum
  8. Gelsemium


Ayurvedic Medicine for Malaria ( मलेरिया की आयुर्वेदिक दवा )


Ayurvedic ke liye kai upchar hai.or iska kai prakar ke ayurvedic se elaj hote hai.


  1. Ayush chausath ( आयुष-चौंसठ ) : Ayush chausath dawa Malaria ke upchar ke liye istemal kiya jata hai. kabhi-kabhi Capsule ke roop me istemal kiya jata hai.
  2. Maha Sudarshan Churn ke ghanatv se bani goli ko din me char baar istemaal kare.
  3. Tulshi ke patte ,Giloy ek tola,thin kali mirch, in sabhi ko do glash pani me mila de or pani ko pehle ubal le. Or ek ghante tak kuch bhi na khaye.
  4. Choti pipal ko rogi ki Kshamata or rogo ke Lakshan ke adhar par number me ghata kar badhakar dete hai. Panchkol.
  5. Parwal,kutki,pathan,nagarmotha,Giloy,Lal Chadan,Sonth,tulshi,mulaethi or pipal ka churan ya pawoder banakar subha or sham 3gram pani me milakar pine me rogi ke liye labhdayak hai.
  6. Neem ke pair ki chaal ko pani me ubaal kar or kadha banakar half glas pani me ¼ hone tak ubaal le or chankar pi le. Kafi labhdayak hoga.
  7. subha - subha khali pet tulshi ke 5,6 patte acchi trah se chaba kar khaye 11gram tulshi ke patte or 7kali mirch ko pani me piskar subha or sham pine se malaria bukhar thik ho jayega.
  8. 10 gram Hot pani or 1 gram Hing dalkar Lep banye. Or is lep ko apne haath,pair or nakhun mein lagaye 5 din tak aise hi lep lagaye rogi bilkul thi ho jayegaa.
  9. Malaria fever hone par Onion juice bikul lafdayak hota hai.4 kali mirch or 4 mili Onion juice milkar din do bar piye. Bilkul thik ho jayega.
  10. Chirayata ka kadha 1 cup din me 3 baar pine se Malaria rog se bahut aram milta hai.
  11. Lahsun ke 5 kaliyo ko chilkar ghi me mila le or sewan kare Malaria ka thand bahut jaldi utar jata hai.
  12. Malaria fever ke liye, Giloy, papita ke patte, aloe vera ka juice piye kafi labhdayak hoga.
Note :  In sabhi dawa use karne se pahle Doctor se shalah jarur le.

Malaria Se Bachne ke Upay



Aiye hum aapko batate hai Malaria se bachane ka upay:

1. Machchhar ko Utpann hone se roke (Mosquito Reproduction Control)

Machchharo ko utpann hone wali jagah par hi nast kar de. kyuki esa karne se aap Malaria ki bimari se bach sakte hai. 
Malaria hone ka ek karan hota hai. Ghar me bhot si jagah saaf na hone ke karan gandgi fel jati jati hai.
To aise me bhot se Machchhar utpann ho jate hai or Malaria fel jata hai. Agar aapke ghar ke aaspas kahi naali bani hai jise 

Tip - Machchhar ko bhagane ke liye Mosquito coil istemal jarur kare.

2. घर में सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करें  Machardani ( Mosquito Nets ) ko Hamesa use kare

Machardani ( मच्छरदानी ) Machchhar ko bhagane ke liye use karte hai.kyuki Malaria ko kafi had tak Infection se dur rakhta hai. Anofilijh Machchhar raat ko hi katta hai. Machardani 299₹ se 1000₹ aapko market me mil jayege.

3. Gharo Me Aap Dawa Chidkao Jarur Kare

Aksar log ghar ki diwar ya kisi kone mein dawa chikao nahi karte Lekin Ye bahut hi jaruri hata hai kyuki jyadatar Machchhar diwaro ya kisi kone me ja kar baith jate hai.
Agar ghar ki diwaro par keetnashak chidkao kar diya jai to diwaro ya kisi kone pe baithe Machchhar mar jayege or baad me kavi ni ayenge kyonki in dawao ka power bhot din tak barkarar rhta hai. 

Tips - Gharo me DTP ka jarur chikao kare

4. Ghar ke Andar Ya Aaspas Pani Store na Hone De


Actually kabhi-kabhi ghar me cleaning hoti rehti hai to aise me ghar ke kone ya kisi bhi jagah par pani store ya jama ho jata hai jiske karan Machar paida hone lagte hai. Or kafi dino tak pani ko na nikale to aise me malaria ka janm hone lagta hai.
Tip -
  • Ghar ke aas-pas Maidan or gaddhe or naliya me pani jama na hone de.to aap hamesa ghar ya kisi bhi jagha ko hamesa clean rakhe. 
  • Agar aapke muhale ya gharo me kisi bhi insaan ke Machar katne se bimari hue hai to aap nagar palika me infromation jarur de.jald se jald keetnashak chikao jarur karwaye.
  • Baris me kisi bhi jagha par pani store hogaya hai.aap use clean kar de.jitna jaldi homsake
To aapko ya aapki family me kisi ko malaria ki bimari hai ya upar diye gaye malaria ke lakshan hai to sabse pehle doctor se consult kijiye, bina doctor se puche upar likhi gayi dawao ka use kadapi nahi karna chahiye.

चेतावनी : किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत चिकित्सा शुरू करने से पहले आप डॉक्टर से ज़रुर सलाह ले. 

पालीगंज में तीन सड़कों के निर्माण कार्य में संवेदक द्वारा बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाये जाने पर मची हंगामा   पालीगंज अनुमंडल क्षेत्र में तीन सड़क ग्रामीण द्वारा ही निर्माण ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. ऐसे मामलो में पालीगंज  उल्लार  -  भरतपुरा, पालीगंज - अतौलह पथ और समदा रोड से जरखा 14 किलोमीटर  तक बनी सड़क निर्माण में देखने को मिला.


तो ऐसे में स्थानीय विधायक जयवर्दन यादव उर्फ बच्चा बाबू के द्वारा विभागीय जाँच की आदेश दिया, और जाँच करवाई के आदेश पर राज्य सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के निगरानी टीम के द्वारा अधीक्षण अभियंता सुपरिटेंडेंट इंजीनियर योगेश्वर पांडे नेतृत्व में तीनो सड़कों का लगभग 14 किलोमीटर तक जाँच किये जाने पर सड़कों में कई गड़बड़ियां पाते हुए, सड़को की खुदाई कर सैंपल को लेकर उसे जाँच प्रयोगशाला के लिए भेज दिया है.




सैंपल रिपोर्ट

सड़क निर्माण गरबड़ी पाए जाने पर जाँच के लिए प्रयोगसाला में भेज दिया गया है, सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पायेगा.
गड़बड़ियां सामने आने के 8 बात स्वीकार किया जिसमें गुणवक्ता भी संदेह के घेरे में है,सड़को के किनारे मिट्टी सही से नहीँ भराई करना, घास कटाई नही होना, सड़कों में दरारें साफ तौर दिखाई देना, यहां तक की समदा से जरखा वाली सड़क में काली करन भी ठीक नही हो पाई है, 

जाँच  टीम 

में योगेश्वर पांडे के साथ निगरानी के कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिंह ,निगरानी प्रयोगशाला के कार्यपालक अभियंता ,स्थानीय कार्यपालक अभियंता रामेश्वर चौधरी ,सहायक अभियंता शैलेंद्र मंडल ,कनीय अभियंता देवेंद्र कुमार ,ठेकेदार रामसेवन गुप्ता ,मनोज चन्द्रवँशी ,मनीष सिंह ,सामाजिक कार्यकर्ता विनय कुमार ,सुधीर कुमार ,अमरेंद्र कुमार ,नीरज कुमार यादव.











 

कॉन्डोम का इस्तेमाल HIV Aids से सुरक्षा के लिए किया जाता है, क्या आप जानते है, कॉन्डोम के इतिहास के बारे में. . .नहीं न...तो हम आपको बताने जा रहे है.




  • कंडोम 15,000 साल पुराना हैं, और फ्रांस की एक गुफा में कंडोम का आकार बना हुआ पाया गया था.
  • आपको जानकर हैरानी होगी,की जानवरों की आंतो से कंडोम बनाये जाते थे. ये 1350 ई. हुआ करता था.
  • दुनिया में 6 अरब से ज्यादा कॉन्डोम इस्तेमाल होता है.  
  • 1944 रबर का पहला कॉन्डम बनाया गया था.
  • पुरषो से ज्यादा महिलाये खरीदती है, कंडोम
  • अगर आप शंभोग करते समय सही तरीके से कॉन्डोम इस्तेमाल न करे तो , तो ऐसे  प्रेग्नेंसी रोकने में 98 फीसदी कारगार हैं.
  • पहले के लोग कॉन्डोम का इस्तेमाल एक बार ही करते थे. क्योंकि पहले बहुत महँगा मिलता था.
  • दूसरे विश्वयुद्ध में, सैनिक अपनी बन्दुक को पानी से बचाने के लिए बन्दुक की नाली पर कंडोम लगा देते थे.
  • South Africa में सबसे ज्यादा कंडोम का इस्तेमाल होता है.
  • आपको जानकर हैरानी होगी, Valentine’s Day पर कॉन्डोम की बिक्री 40 % तक बढ़ जाती है
  •  कॉन्डोम  में एक गैलन पानी तक भरा जा सकता हैं.
  • सोची ओलंपिक्स में एथलीटों को 1 लाख कंडोम बाँटे गए थे. क्योंकि खिलाडी जमकर लुफ्त और संभोग का मज़ा ले सके. 2016 के ओलंपिक में भी प्रति खिलाड़ी पर 42 कॉन्डोम की खपत हुई.


क्यों चौक गए न.... 

मौत का नाम सुनते ही लोग डर लगते है, अपनों से ज्यादा दूसरे की मौत देख कर डर पैदा होने लगता है. और मौत देख कर पुरे बदन कांप जाती है.आपको जानकर हैरानी होगी
दुनिया में मौत का कारन क्या है, तो आइये हम आपको मौत के बारे में कुछ बताने जा रहे है.



1.  भारत में लगभग रोजाना 26,703 मृत्यु होती है.
2 . किसी भी इंसान की मौत का कारन बुढ़ापे में बीमारी हो जाने के कारन होता है.
3.  इंसान का सिर काट दिया जाये तो, 20 सेकण्ड तक जिन्दा रेहता है.
4   सुबह 3 से 4 बजे के बिच शरीर सबसे ज्यादा कमजोर हो जाता है, तो ऐसे में इंसान की मृत्यु नींद में ही हो जाती है.
5.  पानी में शव 5 गुना तेजी से सरता है.
6.  डॉक्टर के गरबड़ लिखने से हर साल 6  हजार लोगो की मौत हो जाती है.  
7.  भारत में हर घंटे एक महिला की मौत की वजह दहेज संबधी कारणों से होती हैं.
8.  इंसान की बीमारियों का इलाज न कराने से भी 6 लाख से ज्यादा मौत हो जाती है.
9.  40 सैकेंड में एक आत्महत्या होती हैं.पूरी दुनिया में.
10 .  हर 9 सेकंड में महिला की मौत बच्चे को जन्म देते समय होती है.
11 .  मृत्यु होने के बाद पैर और हाथ की नाख़ून सिकुरने लगते है, लोगो को मन्ना है, की मृत्यु होने के बाद भी नाख़ून बढ़ते है. लेकिन ऐसा नहीं है.


क्या आप जानते है, मृत व्यक्ति की शरीर कितना पुराना है, कैसे पता चलता है.?

मृत व्यक्ति के शरीर में कीड़ो की प्रजातियाँ देखकर पता लगाया जाता है, की कितना पुराना मृत शरीर है.

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने गुरुवार को इंटर परीक्षा में कदाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक नवादा के सेठ सागरमल अग्रवाल महिला कॉलेज में की है, इंटर परीक्षा रद्द कर दी है. प्रथम पाली में हुयी फिजिक्स की परीक्षा में बड़े पैमाने पर कदाचार की शिकायत मिलने के बाद इसे रद्द करने का निर्णय लिया गया है. और BSEB के केन्द्राधीक्षक और परीक्षा कार्य में लगे 17 वीक्षकों को परीक्षा कार्य से मुक्त करने के साथ ही उनके निलंबन की कार्रवाई का भी आदेश दिया गया है.और दो मजिस्ट्रेट का भी वेतन रोकने का आदेश दिया गया है.



मिल रही जानकारी के अनुसार सेंटर पर पहली पाली में परीक्षा दे रहे 32 परीक्षार्थियों को कदाचार के आरोप में निष्कासित किया गया. और इंटर परीक्षा के तीसरे दिन राज्य भर से कुल 360 छात्रों को कदाचार के आरोप में परीक्षा से निष्कासित किया गया

आपको जानकर हैरानी होगी की जहानाबाद, नालंदा और गया और दरभंगा से दो लोगों को दूसरे छात्र के नाम पर परीक्षा देते ही गिरफ्तार किए गया.


निष्कासित छात्रों की संख्या




बोर्ड परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने पर नहीं होगी जेल

बिहार में 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा में नकल करते और पकड़े जाने पर अब परिक्षार्थियों को जेल नहीं भेजा जायेगा, पुलिस मुख्यालय ने सभी थानेदारों को इस आदेश का पालन करने को कहा है. तो ऐसे में नक़ल करने वाले परीक्षार्थियों को जुर्माना वसूल कर सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएग,नकल करते पाए जाने पर दो हजार रुपये जुर्माने है, अगर परीक्षार्थी के परिजन जुर्माने की राशि अदा नहीं करते हैं, तो ऐसी स्थिति में पकड़े गए परीक्षार्थी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने का निर्देश है. 

वाट्सएप पर वायरल हुआ फिजिक्स का पेपर
  
पहली पाली में भौतिकी विषय की परीक्षा के प्रश्नपत्र वॉट्सएप पर वायरल हो गए थी,आपको हैरानी की बात ये है, की बाद में प्रश्नपत्र को मिलया गया तो अॉब्जेक्टिव प्रश्न मैच कर गए..

ISRO का जन्म डॉ विक्रम साराभाई ने की थी, और अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत 1962 में हुई थी. 1963 में केरल में रोकेट लोंचिंग स्टेशन की स्थापना हुई, ISRO का स्थापित 15 अगस्त 1969 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के द्वारा 1962 में स्थापित किया गया था, तो ऐसे में ISRO का जन्म हुआ. ISRO का फुलफॉर्म है, ( Indian Space Research Organization / और हिंदी में कहते है, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ) जिसका मुख्यालय बैंगलुरू कर्नाकटक में है, ISRO के वर्तमान निदेशक ए एस किरण कुमार हैं, ISRO में लगभग 17 हजार वैज्ञानिक काम करते है, हम आपको बता दे कि कई वैज्ञानिक ने जीवन ISRO में ही सम्पर्पित कर दिया.



भारत का पहला Satellite 19 अप्रैल 1975 आर्यभट्ट द्वारा शुरू किया गया था, गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया था. और 1980 में Rohini Satellite भारतीय का पहला निर्मित प्रक्षेपण यान SLV -3 बनाया गया.

Indian First Satellite Name

 
satellites
Launch Date
Launch Vehicle
Resource
Aryabhatta
19 April 1975
U-11 Interkosmos
  इंटरकॉसमॉस
भारत का पहला उपग्रह प्रणाली का निर्माण किया गया. 

  

2. भास्कर उपग्रह I और II  ( Bhaskara-I and II Satellite )

सन 7 June 1979 में भास्कर-I और II दोनों उपग्रह ISRO के द्वारा निर्माण किया गया था, इस उपग्रह में टीवी, कैमरा और जलविज्ञान और वानिकी में पुन:इस्तेमाल किया गया है,और सामुद्रिक अध्‍ययनों के  लिए प्रयोग किया गया.




मिशन     
  प्रायोगिक सुदूर संवेदन
भार     
  442 कि.ग्रा
ऑनबोर्ड पॉवर     
  47 वॉट्स
संचार     
 वीएचएफ़ बैंड
स्थिरीकरण     
  प्रचक्रण स्थिरीकृत ( प्रचक्रण अक्ष नियंत्रित )
नीतभार     
 टीवी कैमरा, तीन बैंड माइक्रोवेव रेडियो मीटर ( एसएएमआईआर )
दिनांक   
 7 जून, 1979
प्रमोचन स्थल     
 वोल्गोगार्ड प्रमोचन केन्द्र ( संप्रति रूस में)
प्रमोचन यान    
  सी-1 इंटर कॉसमॉस
कक्षा    
  519 x 541 कि.मी.
आनति    
  50.6°
मिशन कालावधि    
  एक वर्ष ( नामीय )
कक्षीय जीवन     
 लगभग 10 वर्ष (1989 में पुनःप्रवेश )


a.  भास्कर उपग्रह - II  ( Bhaskara- II Satellite )


भास्कर-II 300 टेलीविजन प्राप्ती के लिए लांच किया गया था.


3. रोहिणी उपग्रह  ( Rohini Satellite RS-D2 )

रोहाणी satellite 17 April 1983 ISRO के द्वारा निर्माण किया गया था, और रोहाणी satellite में चार satellite भाग है.
   
जैसे : 

a.  Rohini Technology Payload (RTP)

रोहाणी satellite 35 किलो stabilized स्पिन स्थिर satellite है, जो कि 3w बिजली का इस्तेमाल करता है.
 

b .  RS-1 
यह 35 किलोग्राम का stabilized स्पिन स्थिर satellite है, जो की 16w ऊर्जा का इस्तेमाल होता है, सतीश धवन ने अंतरिक्ष केंद्र से 44.7 डिग्री के झुकाव के साथ 305 x 919 किमी की कक्षा में स्थापित किया गया था.
c.   RS-D1
38 किलो stabilized स्पिन स्थिर satellite है, कि सत्ता के 16 डब्ल्यू इस्तेमाल किया गया था.31 May 1981 लांच किया गया था.यह satellite सुदूर संवेदन अनुप्रयोगों है.   

  
d.   RS-D2
41.5 किलो stabilized स्पिन स्थिर satellite है, 16 डब्ल्यू इस्तेमाल किया गया था. और 1983-4-17 में लांच किया गया था. यह satellite 17 महीने और उसके पेलोड के लिए आपरेशन में था, और कैमरा से तस्वीर लेने के लिए ज्यादा छमता थी.और ये ही नहीं 7 साल के बाद फिर से 1990-04-19 पर लांच किया.
4. चन्द्रयान-1  ( Chandrayaan-1 )

ISRO ने चन्द्रयान-1 अभियान के तहत यान को रिसर्च किया फिर उसके बाद चाँद पर भेजा था. को 22 October 2008, 00:52 UTC में सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से चंद्रयान -1 छोड़ा गया. चंद्रयान -1 छोड़ेने के लिए उल्टी गिनती सोमवार को ही सुबह 4 :00 बजे ही शुरू हो गई थी. चाँद तक पहुँचने में कम से काम 5 दिन लगे और अपने कक्षा में स्थापित रहने के लिए 15 दिन लगे. मिशन के लेकर काफी लोग चिंतिति थे. हैरानी की बात ये थी, बादल में बिजली चमक रही थी. और चंद्रयान में कोई दिक्कत नहीं आई. और आखिरकार चंद्रयान सफल परिछन रहा और इसी के साथ भारत ने दुनिया का छठा देश बन गया. और भारत ने इतिहास के पन्नो पर अपना नाम लिख डाला. 

वैज्ञानिक का मन्ना था, की चंद्रयान 1 से 2 साल तक बरकरार रहेगा. परन्तु शनिवार 29 अगस्त 2009 में संपर्क टूट गया. और  रविवार 30 अगस्त 2009 मिशन समाप्त हो गया. हैरानी की बात यह है, की 10  महीने में ही चंद्रयान अपना काम 95% काम कर लिया था.

हम आपको बता दे की भारत का चंद्रयान-1 की वजह से ही भारत चाँद पर पानी खोजने वाला पहला देश बना.चंद्रयान ने चट्टानों पर पानी होने का सबूत भेजी थी. 






5. मंगलयान ( Mars Orbiter Mission / मंगल कक्षित्र मिशन  )


भारत का पहला मंगलयान है,मंगलयान ISRO के द्वारा बनाया गया. और आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 5 नवम्बर 2013 को 2:38 मिनट पर मंगलग्रह पर भेजा गया था. और 298 दिन यात्रा के बाद 24 सितंबर 2014 को मंगल पर मंगलयान पहुँच गया. और भारत विश्व में अपने पहला प्रयास में ही सफल हो गया और सोवियत रूस, नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के बाद दुनिया का चौथा देश बन गया है. आपको हैरानी होगी चीन और जापान अपने मंगल अभियान में असफल रहे थे.

मंगलयान बनाने कितना खर्च हुआ 
मंगलयान को बनाने में 450 करोड़ रुपये (करीब 6 करोड़ 90 लाख डॉलर) खर्च हुआ है.

मंगलयान अभियान को मंगल पर भेजने का मकसद क्या है
मंगलग्रह की सतह की आकृति तथा स्थलाकृति और खनिज का अध्ययन करके पता लगाना. मंगलग्रह का माहौल और मीथेन, कार्बन डाइआक्साइड का अध्ययन करके पता लगाना.

मंगलयान अभियान ( Mangalyaan Campahttps )
3 अगस्त 2012 ISRO ने मंगलयान प्रोजेक्ट बनाने के लिए 2011-12 के बजट में ही धन का बटवारा  सरकार को स्वीकृति दिया था.

5 नवम्बर 2013
मंगल यान मंगलवार के दिन दोपहर 2:38 मिनट पर श्रीहरिकोटा आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अन्तरिक्ष केन्द्र से ध्रुवीय प्रक्षेपण यान पीएसएलवी सी-25 द्वारा प्रक्षेपित किया गया. और 3:20 निर्धारित समय पर पीएसएलवी-सी 25 के चौथे चरण से अलग होने पर मंगलयान  पृथ्वी की कक्षा में पहुँच गया. और सोलर पैनलों और डिश आकार के एंटीना काम करना शुरू कर दिया था.  
5 नवम्बर से 01 दिसम्बर 2013
मंगलयान को पृथ्वी की कक्षा में घूमने तथा ऑर्बिट और 6 महत्वपूर्ण ऑपरेशन चला. और ये ही नहीं छह भागो  में 01 दिसम्बर 2013 तक पूरा हो गया था.   
7 नवम्बर 2013
फिर मंगलयान को 1:17 मिनट पर 28,825 किलोमीटर तक ऊँचा हो गया
11 नवम्बर 2013
मंगलयान को 130 मीटर प्रति सेकंड की गति से देकर लगभग 1 लाख किलोमीटर तक ऊँचा करने की योजना थी,लेकिन लिक्विड इंजिन में खराबी की वजह से मात्र 35 मीटर प्रति सेकंड की गति से देकर 71,623 से 78,276 किलोमीटर ही किया जा सका. इसे पूरा करने के लिए 12 नवम्बर 0500 बजे IST के लिए निर्धारित समय पर हो गई थी.
12 नवम्बर 2013
सुबह 5:03 मिनट पर 303.8 सेकंड तक इंजन को मंगल यान 78,276 से 118,642 किलोमीटर शिरोबिन्‍दु की कक्षा पर सफलतापूर्वक पहुंचा दिया गया.
16 नवम्बर 2013
सुबह 1:27 बजे 243.5 सेकंड तक इंजन को 1,92,874 किलोमीटर के शिरोबिंदु तक उठा गया और इस प्रकार से मिशन पूरा हुआ.  
01 दिसम्बर 2013
31 नवंबर से 1 दिसंबर की 00:49 रात मंगलयान को मार्स तक ट्रांसफर ट्रेजेक्‍टरी submit करा दिया गया. और ट्रांस मार्स इंजेक्शन (टीएमआई) ऑपरेशन का नाम दिया गया. और 20 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा लम्बी यात्रा शुरूआत थी. इसे 9 month समय लग गया था.


प्रमुख डॉ० के राधाकृष्णन ने कहा कि मंगल अभियान की परीक्षा में हम पास हुए या फेल, यह 24 सितम्बर को ही पता चलेगा.
4 दिसंबर 2013
मंगलयान 9.25 लाख किलोमीटर के दायरे पर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव के क्षेत्र से बाहर निकला
11 दिसंबर 2013
पहली दिशा संशोधन प्रक्रिया संपन्न हुआ
11 जून 2014
दूसरी दिशा संशोधन प्रक्रिया संपन्न हुआ
14 सितंबर 2014
अंतिम चरण के लिए आवश्यक कमांड्स अपलोड किया गया
22 सितंबर 2014
300 मंगलयान की  यात्रा में मुख्य इंजन 440 न्यूटन लिक्विड एपोजी मोटर को 4 सेकंड्स तक चलाकर देखा गया गया.  
24 सितम्बर 2014
सुबह 7:17 मिनट पर 440 न्यूटन लिक्विड एपोजी मोटर मंगलयान को मंगल की और ले जाने के लिए  थ्रस्टर्स का इस्तेमाल किया गया जिसकी मंगलयान गति 22.1 किमी प्रति सेकंड से घटाकर 4.4 किमी प्रति सेकंड करके मंगलयान को मंगलग्रह की कक्षा में जा पहुँचा.

और ..... सभी वैज्ञानिक खुशी से झूम उठे





104 सैटेलाइट भेजकर विश्वरिकॉर्ड बनाया
PSLV- C37

बुधवार को ISRO ने आंध्र प्रदेश श्रीहरिकोटा से एक साथ 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजकर विश्वरिकॉर्ड स्थापित किया और देश भर में डंका बज गई. रॉकेट के चार चरणों ने एक के बाद एक 320 टन वज़न और 50 पूरी तरह विकसित हाथियों के बराबर वज़न था. पीएसएलवी को अंतरिक्ष में पहुंचा दिया. इसके बाद उड़ान के 18 मिनट बीतते-बीतते तीन सैटेलाइट, तीनों भारतीय, अपनी-अपनी कक्षाओं में स्थापित कर दिए गए. उसके बाद सिर्फ 600 सेकंड के अंदर 101 अन्य सैटेलाइटों को भी जोड़ों में, अंतरिक्ष में छोड़ दिया गया.


15 फरवरी 2017, बुधवार को 714 किलोग्राम वजन वाली और 664 किलोग्राम वजन के 103 अन्य सहायक उपग्रहों के साथ में 9:28 मिनट पर रवाना हुआ. आपको जान कर हैरानी होगी की PSLV- C37 37 सफल मिशन को अंजाम दिया है.और PSLV- C37 की 39 वी उड़ान थी. 

पिछला रिकॉर्ड रूस का  नाम था, रूस ने नेपर रॉकेट से 2014 में एक साथ 37 सैटेलाइट लांच किया था, 2013 में मिनटॉर 1 से 29 सैटेलाइस एक साथ छोड़ने के अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA  के रिकॉर्ड को तोड़ा था.


 PSLV- C37 14 फरवरी को launch के लिए उलटी गिनती शुरू ही गयी थी.


PSLV.svg.png     
PSLV-C37 रॉकेट का मॉडल

मिशन प्रकार     
104 उपग्रहों का लांच
संचालक    
ISRO

                                   अंतरिक्ष यान के गुण | Spacecraft properties

अंतरिक्ष यान     
पोलर सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल
अंतरिक्ष यान प्रकार     
एक्सपेंडेबल लॉन्च व्हीकल
निर्माता     
ISRO
लॉन्च वजन    
3,20,000 किलोग्राम 7,10,000 पाउन्ड
पेलोड वजन
1,500 किलोग्राम 3,300 पाउन्ड

                                 मिशन का आरंभ  |  Start of mission

प्रक्षेपण तिथि    
09:28:00, फ़रवरी 15, 2017
रॉकेट    
पोलर सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल
प्रक्षेपण स्थल         
श्रीहरिकोटा लॉन्चिंग रेंज
ठेकेदार
ISRO

                                                     पेलोड  |  Payload

भारतीय उपग्रहों की सूची
कार्टोसैट-2डी, आईएनएस-1ए, आईएनएस -1बी
व 101 अन्य
द्रव्यमान
1,500 किलोग्राम 3,300 पाउन्ड

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