पालीगंज रेफरल अस्पताल 20 साल से ठप

उग्रवाद प्रभावित अति संवेदनशील अनुमंडल पालीगंज पिछले ढाई दशक में विकास के पटरी से उत्तर चुकी यह क्षेत्र अपने पूर्वजो के विरासत को सम्भालने में नाकाम रही है,आप कहे की पिछले 25 वर्षो में अपने जनप्रतिनियो ने इस धरती को भरपूर दोहन कर अपनी जेब भरते हुए उपेक्षित करते थे, अपनी इसे बदनसीबी के ओर धकेल दिया है, वैसे तो अनेको समस्याए है,


 पालीगंज रेफरल अस्पताल 20 साल से ठप 
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पालीगंज को अनुमंडल के दर्जे मिले हुए लगभग 10 वर्षो से ऊपर हो चुकी है, परन्तु आज तक सभी अनुमंडल स्तरीय सुविधाए नही दे सकी है, राज्य सरकार जिसमे कम से कम अनुमंडल स्तरीय एक 100 बेड के अस्पताल तो होनी ही चाहिए थी, लेकिन अभी नही बन सकी है, इस अस्पताल में एक भी इमरजेंसी बेड उपलब्ध नही है, 


 पालीगंज रेफरल अस्पताल 20 साल से ठप

इस अस्पताल के इछले इतिहास को देखे तो 6 जनवरी 1991 को तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने विधायक शेरे विहार श्री रामलखन सिंह यादव के अध्यक्षता में नवनिर्मित रेफरल अस्पताल भवन के उद्घाटन समारोह सम्पन्न हुवा था,इस कार्यक्रम में सुधा श्रीवास्तव जोकि यह रामलखन बाबू के ही प्रयास के नतीजे से रेफरल अस्पताल को अमलीजामा पहुँचाया गया था,जोकि करोडो की लागत से यह भवन बनी थी, यह रेफरल अस्पताल की निर्माणमें लो क्वालिटी के मैटीरीअल के इस्तेमाल से बना इसकी भवन आज जर्जर हो कई वर्ष पूर्व ही इसे बंद कर दिया गया, 
 
 पालीगंज रेफरल अस्पताल 20 साल से ठप

यह रेफरल अस्पताल भी लालू सरकार के कार्यकाल में बनाई गई, 1991 में बारह वर्ष बाद ही 2003 तीन में तत्कालीन विधायक दीनानाथ सिंह यादव के द्वारा भी एक बार मरम्मत भी करवा गया, इसके वावजूद भी यह लगभग 20 वर्ष की अलप अवधि के उम्र में ही बंद हो गया,यह रेफरल अस्पताल भवन आज अपनी दुर्दसा पर बेवसी के आंसू बहाने को मजबूर हो पूर्णत 5 वर्ष पूर्व ही बंद हो चुकी है, यह भवन पिछले लालू राज्य के कार्यक्रम के शानदार नमूना है,

आज वर्तमान विधायक जयवर्दन यादव उर्फ़ बच्चा बाबू के मजबूत कंधो पर इस अनुमंडल के सारी भार आ चुकी है, जिस प्रकार के उन्होंने अपनी पहली ही विधानसभा के सत्र में हर दिन उपस्थिति दर्ज करवाते हुए, एक छोटे बच्चे की तरह जानने व सिखने की लालसे लिए हुए अपने क्षेत्र के विभिन्न समस्यों को एक एक कर विधानसभा के पटल पर उठाते हुए, अपने क्षेत्र के लिए विकास करने की भूख दिखाई, वह काबिले तारीफ है, जिसकी प्रशंसा जितनी भी की जाए वो कम होगी, 


कई समस्याए के साथ अनुमण्डल स्तरीय अस्पताल की सभी सुविधाओं के साथ पोस्टमार्टम घर ,सदर अस्पताल की दर्जे के मांग को सरकार से मांगते हुए, इसे जल्द पूरा हो उम्मीदे लगाए है, पोस्टमार्टम के लिए सरकार के आदेश पर जमीन की मांग किया गया है, जिससे हमे जल्द उम्मीदे जगी है, की सदर व अनुमंडल अस्पताल जल्द बन जाएगा, क्योकि अगर विधायक जी ने जिस प्रकार की प्रयास व पहल करने की ललक दिखाई है, उससे हमलोग को सपने देखने के साथ साथ उसके साकार होने पूरी संभावनाए भविष्य में, दिखती नजर आ रही है,
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