पालीगंज में लाखो कि सम्पति चोरी

बिहार आज ऐसे मोड पर आ खड़ा है, जहाँ एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी विकास पुरूष कि छवि है, उधर बड़े भाई साहेब लालू प्रसाद यादव जी कि पुरानी छवि से बाहर निकलने कि एक अलग तड़प बिहार के जनता को एक अलग संदेश देने कि व्यग्रता से जोकि जनता को भरोसे व विश्वास में  लेने कि नए सिरे से प्रयास ने राज्य वासियों को इन दोनो नेताओं से एक अलग व नई सोच के साथ न्याय के साथ कानून का राज के स्थापित कर विकास के नए उच्चाई को छूने के साफ संदेश के साथ जनता से मिले जनादेश कि आदर करते हुए सबको साथ लेकर चलने कि प्रतिबद्धता को जाहिर किया था,


क्या महागट-बंधन को उसमे सफलता मिल रही है, शायद नहीँ अबतक के कार्यकाल से तो कूछ आशावादी नहीँ दिखता नजर आ रहा है, इसके पीछे एक स्पष्ट कारण नजर आ रहा वो ये हमारी भ्रष्ट्र अफसरशाही तन्त्र ने सरकार के नीतियों को ( लीप्रोसी ) जिसे पंगू बना दिया है, पूरी प्रशासनिक तन्त्र के 90 % अफसर भ्रष्टाचार के दल-दल में  फँसे सरकारी खजाने को लुट कर खोखला बना रहे है, जिसके कारण कानून व्यवस्था के बुरी स्थिति हो गई जिसे चलते पूरी तरह से सभी विभागों में  अफसरों कि मनमानियां से आम जनता त्रस्त व त्राहिमाम है, जिसके चलते इस महा-गटबंधन कि नीतियों को जनता समझ ही नहीँ पा रही है, कि नीतीश और लालू जी कि क्या सोच है, यहाँ कानून के राज को खुद बेलगाम पुलिस पदाधिकारियों के चाल और चरित्र से गरीब ही परेशान और पीस रहा,


एक ताजा उदाहरण है, पालीगंज अनुमंडल के पाली थाने क्षेत्र के लखनीपुर गाँव कि है, जहाँ दो दिन पुर्व एक नव-विवाहित कि शव पुलिस उसके परिजनों कि सूचना पर गाँव के पईन मॆ फेंके हुए बरामद किया था, जोकि श्री मोची कि बहु कि थी, बहु के भाई ने थाने मॆ पति ,सास ,ससुर और ननद समेत छह लोगो पर गला दबाकर हत्या करने कि आरोपी बनाते हुए नामजद अभियुक्त बनाया है, उधर उसी दिन मृतक नव-विवाहिता के भाई समेत कई लोगो ने शाम को इसघटना के प्रतिशोध मॆ कानून को हाथ में  लेते हुए आस-पास के ग्रमीणो के सामने ही दिनदहाड़े घर मॆ घुसकर 35 हजार इंदिरा आवास के रकम जो बैंक से एक दिन पूर्व निकली गई थी,


जिसको घर बनाने के लिए रखी राशि के साथ कपड़े ,सभी अनाज ,कई थान जेवरात समेत लाखो कि सम्पति लुट कर ले गए और घर के चंपाकल ,पेटी ,बक्से ,कपड़े को तोड़कर नष्ट करने के साथ घर को जलाने कि प्रयास किया तो आसपास के ग्रमीणो में विरोध किया तो भाग निकले, इस घटना कि पडोसियो ने पुलिस को सूचना देने गए तो उल्टे पुलिस ने थाने से प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय सभी को भगा दिया , थानेदार संजय कुमार सिन्हा ने और दो दिन बीत जाने के बावजूद भी कोई कारवाई नहीँ किया, उल्टे वृद्ध 75 वर्शीय महादलित श्री मोची को बुरी तरह पिटाई करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया बीन घटना कि सत्यता जाँच किए हुए, जबकि आसपास के सैंकङो पडोसी के साथ सास शिवाकान्ती देवी ने बताय कि ननद भौजाई मॆ तूतू - मेमे भकझक हुई थी, और मेरी बहु ने इसी बात को लेकर फसल में  डालने के रखी थी उसे जहर खा कर खुद आत्म हत्या कर लिया ,जोकि जाँच के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट से आने के बाद स्पष्ट हो जाएगा , हमलोगों बेगुनाह है, पुलिस हम महादलित गरीब लोगो को तंग व परेशान कर रही , जबकि हमलोगों निर्दोष है,


इसकी पुष्टि पडोसिओ ने किया जबकि Asp मिथलेश कुमार को इसकी सूचना दिया लेकिन कोई कारवाई नहीँ हुई, क्या यही नीतीश कुमार व लालू जी के दलितों व दबे कुचले बिहार के लोगो के साथ न्याय है ? क्या पुलिस जुर्म करने वालों इस बेलगाम अनुमंडल प्रशासन और थानेदार कि करतूतों पर राज्य सरकार कि कड़ी कारवाई होगी शायद नहीँ ? यहाँ पर आय दिन पुलिस जुल्म बढ़ते ही जा रही है, निर्दोष सरपंच रामनाथ जी कि पुलिस ने हत्या किया पत्रकारों से बदसलूकी व समाचार संकलन करने से रोकना , महादलितो पर हो रहे अत्याचार और पुलिसिया जुल्म , पर जिला और राज्य सरकार इन भ्रष्टपुलिस पदाधिकारियों को उल्टे संरक्षण दे रखा है,


राजधानी के नाक के नीचे घटित हो रहे सारे घटनाएँ कि सूचना देने के बावजुद भी कोई कारवाई नहीँ होना, इस राज्य कि क्या वर्तमान दशा है ,इसकी सारी कहनी बया करने के लिए काफी है। 
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