2017

लंकादहन समारोह में पालीगंज चन्ढोस दुर्गा पूजा द्वारा हर साल बड़े ही सुंदर और मनमोहक नाट्य मंच कलाकारों द्वारा पिछले 1998 से ही लगभग 18 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है, जिसमें सुन्दर कांड की प्रस्तुति किया गया, राम का वन गमन ,मृग वध ,सीता हरण ,जटायु वध ,लंका दहन हनुमान का ,और अंत में राम द्वारा रावण और लक्षणम द्वारा मेघनाथ वध किया गया. 







पालीगंज :  दुर्गापूजा के दौरान माहौल एकदम भक्त‍िमय हो उठता है, इस पूजा के आयोजन में हर किसी की यह भी इच्छा होती है, कि उसे भव्य पंडालों और उसकी मनमोहक झांकी को भी निहारने का मौका मिले.

भव्य पूजा पंडाल की एक झलक 

पालीगंज में जगह-जगह पूजा पंडालों में माता रानी के दर्शन पूजन के लिए सैलाब उमड़ रहा है, विभिन्न जगहों पर पंडालों में दर्शन पूजन करके प्रसाद ग्रहण कर रहे थे, और साथ ही माता से अपनी मनोकामना के लिए घर में शांति समृद्धि और सुख की प्राप्ति के लिए प्रार्थना भी कर रहे थे.






पालीगंज में मुख्य रूप से  शिव मंदिर  और , देवी स्थान , पुरानी बाजार , डी पाली , पुरानी सरैया, सहित दर्जनों स्थानों पर पूजा में लोगों की भीड़ ज्यादा उमड़

मुंबई : के परेल एलफिस्टन रेलवे ब्रिज पर भगदड़ मच गई, जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई है, वहीं 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं, जिसमें से कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, बताया जा रहा है, कि पुल गिरने की अफवाह के बाद से मची भगदड़ के चलते यह हादसा हुआ है, राहत बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है, रेलवे के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने कहा कि इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है, पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, पीयूष गोयल भी मुंबई में ही है,और स्थिती पर नजर बनाए हुए हैं, रेल मंत्री पीयूष घोयल ने भी हादसे के जांच के आदेश दे दिए हैं, महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने मृतकों के परिजानों को 5 लाख रुपए देने का ऐलान किया है, वहीं घायलों में हर तरह ही मेडिकल सुविधा दी जाएगी.


वेस्टर्न रेलवे रवींद्र भाकड़ ने बताया कि बारिश की वजह से फिसलन हो रही थी, जैसे ही ट्रेन आई तो आगे वाले लोग फिसले, जिसके बाद पीछे वाले भी गिरते चले गए, वैसे तो सुबह-सुबह ही भारी भीड़ ट्रेनों के जरिए निकल जाती है, लेकिन नवमी और भारी बारिश की वजह से लोग आज यहां इकट्ठे हो गए थे.

एक चश्मदीदों ने बताया कि, " अचानक चारों और से आवाज आने लगी कि भागो ब्रिज टूट गया है, जिसके बाद लोग भागने लगे, इस भगदड़ में कई लोग नीचे गिर गए, कुछ लोग उनके ऊपर चढ़ गए, ज्यादा लोगों की मौत दबने से हुई है.

मुंबई : " यमला पगला दीवाना, फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म " यमला पगला दीवाना फिर से, पूरी तरह से देसी फिल्म होगी, यानि की पिछली कड़ी की तरह इसे विदेशों में शूट नहीं किया जाएगा, बल्कि हैदराबाद की रामोजी फिल्मसिटी समेत देशी लोकेशंस पर ही फिल्माया जाएगा, 



एक खास मुलाकात में सनी देओल ने ये जानकारी दी, बातचीत में सनी ने बताया कि " यमला पगला दीवाना दोबारा, में उनसे कुछ चूक हो गई थी, जिसकी वजह से दर्शकों ने उसे नकार दिया. 

हम तीनों " सनी, बॉबी और धर्मेंद्र, ने तय किया है, कि तीसरे पार्ट में हम किसी विदेशी लोकेशंस पर नहीं जाएंगे इस बार कहानी को पूरी तरह देसी रखा गया है, हमने हैदराबाद की रामोजी राव फिल्मसिटी में पहला शेड्यूल पूरा कर लिया है, इसमें मैं, बॉबी और पापा (धर्मेंद्र) शामिल थे, इस बार बॉबी के अपोजिट काजल अग्रवाल हैं, मुझे लगता है, कि  " यमला पगला दीवाना, के दूसरे पार्ट में हमसे थोड़ी गलती हो गई थी, शायद इसीलिए दर्शकों ने इसे बहुत ज्यादा पसंद नहीं किया.


दुनिया की सबसे खूंखार आतंकी " ओसामा बीन लादेन, की मौत ने लोगों को चैन की सांस लेने का मौका दिया था, वो दिन 2 मई, 2011 को एबटाबाद, पाकिस्तान में लादेन को पकड़ने के लिए हुए रेड में 41 साल के " रोबर्ट ओ नील, भी सील टीम 6 के मेम्बर थे, इन्ही की गोली से लादेन की मौत हुई थी, नील ने पिछले महीने ही दूसरी शादी की है, 27 साल की जेसिका को शुरुआत में पता भी नहीं था, कि जिन्हें वो डेट कर रही हैं, उसने लादेन जैसे आतंकवादी को शूट किया था,दोनों की शादी की तस्वीरें DailyMail ने एक्सक्लूसिवली जारी की है.





नील अपनी शादी में बिना वेडिंग रिंग के पहुंचे थे, उनकी शादी पुलिस की टाइट सिक्युरिटी में हुई, इसमें कई नामी-गिरामी हस्तियों ने भी शिरकत की थी, ये कपल अब मोंटाना में शिफ्ट हो गया है, कपल की हनीमून फोटोज भी जारी की गई है, जिसमें दोनों बोरा बोरा आइलैंड पर रोमांस करते नजर आ रहे हैं.




नील ने 2012 में मिलिट्री छोड़ दी थी, अपने करियर में उन्होंने कई देशों में टूर किया, जिसमें इराक और अफगानिस्तान समेत चार अलग-अलग वॉर जोंस शामिल हैं, शादी से पहले नील जेसिका से एक बार में मिले थे, जहां दोनों को पहली नजर में प्यार हो गया, 11 महीने एक-दूसरे को डेट करने के बाद नील ने जेसिका को शादी के लिए प्रपोज किया था, जेसिका ने बताया कि दोनों की बातचीत में लादेन का जिक्र कहीं नहीं होता, उनकी पर्सनल लाइफ काफी अलग है.





लादेन को मारने के बाद नील नहीं चाहते थे, कि उनका नाम पब्लिक किया जाए, लेकिन ऑपरेशन से लौटते के बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में अपनों को गंवा चुके एक परिवार से मिलने के बाद नील ने अपना नाम पब्लिक कर दिया, ऑपरेशन के तीन साल बाद नील ने सबके सामने आने का फैसला किया.

जिंदगी में टॉयलेट बहुत इम्पोर्टेन्ट होता है, क्योंकि इसके बगैर किसी का काम नहीं चल सकता, लेकिन इस बात पर कभी चर्चा नहीं होती क्योंकि ये बहुत प्राइवेट जगह होती है, लोग ज्यादा से ज्यादा इसकी साफ सफाई के बारे में ही बात करते हैं, लेकिन हम लाए हैं कुछ ऐसी टॉयलेट्स जो कि चर्चा के लायक हैं, आखिर है क्या इनमें ऐसा.


जहां आपने अभी तक ऑर्डनरी इंडियन या वेस्टर्न टॉयलेट्स ही देखे होंगे, वहीं ये टॉयलेट्स आर्किटेक्ट्स ने अपनी क्रिएटिविटी का पूरा इस्तेमाल करते हुए बनाए हैं, और इन टॉयलेट का इस्तेमाल करना एक अलग ही एक्सपीरियंस होता है, इन में से कुछ आपको डरा सकते हैं, तो कुछ का यूज करते हुए आपको शर्म भी आ सकती है.


तो चलिए रूबरू कराते हैं, 




बिगुल के आकर का बना टॉयलेट।

ऐसे टॉयलेट को देख कर कोई भी डर सकता है

इस टॉयलेट में जाकर ऐसा महसूस होता है कि जैसे कोई आपको देख रहा हो

यहां टॉयलेट करते वक्त गेम्स भी खेले जा सकते हैं

यहां बैठकर ऐसा लगता है मानो नीचे कुछ न हो


बर्फ के बीच बना टॉयलेट

फूलों के आकार के टॉयलेट

यहां अंदर से बाहर सब कुछ दिखता है लेकिन बाहर से भीतर का कुछ नहीं दिखता

पालीगंज : अनुमंडल क्षेत्रों में आगामी दो महत्वपूर्ण त्योहारों दशहरे औऱ मुहर्रम को देखते हुए इसे शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए विधिव्यवस्था के साथ साथ आम नागरिकों की सुविधाओं और सुरक्षा के मद्देनजर रखते हुए,  अनुमंडलाधिकारी अनिल कुमार राय के नेतृत्व में उच्चस्तरीय अनुमंडल के सभी पदाधिकारियो और गण्यमान्य लोगो के साथ अहम बैठक आयोजित किया गया. 


जिसमे अनुमंडल के तीनों प्रखंड " पालीगंज,दुल्हिन बाजार और बिक्रम, और सभी छह थाने क्षेत्रों में स्थापित होने वाली माँ दुर्गे की प्रतिमायों के साथ साथ लगने वाले दशहरे के अवसर पर विभिन्न जगहों पर मेले ,रावण वध की तैयारियों और मुहर्रम में निकलने वाले ताजिया जुलुश पर विशेष रूप से तैयारियों की विस्तृत रूप से जायजा लेने के साथ साथ क्षेत्र में विधिव्यवस्था की पुख्ता इंतजामों की व्यवस्था के साथ दोनो महत्वपूर्ण त्योहार को कैसे शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराए जाए इसकी रोडमैप तैयार होने के साथ सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन रूप से चर्चा किया गया.

इस बैठक में पुलिस उपाधीक्षक मनोज पाण्डेय,पूर्व विधायक दीनानाथ सिह यादव ,भजपा वरिष्ठ नेता पूर्व बिक्रम प्रमुख शशिभूषण शर्मा ,जिलापार्षद सर्वेश यादव ,जदयू के अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष मो. शाहिद भाई ,इंस्पेक्टर सह पालीगंज थानेदार सुबोध कुमार सिंह ,बिक्रम थानेदार राजेश कुमार ,सिंगोड़ी थानेदार मोहन कुमार ,दुल्हिन बाजार के थानेदार रंजीत कुमार यादव ,रानीतलाब के मुकेश शर्मा ,अनुमंडल अस्पताल प्रबंधक के के सिह के साथ साथ सभी थानों के थानेदार ,सभी प्रखंड के सीओ ,बीडीओ ,समेत कई जनप्रतिनिधि ,पदाधिकारी लोगों के साथ गण्यमान्य लोगों ने भाग लिया.




news : amlesh

मशहूर जोहान्स कैपलर जर्मन के गणितज्ञ और एस्ट्रोलॉजर थे, साइंटिस्ट कैपलर की मां को जादू टोना के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, यह 7 अगस्त 1620 की बात है,  इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं, भारत में जादू-टोने से जुड़ी बातें हैं, हालांकि, दुनिया के अधिकांश देशों की तरह भारत में भी जादू-टोने से जुड़ी गतिविधियां बैन हैं.



लेकिन फिर भी लोग कई बातों के लिए काले जादू पर न सिर्फ यकीन करते है, बल्कि उससे संबंधित गतिविधियां भी करते/करवाते हैं, हम आपको भारत की ऐसी 5 जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आज भी काला जादू किया जाता है, यह विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और विक्टिम्स की शिकायतों पर आधारित है, बड़े पैमाने पर मिलते हैं, नर कंकाल 

ओडीशा में  " कुशाभद्रा नदी, के किनारे कुछ समय पहले काले जादू की प्रैक्टिस किए जाने के संकेत मिले थे, कई लोगों पर अटैक की खबरें भी यहां आती रहती हैं, हालांकि, इस बात का अब तक कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन, जब शिकायत मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की तो कई ऐसी चीजें मिलीं, जिनसे पता चलता है कि यहां काले जादू की प्रैक्टिस की जाती है,यहां 20 से ज्यादा नरकंकाल और अन्य हड्डियां मिली थीं, साथ ही जानवरों की खोपड़ियां, फूल और कपड़ों के टुकड़े भी यहां मिले थे.




#  सुल्तान शाशी, हैदराबाद

 
इस जगह को काला जादू जैसी एक्टिविटीज का अड्डा माना जाता है। आरोप है कि यहां कुछ ऐसे बाबा रहते हैं, जो शादी के बाद आने वाली परेशानियों को दूर करने के नाम पर उनके साथ सेक्स तक करते हैं। यहां काला जादू करने वालों में महिलाएं भी होती हैं। सुल्तान शाशी में कुछ ऐसे लॉज भी चलते हैं, जहां लोग काले जादू की प्रैक्टिस करते हैं.



# पेरिंगोटुकारा, केरल
 
केरल के त्रिशूर स्थित इस छोटे से गांव में काला जादू किए जाने के प्रमाण मिले हैं, इसके चलते इस गांव की काफी चर्चा हुई है, यहां तक कि कई लोग तो यहां महज काला जादू होते देखने के नाम पर भी आते हैं, यहां चट्टान को भैंस की सवारी करने वाले विष्णु का प्रतीक मानते हैं जो जीवन की परेशानियों को दूर करते हैं। यहां पुजारी चट्टान के पास अलग- अलग तरह की पूजाएं करते हैं.



# निमतला घाट, कोलकाता

कोलकाता के निमतला घाट पर काला जादू करने के संकेत हमेशा से मिलते रहे हैं, रात के समय में यहां पर अघोरी आकर काले जादू की प्रैक्टिस करते हैं, कहते हैं, कि यहां श्मशान में भी अघोरी देर रात को चिता के जलने के बाद बचे हुए मांस को खाते हैं और इसे शक्तियां पैदा करने के लिए जरूरी बताते हैं। इस संबंध में जनता के बीच कई कहानियां प्रचलित हैं.


# मायोंग, असम
 
मायोंग काला जादू का दूसरा नाम बन चुका है, इस जगह का नाम संस्कृत शब्द माया, यानी इल्यूशन से संबंधित है, यहां लोगों के हवा में गायब होने, इंसानों से जानवरों में परिवर्तित होने की कई कहानियां प्रचलित हैं और ऐसा अपनी आंखों से देखने के दावे भी किए जाते हैं.

वाराणसी : छात्रा से छेड़खानी को लेकर BHU में 21 सितंबर से शुरू हुआ बवाल फि‍लहाल शांत है, लेकिन स्थि‍ति‍ तनावपूर्ण है, करीब 1000 स्टूडेंट्स के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है, जबकि लाठीचार्ज मामले में 5 अफसरों पर गाज गिरी है, मामले की जांच रिपोर्ट में कमिश्नर ने यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन को जिम्मेदार बताया है, वहीं, VC ने लाठीचार्ज की बात को झूठा करार दिया है.




डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने बनारस के सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में सोमवार से 2 अक्टूबर तक छुट्टी का एलान कर दिया है, हॉस्टल की स्थि‍त‍ि, लड़कों की अश्लील हरकतें, छेड़खानी, लाइटिंग जैसी कई मामले हैं, छात्राओं ने कहा कि उन्होंने कॉलेज प्रशासन को कई बार इन परेशानियों के बारे में बताया, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया.

# रेप नहीं, बाकी सबकुछ हुअा छात्रा के साथ : 
 
  • 21 सितंबर को जिस लड़की के साथ छेड़खानी हुई उसकी साथी ने बताया, '' शाम के करीब 7:30 बजे थे, ड्रिंक किए हुए तीन लड़के आए और छेड़खानी करने लगे, उन्होंने मेरी फ्रेंड के साथ बस रेप नहीं किया, बाकी सबकुछ किया.
  • हॉस्टल में रहने वाली थर्ड ईयर स्टूडेंट ने बताया, " हॉस्टल की खिड़कियों पर लड़के पत्थर में लेटर लिखकर फेंकते है, खिड़कियों पर खड़ा होने पर लड़कियों को अश्लील इशारे करते हैं, विरोध करने पर कहते हैं, कैंपस में दौड़ाकर कपड़े फाड़ देंगे.
  • प्रोटेस्ट में शाम‍िल हुए छात्रा ने कहा, " कैंपस में ही लड़के फिजिकली एब्यूज करते हैं, कपड़े फाड़ने की धमकी तक दी जाती है, जब इसकी शि‍कायत करो तो कार्रवाई की जगह खामोश रहने की बात कही जाती है. 
  • बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा ने बताया, '' एक दिन हॉस्टल में शाम करीब 6 बजे वॉक कर रही थी, पीछे से फेस पर रुमाल बांधे दो बाइक से दो लड़के आए और मेरी चोटी खींचकर भाग गए, सीनियर्स को बताया तो उन्होंने कहा कि कंप्लेन का कोई फायदा नहीं, कुछ नहीं होगा.


# पहले किया कमेंट,  फि‍र गालियां देते हुए भाग गए
  • एक अन्य छात्रा ने बताया, ''नोट्स या किसी काम से हॉस्टल जाना पड़ता है, लौटते समय अंधेरा हो जाता है, अक्सर लड़कों का झुंड लगा रहता है, जो कमेंट करता है, शाम को मत निकला करो, कुछ हो जाएगा तो कहोगी छेड़ दिया। ऐसे कई कमेंट करते हैं.
  • थर्ड ईयर की एक छात्रा ने बताया, '' जब सेकेंड ईयर में थी तो एक बार फ्रेंड के साथ हॉस्टल लौट रही थी, लाइटें भी नहीं जल रही थीं, बाइक सवार 3 लोग आए और हमें रोक लिया, कहा- 'इतनी रात में घूम रही हो, 'वो' हो क्या' जब वि‍रोध किया तो गालियां देते हुए निकल गए. 
  • थर्ड ईयर की एक और छात्रा ने बताया, '' एक बार बाहर से फ्रेंड के साथ हॉस्टल आ रही थी, रात के करीब 8 बजे होंगे, दो लड़के चेहरे पर कपड़ा बांधे हुए हमारे पास आए और टच करने लगे, उन्होंने अश्लील हरकत की थी तो हमने विरोध किया और उन्हें दौड़ाया लगा मामला बढ़ न जाए, इसलिए शांत हो गए इसके बाद से कोशि‍श रहती थी 6 बजे के पहले ही हॉस्टल में आ जाएं.
  • फर्स्ट ईयर की छात्रा ने बताया, '' एक बार शाम को हॉस्टल में स्कूटी से टहल रही थी, दो लड़के स्कूटी से आए और कुछ कमेंट किया मैंने अनसुना किया और गाड़ी की स्पीड बढ़ा दी, लड़के ने पीछे से कोई चीज मारी उन्होंने गाड़ी ओवरटेक कर आगे लगा दी और नंबर मांगने लगे, मैंने मना किया तो गालियां देने लगे, इस दौरान सामने से कार आती देख वो भाग गए.



# छात्राओं ने लेटर में बताई थी ये परेशानी

1. हॉस्टल से आने-जाने का रास्ता सेफ नहीं है, रात में सुरक्षा अधि‍कारी की तैनाती नहीं की गई है.
2. आए दिन रास्ते में छेड़छाड़ की घटनाएं होती रहती हैं.
3. अन्तर्राष्ट्रीय छात्राओं को भी इस क्षेत्र में अभद्रता का सामना करना पड़ा है, जोकि हमसब के लिए शर्मनाक है.
4. लड़के हॉस्टल के बाहर आकर आपत्ति‍जनक हरकतें करते हैं - जैसे पत्थर फेंकना, आपत्ति‍जनक शब्द बोलते हुए निकला.


# ये हैं छात्राओं की तीन डि‍मांड

1. आरक्षी (कॉन्टेबल) की तैनाती पूरी रात तक की जाए.
2. हॉस्टल क्षेत्र में पर्याप्त लाइट की व्यवस्था की जाए.
3. हॉस्टल के रास्ते में होने वाली आपत्त‍ि‍जनक हरकतों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के लिए CCTV कैमरों की व्यवस्था की जाए.



# इससे पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं : अप्रैल 2015 में भगवानदास हॉस्टल के एलएलबी सेक्शन के छात्र IIT की छात्रा से छेड़खानी के मामले को लेकर भिड़े थे, बवाल में 16 छात्र घायल हुए, 6 गाड़ि‍यां जलाई गई। छात्राओं ने सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरा लगवाने की मांग की थी.

  • 13 मई 2015 में एनआरआई रिसर्च स्टूडेंट से छेड़खानी को लेकर रात भर वीसी आवास पर लड़कियों का प्रोटेस्ट। दूसरे दिन वीसी जीसी त्रिपाठी त्रिवेणी हॉस्टल पहुंचे और डेढ़ घंटे तक बातचीत की, आश्वासन देकर लड़कियों को मनाया.
  • 25 मई 2016 को 24 घंटे साइबर लाइब्रेरी को लेकर छात्रों ने गांधीवादी तरीके से विरोध किया, उपद्रवी छात्रों ने कवरेज कर रहे मीडिया को भी निशाना बनाया आरोप था कि बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों के सामने उपद्रवियों ने 'आप' की महिला कार्यकर्ताओं के कपड़े तक फाड़े। इस मामले में 9 छात्रों के खिलाफ पहले केस दर्ज किया गया था, जिसे वापस लेने की मांग की गई.

# 21 सितंबर 2017 को क्या हुआ.

  • विवाद की शुरुआत 21 सितंबर को हुई आरोप है कि आर्ट्स फैकल्टी की एक स्टूडेंट के साथ तीन लड़कों ने छेड़छाड़ की.
  • लड़कियों का कहना है कि इस घटना की शिकायत वार्डन और चीफ प्रॉक्टर से करने पर भी कोई एक्शन नहीं लिया गया, उल्टा लड़कियों को रात में होस्टल से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई.
  • इस घटना के विरोध में सैंकड़ों गर्ल्स स्टूडेंट्स सिक्युरिटी की मांग को लेकर 22 सितंबर की सुबह से धरने पर बैठ गईं.
  • शनिवार की रात वे वाइस चांसलर (वीसी) जीसी त्रिपाठी से बात करने के लिए कैम्पस में स्थित उनके बंगले पर पहुंचीं। उनके साथ कई ब्वाय स्टूडेंट्स भी थे.
  • उन्हें रोकने की कोशिश नाकाम होने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, इसमें एक लड़की समेत तीन स्टूडेंटस जख्मी हुए थे। बाद में स्टूडेंट्स ने कैम्पस में जमकर तोड़फोड़ की कुछ टू-व्हीलर्स में आग लगा दी गई.

BHU : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में छेड़खानी के खिलाफ सुरक्षा की मांग कर रही छात्राओं पर लाठीचार्ज के मामले पर शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने मामले की जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है.




जिसमें बवाल बढ़ने के लिए BHU प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है. वहीं, यूपी सरकार ने बीएचयू में हिंसा मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं.
 




मामले को लेकर आजतक के सवाल पर भड़के BHU के वीसी गिरीशचंद्र त्रिपाठी ने कहा, " मैं इस मामले में अपनी गलती क्यों स्वीकार करूं? हमने भी अपनी कमेटी रिपोर्ट तैयार की है, जिसको पेश किया जाएगा. फिलहाल मैं कार्यकारी बैठक के लिए दिल्ली आया हूं,  इस दौरान उन्होंने मीडिया को भी आड़े हाथों लिया, उन्होंने कहा कि मीडिया एजेंडा चला रही है और अन्याय कर रही है.

मामले को लेकर वाराणसी कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने BHU के वीसी को दिल्ली तलब किया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने BHU हिंसा की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. 




सूत्रो की माने तो अब BHU VC को छुट्टी पर भेजा जा सकता है, इसके अलावा BHU ने मेसर्स शिव शक्ति सिक्युरिटी सर्विसेज को पत्र लिखकर तुरंत 20 महिला सुरक्षाकर्मियों की मांग की है, इसमें प्राथमिकता के आधार पर 20 महिला सुरक्षाकर्मियों विश्वविद्यालय की छात्राओं की सुरक्षा में तैनात करने का निर्देश दिया गया है.



वाराणसी कमिश्नर नितिन गोकर्ण ने चीफ सेकेट्ररी राजीव कुमार को दी गई अपनी रिपोर्ट में बताया कि बीएचयू के प्रशासन ने पीड़ित की शिकायत पर ढंग से कार्रवाई नहीं की और ना ही हालात को सही तरीके से संभाला गया. बता दें कि BHU में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के बाद किए जा रहे धरना प्रदर्शन और विरोध से माहौल काफी बिगड़ गया था.

रेवाड़ी ( हरियाणा ) :  एक लेडी टीचर अपनी 6 साल की बेटी को कमर पर चुन्नी से बांधकर नहर में कूद गई, इससे दोनों की डूबने से मौत हो गई, पुलिस ने गोताखाेरों की मदद से शवों को नहर से बाहर निकाला गया  मृतका के पिता ने उसके पति, सास व ससुर के खिलाफ मारपीट और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है.


पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, सुबह निकली थी घर से, नहर में मिले मां-बेटी के शव... सेक्टर-3 में रहने वाली 30 वर्षीय सरिता एक प्राइवेट स्कूल में टीचर थी, उसकी शादी 8 साल पहले अनुभव नामक युवक के साथ हुई थी.




मौके पर पहुंचे मायके वालों का आरोप है, कि सरिता का पति अनुभव शराब पीने का आदी है, जिसकी वजह से घर में अक्सर झगड़ा होता रहता था, साथ ही सास-ससुर की तरफ से दहेज को लेकर भी दबाव बनाया जा रहा था, मायके वालों ने बताया कि सरिता अपनी 6 साल की बेटी रिद्धिमा को लेकर बुधवार सुबह घर से निकली थी.नहीं लौटने पर उसे तलाश किया गया, शाम को दाेनों के शव जवाहर लाल नेहरू कैनाल में मिले बाद में गोताखोरों ने शवों को बाहर निकाला गया.

कसौला थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों ने ससुराल पक्ष के लोगों पर आरोप लगाए हैं, शिकायत के आधार पर पति अनुभव, सास और ससुर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है, जांच में ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।

आज षष्ठी है, यानी " शारदीय दुर्गा माँ, आज मां पंडालों में आ चुकी हैं, वैसे तो पंचमी के दिन ही मां थान पर बैठ जाती हैं,  लेकिन आज उनके दर्शन होते हैं, मूर्तियों के चेहरे षष्टी पूजन होने के बाद ही खोले जाते हैं, सभी दुर्गा प्रतिमाओं के साथ-साथ भगवान कार्तिक, भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और मां सरस्वती भी होती हैं. 



क्या आपको पता है, कि दुर्गा की मूर्ति किस मिट्टी से बनाई जाती है, दुर्गा की मूर्ति बनाने के लिए पुण्य मिट्टी की भी आवश्यकता होती है, पुण्य माटी " बांग्ला  / मिटटी को वैश्याओं के आंगन से ही लाना पड़ता है, मिटटी के इस थोड़े से भाग के लिए भीख मांगकर लाने की परंपरा है, पुरोहित के मंत्रोच्चार के साथ ही यह मिटटी मां दुर्गा के मूर्ति में सजने के लिए तैयार हो जाती है.

शरद दुर्गा पूजा यानी शरद उत्सव असल में एक सामाजिक-सांस्कृतिक उत्सव है, हर तरफ एक से बढ़कर एक पंडाल, देवी दुर्गा की अलग अलग शैली में बनी मूर्तियां इस त्योहार में कला के मौजूदगी को दिखाती है, पर ये महा उत्सव असल में आज की दौर में कब और कैसे शुरू हुआ.


तथ्यों की मानें तो पहला दुर्गा पूजा साल 1606 में नदिया ज़िले में हुआ था, बड़े बड़े ज़मींदारों के घर में ही मां दुर्गा के लिए यह महा आयोजन किया जाता था, यह घरेलु पूजाएं आज भी कई जगह बहुत बड़े स्तर पर मौजूद है, जहां देवी दुर्गा को आज भी अपने घर की बेटी मानकर, निष्ठा से पूजते हैं, लोग फिर एक दौर आया जब यह दुर्गा पूजा महोत्सव घरों की चार दीवारी को तोड़कर सार्वजनिक रूप में बाहर आई कहते हैं, हुगली में एक घर के दुर्गा पूजा में 12 लोगों को घुसने से वर्जित किया गया था, और इन 12 लोगों ने एक समिति बनाकर पहली बार बरॉयारी यानी बारह यारों ने मिलकर सार्वजनीन दुर्गा पूजा का आरम्भ किया.
 

आज भी सार्वजनीन दुर्गा पूजा को बंगाली बहुल समाज में बारोयारी कहते हैं, 1910 में पहला सार्वजनीन दुर्गा पूजा कोलकाता में आयोजित हुआ, और तब से लेकर आज तक यह उत्सव हर लिंग, हर धर्म, हर जात, हर किसीके लिए सुगम है.

समाज में रहने वाले लोगों की ऐसी मानसिकता हो गई है, कि वो पिछड़े तबके वालों से बातें करना पसंद नहीं करते, लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं, जो इनकी तकलीफों को जानने के लिए इनके करीब जाते हैं, इनसे यूं घुल-मिल जाते हैं, मानों उनका ही हिस्सा हों.



तस्वीरों में दिखाया सेक्स वर्कर का ऐसा रूप

फिर इनकी जिंदगी के अनदेखे पहलु लोगों के साथ शेयर करते हैं, इंटरनेशनल फोटोग्राफर आकाश इन्हीं लोगों में से एक हैं, जिन्हें माना जाता है, गंदा, उनसे गले मिलता है ये शख्स, मूल रूप से बांग्लादेश के ढाका में रहने वाले आकाश ह्यूमैनिटेरियन फोटोग्राफर हैं, ये समाज के उन जगहों पर जाकर फोटोज खींचते हैं, जहां जाना सभ्य लोग अवॉयड करते हैं.








पैसों को लेकर चलता है मोल-भाव
अभी तक 100 से ज्यादा अवार्ड जीत चुके आकाश की तस्वीरें देख आप उन लोगों की जिंदगी को इतने महसूस करेंगे, जिनसे आप बातें भी नहीं करना पसंद करेंगे.





कई बार बाहर जाकर क्लाइंट लाती हैं सेक्स वर्कर्स

लोग सेक्स वर्कर्स को अपनी पसंद से चुनते हैं



सेक्स वर्कर्स से लेकर सड़क पर पड़े भिखारियों, कचरा बीनने वालों और बाल मजदूरों की आकाश ने ऐसी फोटोज क्लिक की है, जिसे देख इनकी जिंदगी में मौजूद दर्द को महसूस किया जा सकता है, एक प्रोजेक्ट के तहत आकाश ने बांग्लादेश के रेड लाइट एरिया की फोटोज क्लिक कर लोगों को उनकी जिंदगी नजदीक से दिखाई.



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