January 2017

पालीगंज में 68वे गणतंत्र दिवस धूम-धाम से मनाया जा रहा है, इसी मौके पर एसडीओं विनोद प्रसाद सिंह, अनुमण्डल और थाने परिसर में इंस्पेक्टर सह थानेदार सुबोध कुमार सिंह और बतौर मुख्य अतिथि गणतंत्र दिवस मानने अनुमण्डल आवास करीब सुबह 8:00am बजकर पहुँचे.



 कुछ मुख्य बातें

  • 8:16am से 8.30am बजकर कार्यालय में गणतंत्र दिवस मनाया जाता था,लेकिन अब टाइम बदल कर 8:15am और 8.30am हो गया है.  
  • पालीगंज अनुमण्डल अस्पताल में पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया गया. 

बिहार के पालीगंज में शराब बंदी पर नितीश कुमार ने कहा है, की अगर लागु करना है, तो कर दो, हालाँकि दो बार शराब बंदी में बिफल हो चुकी है, इस बार शराब बंदी पर सफल होने के कारगर पे है, पालीगंज की जनता चारो और रोड जाम कर छोटे बच्चे से लेकर बड़ो तक शराब बंदी का जागरूकता फैलाई जा रही है, और काफी उत्साह के साथ पालीगंज की जनता शराब बंदी पर निर्णय लिया गया.



इससे पहले भी हो चुकी है, शराब बंदी
1938 में डॉ कृष्ण सिंह की सरकार में शराब बंद हो चुकी है, 1978 में केंद्र की मोरारजी देसाई सरकार पुरे देश में शराब बंदी लागु की गए थी,1978 शराबबंदी के पीछे मोरारजी थे, लेकिन कांग्रेस ने शराबबंदी के सवाल पर राजी नहीं था,हालांकि  जगलाल चौधरी शराबबंदी  के खिलाफ खड़े रहे, जब कांग्रेस सरकार ने जगलाल चौधरी को 1952 में मंत्री नहीं बनाया गया तो, तब बिहार में काफी चर्चा थी,


लेकिन चौधरी ने शराबबंदी लागु करने के लिए अपनी मंत्री पद से गवाना पड़ा, आखिरकार 1946 में जगलाल चौधरी को मंत्री बनाए गए, पर जगलाल चौधरी की बिभाग बदल दिया गया,1952 में कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें मंत्री तक नहीं बनने दिया,काफी उथल -पुथल होने लगी थी,

उस व्कत महात्मा गाँधी जी ने कहा था : ये देख पीड़ा होती है.

 जगलाल चौधरी ने कोलकाता में मेडिकल पढ़ाई चोकर असहयोग आंदोलन में कूद पर थे, गांधीजी से यह कहा गया था, कि इसी आमदनी से सरकारी स्कूलों का खर्च चलता है, तो गांधी जी ने कहा कि  " यदि इस आमदनी के बंद होने से सभी पाठशालाओं को भी बंद कर देना पड़े तो उसे भी मैं सहन कर लूंगा. पर पैसे के लिए कुछ लोगों को पागल बनाने की इस प्रकार की नीति एकदम गलत है ’

क्या आप जानते है, इंसानो के साथ होता था, टॉर्चर और क्रूर बर्ताव तब की बात है, जब 5वी शताब्दी का दौर में भी क्रूरता और गुलामी की याद किया जाता था, काफी लोग गरीबी में जी रहे थे, लोगो ने राजा - महाराजा के यहाँ गुलामी करके अपना पेट भरते थे, अगर कभी गलती या क्राइम करने वाले के पास पैसे न होने के कारण उनके हाथ,पैर,और सर काट दिये जाते थे.

आइये हम आपको बताते है, पहले के लोग कैसे टॉर्चर और क्रूर करते थे


लकड़ी को नेकड कर घोड़े पे बैठा दिया जाता था



लकड़ी को नेकड कर घोड़े पे बैठा दिया जाता था, और गलती करने वालो को नेकेड कर घोड़े जैसे स्ट्रक्चर पर बिठा दिया जाता था और साथ ही दोनों पैरों में वजन लटका दिया जाता थे, इससे शरीर के धीरे-धीरे आधे हिस्से में बंट जाता था.

गलती हो जाने पर शरीर को आधा कर दिया जाता था


गलती करने वालो को पैर बांध कर और उल्टा लटका दिया जाता था, और शरीर को बीचो-बिच काट दिया जाता था. 



गलती करने पर कील वाली कुर्सी पर बांध दिए जाते थे, लोगो को

टॉर्चर और क्रूर करने के लिए 1800 तक यूरोप में इस्तेमाल किया जाता था, इस कुर्सी के हर हिस्से में लोहे के कील लगी हुई रहती थी, और अपराधी को इस कुर्सी पर बांध दिया जाता था, और येही नहीं लोहे के कुर्सी के निचे आग भी जाल देते थे. 

गिलोटिन डिवाइस से अपराधी का सर अलग कर दिए जाते थे.

अपराधी को गिलोटिन डिवाइस से सिर को अलग कर दिए जाते थे.


पिरामिड की कुर्सी पर बैठा कर अपराधी को टॉर्चर करना

क्या आप जानते है, अपराधी को पिरामिड की कुर्सी के पॉइंट पर बैठा कर उसके शरीर को अलग - अलग कर दिए जाते थे, और हिस्सों को रस्सियों से बांधकर हिलाया जाता था, ऐसे में अपराधी की प्राइवेट पार्ट जख्मी हो जाते थे, और मांसपेशियों के फटने से कई बार इन्फेक्शन के कारण इंसान की जान चली जाती थी.
 
अपराधी को सूली पर चढ़ाया जाता था

आपराधियो को सजा देना आदम कल से ही होता चल रहा है, और किसी किसी देश आज भी होती है, जीसस क्राइस्ट के लिए इस्तेमाल होने के नाते इसके बारे में ज्यादातर लोग जानते हैं,लकड़ी के बने क्रॉस पर कैदियों को दोनों हाथ-पैर बाँधकर कीलें ठोक दी जाती हैं, अपराधी को तब - तक लटका कर छोड़ दिया जाता था,जब तक जान न निकल जाये,

गर्दन में मेटल के कांटेदार फ्रेम से अपराधी को बांधा जाता था

अपराधी को ये सजा देना दर्दनाक से काम नहीं है, इसमें गर्दन में मेटल के कांटेदार फ्रेम से अपराधी को बांधा जाता था, इसमें न खा पते और न गर्दन को हिला पाते,

पालीगंज में एक ऐसी घटना हुई है, जो आप सुनकर दंग रह जायेंगे, हालांकि ऐसे पहले भी हो चुकी है, लेकिन ये सोचने और देखने वाली बात है, पालीगंज हॉस्पिटल में एक महिला ने एलियन जैसे बच्चे को जन्म दि, और डॉक्टरों के बीच हड़कंप मच गया, बच्चे की शक्ल आम बच्चो की तरह नहीं था, पालीगंज में तीन दिन से बच्चे की देखने वालों की भीड़ लगी रही और ठीक तीन दिनों बाद उसकी मौत हो गई.


यह घटना, " पालीगंज आज़िम नगर " कॉलोनी में हुई थी, बच्चे की जन्म सुबह 8:00 बजे हुई थी, अद्भुत बच्चे की जन्म की खबर गाँव में आग की तरह फैल गई है, बताया जा रहा है, जब महिला ने अपने बच्चे को जन्म दी, तब महिला पूरी तरह से डर गई थी, बात ये है, की अजीबो-गरीबो बच्चे की शरीर को देख कर महिला डर गई थी, हलाकि महिला ने अपने बच्चे को जन्म दे कर अपने गोद में रखी, और कुछ घंटो बाद बिस्तर पे बच्चे को लिटा दिया गया,


डॉक्टर का कहना है, की इस तरह की मामला पहले भी हो चुकी है, और डॉक्टर ने कहा, की माँ और पिता के जिन में हुए म्यूटेशन की वजह से बच्चे पर असर हुई है,बच्चे के शरीर के ऊपर किराटीम लेयर होता है, जिसके कारन बच्चे की शरीर की त्वचा ऑक्सीजन नहीं ले पाती है,डॉक्टर ने इसे हर्लेक्विन इचथिस्योसिस बीमारी बताया, और 10 लाख बच्चों में से कोई एक बच्चा ऐसा होता है,


बच्चे की शरीर बिलकुल हरा था, ऐसा बताया गया है,और बच्चे की शरीर पर धारी - धारी चिन्ह आकृति बनी हुई थी, और बच्चे की शरीर और सिर भी  पूरी तरीके से विकसित नहीं हुई थी, और बच्चे की मुँह भी काफी बड़ा था, और इसकी वजह से सर लाल दिख रहे थे,

Aaj mai apko aisi bimari ke baare mein batane ja raha hu, Jise apko janna bahut hi jaruri hai, bhagawan na kare aisi naubat dekhno ko mile, ham baat kar rahe hai, ( HIV Aids ), naam sunte hi aisa lagta hai mano, puri duniya mein dahashat phail gai ho, lekin bat bilkul aisi hi hai, jee haan..puri duniya mein dahashat phel gai hai, india mein lagbhag 15-18 lakh log Hiv/Aids se sankramit hai, 2004 mein yeh anumaan lagaya gaya tha, india mein lagbhag 55 lakh Hiv/Aids se sankramit hai, puri duniya mein 35 - crore log ki jaan ja chuki hai.

HIV - Aids ka fullform hai ( Acquired Immune Deficiency syndrome |  मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु )




Aids ek ati Sookshm vishanu hai, jiske karan Aids ki bimari ho jati hai, Aids ek lakshan ki bimari bhi hai, Aids ke rog se insaan apna prakritik power kho deta hai or aam sardi jukam, phuphphus Pradah,TB, kshay rog, kark rog, jaise rog tak ho jate hai, kafi mushkilo se shamna karna padta hai, Aids/HIV ka ilaj karna bada mushkil ho jata hai, or inshan ki maut bhi ho sakti hai.

India mein Hiv / Aids se prabhavit hone ka karan kya hai, इंडिया में एचआईवी / एड्स से प्रभावित होने कारण क्या है.

  • Logo ko Aids/HIV ke bare mein sahi jankari na hone ke karan
  • Aids ya sex rog ke bare me sahi jankari na hona.
  • Sex ka gyan na hone ka karan bhi hai.
  • Garbh nirodhak ke bare me puri tarah se jankari na hona.


Aids Kaise Pata Chalta Hai
एड्स कैसे पता चलता है.

Actually me Hiv/Aids se sankramit logo lo lambe samy tak Hiv/Aids pata nahi chalta, yani 4 se 6 Month tak Hiv/Aids ke bare me kuch nahi pata chalta, mai aapko bataunga.

  1. Bukhar
Fever
    2.  Sir dard   
Headache
    3.  Thakan   
fatigue
    4.  Haiza
Cholera
    5.  Lsikaon me mein soojan
Lsikaon flammation
be careful fever ya kuch bhi rog ka karan bhi hai, Aids ka pechan parichan se kiya jata hai, tab Aids/HIV ke bare me pata chalta hai,ki Aids/HIV hai ya nahi.

Hiv/Aids sankraman ke do karan hai.

  1. Teevr Sankraman/तीव्र संक्रमण/(acute infection).
  2. nandanik vilambara or Aids/नैदानिक विलंबता एवं एड्स/(Clinical latency).


1. Teevr Sankraman | तीव्र संक्रमण | (Acute Infection)

Hum aapko Teevr Sankraman ke bare me batayege, actually HIV Sankraman ho jane ke bad use hum teevr HIV Sankraman or retroviral syndrome bhi kehate hai, kisi-kisi vektiyo me 2 se 5 week me influenza or mononucleosis jaisi bimari dhikhane lagta hai,

  • 40 to 95% Vyaktiyo me bimari ka lakshan(symptoms) dikhne lagte hai.
  • fever me sabse large tender ye hai, ki lymph nodes hona.
  • throat inflammation gale ki sujan hona.
  • Sir dard hona.
  • mouth and genitals hona.

20 to 50% kuch aise logo ko vomiting or diarrhea or Guillain barre syndrome jaise ke lakshan (symptoms) dikhate lagte hai, aam taur pe symptoms ki sima lagbhag 1 to 2 week hi hoti hai, yadi kisi bhi rogi ko baar - baar Fever hota hai, to aise situation me check up kara lena chahiye, HIV-Aids ka symptoms ho sakta hai.


2. Nandanik vilambara or Aids | नैदानिक विलंबता एवं एड्स | (Clinical latency)

hum is rog ko nandanik vilambara or asymptomatic & chronic HIV/Aids ( पुरानी एचआईवी ) bhi kehte hai,ye bimari ka dusara stage 2 to 3 year tak rehta hai,(karib 7-year),is rog me koi lakshan nahi dikhate, kitane logo ko is rog se fever or weight loss, gastrointestinal problems or Muscles me dard hota hai, 50 and 70% logo me 3 to 6 month ke under, jangh ki bagal me Lymbh glands ke alawa sujan se pata chalta hai,
Actually HIV-1 se sankramit vektiyo me ak viral load rehta hai, mai aapko bata du ki ak bahut badi wajah hai Aids/HIV hone ka, jab log jaan nahi pate or ilaj me der kar dete hai, iske karan Aids me rog convert ho jata hai,
About 6%  antiretroviral therapy (एड्स की चिकित्सा), 4 year tak sharir me CD4+T bani rehta hai,





Aids ( एड्स )

Aids kya hai, aapko pata chal gaya hai, lekin kya aapko pata hai, Aaids kitane Types ke hote hai, nahi na Don’t worry mai aapko bataunga.

Actually Aids 2 types se defined hai,
  • Jab CD4-T cell ki count kiya jaye to 2000 hai, or  μL bhaut kam hoti hai, vektiyo ke sharir me HIV rog ke karan CD4-T Creat/Utpan hote hai.
  • pneumocystis pneumonia (न्युमोसाईतिस निमोनिया ) 40% vekti me bahut kamjori or weight loose, muscle me khichao,Bhukh na lagna,Thakan hona.
  • 20% Esophageal candidiasis(grass nali ka sankraman) ka shikara hote hai.
  • respiratory tract infections(श्वास नलिका) me bahut bar is tarah ka lakshan hota hote.
  • Opportunistic infections(अवसरवादी संक्रमण),bacteria, viruses,fungi and  parasites ka karan hota hai.


Hastmaithun & sambhog Dvara HIV/Aids
हस्तमैथुन या सम्भोग द्वारा एचआईवी/एड्स

India me 4cr,20Lakh HIV / AIDS ka sabse bada karna hai, sankramit vektiyo ke sath sex(यौन), jaise ma aapko bata du male and female ke bich sex hone se HIV / AIDS ka karna hai, ye hi nahi puri duniya me tehelka machi huye hai,or dusre country me HIV / AIDS alag-alag trike se huye hai,

  • Male or Female me kisme kitna Aids hai
  • पुरुष और स्त्री में किसमे कितना एड्स है

  • kam varsh ke Countries mein Female vs Male se sankraman anumaan 0.38%, jabki Female vs Male me sankraman ka anumaan 0.30% hai,
  • or uche countries mein Female vs Male me sankraman 0.04%, jabki Male vs Female me 0.08% hai.

hastmaithun se HIV / AIDS sankraman ka dar kam rehta hai, lekin kabhi khatam nahi hota.


Kya aapko pata hai, Rakt se bhi HIV / AIDS ho sakta hai
क्या आपको पता है, रक्त से भी एचआईवी/एड्स हो सकता है.

Ji haa apne sahi suna, Rakt se bhi Hiv /Aids ho sakta hai, bilkul na dare actually mai aapko region bhi batata hu, kyu or kaise…

Jab veykatiyo ko kabhi-kabhi fever ya bahut jada tabiyat kharab ho jati hai, to Rakt ki kami bhi padh jati hai, to aam taur par Doctor Blood (Rakt) Chadhan ke liye maang karte hai, ki Blood ki bahut kami agaye hai, inhe Blood chadhana padega,blood ko Adan or Pradan karne se bhi hota hai, Hiv / Aids Blood Chadhane se pehale hi blood me sankraman hote hai, to  bimar veykatiyo ko sankraman Blood chadhane se 0.3% Hiv / Aids ho jata hai,or dusara karan ye bhi hai, ki ak rogi veykti ko injection de dene se or wahi injection dusre rogi veykti ko diya jaye to Hiv / Aids ho sakte hai, Medicine and injection apas me mil baat kar lagane se 0.63 or 2.4% Hiv / Aids hota hai, 2009 mein America me 12% kuch aise log hai, Jo naso me nasali medicine use karte hai, 80% se jyada log Hiv+ mile hai,



HIV and pregnancy and HIV and breastfeeding
एचआईवी और गर्भावस्था और एचआईवी और स्तनपान


Hiv+ Mahila pregnant hai,to pet me pal rahe bache(baby) ko sankraman hone ka jayda sumbhawana hai, sankraman Pregnancy(संक्रमण गर्भ),Delivery or feeding breast (प्रसव या स्तनपान) se bhi hoti hai,actually is rog se koi inoculation (टीकाकरण) nahi hoti hai,but market me medicine available hai, mai aapko bata du ki ye medicine 100% kaam nahi karti hai, but rog ko baby tak pahuchane se bach sakti hai.  





Next mai aapko | Aids se kaise bache, mai aapko bataunga tab tak aap Paliganjtimes | Health | Check karte rahe | agar aap bhi Paliganjtimes ke liye Likhna chate hai, to mujse email kare jo aapko uper me email diya gaya hai.
 

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