February 2016

अगर हमारी आपकी संवेदनाओं को घुन न लगा हो तो एक बार इस औरत की मार्मिक दशा को पढिये और विचार किजिए की क्या हम सच में एक सभ्य समाज के वासी कहे जा सकते हैं? यह औरत है उर्मिला देवी। जो आंशिक रूप से लकवाग्रस्त है, कुछ दिनों पहले यह किसी तरह बिहार के जहानाबाद स्थित सदर अस्पताल पहुंची थी, तब इसके पास दो बच्चे भी थे। अब स्थिति यह है कि पति लापता है या इसे छोडकर फरार है, एक बच्चा गायब है 




और यह महिला दूसरों के सहारे जीने को मजबूर है। सबसे दुःखद पहलु यह है,कि सदर अस्पताल ने भी इस महिला का इलाज बन्द करते हुए इसे अस्पताल से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आज हम सब जब स्वच्छता अभियान के कार्यक्रम के दौरान सदर अस्पताल पहुंचे तो सबसे पहले इसी महिला पर ध्यान गया, हमने तत्काल पत्रकार और मित्र Md Tanweer जी को इस मुद्दे पर ध्यान देने की बात कही, उन्होंने तत्काल एसडीओ से इस मुद्दे पर बात की और सम्भवतः आगे की कार्रवाई शुरू है।
छपरा जिले की निवासी इस महिला का नाम उर्मिला देवी है । जहानाबाद सदर अस्पताल के गार्डन एरिया में इस महिला को देखा जा सकता है । ये महिला लकवाग्रस्त है,जिसके कारण हल्की-फुल्की बात बड़ी मुश्किल से बता पाती है। इस महिला की माने तो एक महीने पहले इसे इसके दो बच्चे के साथ उसका पति जहानाबाद सदर अस्पताल में इलाज के नाम पर भर्ती करवाकर चला गया 



। तब से लेकर आजतक इसके पति का कोई अता-पता नही है । उर्मिला आगे बताती है की इसका एक और 4-5 वर्षीय बच्चा था,जिसे कोई उठाकर ले गया। आते-जाते मरीजों के परिजन, आसपास के लोग और जहानाबाद की "एक रोटी" टीम के सहारे अब इस महिला और इसके एक बच्चे का खाना-पीना चल रहा है। इस महिला की बातों की पुष्टि अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी भी कर रहे है । पागल करार देकर अस्पताल प्रशासन इस महिला की अनदेखी करने में लगा है। पहले इस महिला को अस्पताल में एक बेड भी मुहैया था और खाना भी मिल रहा था पर अब इसे वार्ड से बहार कर दिया गया है जिसके कारण उर्मिला अस्पताल परिसर में बने गार्डेन में किसी तरह अपना समय व्यतीत कर रही है। 

सन 1921, अधीन भारत में 15-साल की आयु का चन्द्रशेखर तिवारी नामक लड़का क्रांतिकारी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, न्यायाधीश के पूछने पर लड़के ने अपना नाम "आज़ाद", पिता का नाम " स्वतंत्र ", और अपना पता " कारागार " बताया | उसके निडर रवैये से हतप्रभ न्यायधीश ने उस लड़के के सर से देशभक्ति का भूत उतारने के लिए उसे 15 बेंत का दंड दिया। 




उस छोटी सी आयु में घबराने के बजाय उस लड़के ने हर बेंत लगने पर " भारत माता की जय " का नारा तब तक लगाया जब तक पीड़ा के मारे वह बेहोश नहीं हो गया । सरकारी अधिकारी की आँख में आँख डाल कर जवाब देने वाले उस लड़के का जनता ने नामकरण चन्द्रशेखर आज़ाद ही कर दिया ।
1922 में जब गाँधीजी ने असहयोग आन्दोलन स्थगित कर दिया तो आज़ाद ने भारत की आज़ादी को स्वयं पाने का संकल्प लिया । अंग्रेज़ों के विरुद्ध काकोरी - काण्ड, वाइसराय के रेल डिब्बे को उड़ाने का प्रयास, सॉन्डर्स पर हमला, व असेम्ब्ली में बम फोड़ने जैसी कई घटनाओं में उन्होंने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी  | आज़ाद के नाम का भय अंग्रेज़ों में व्याप्त हो चुका था । भारत के युवाओं को एक ऐसा प्रेरणा का स्रोत मिल गया था ,जो अंग्रेज़ों को उन्ही की भाषा में उत्तर दे रहा था ,



परन्तु अपने ही एक गद्दार साथी से विश्वासघात के उपरान्त आज़ाद  इलाहाबाद  के एक बाग़ में अंग्रेज़ों के द्वारा घेर लिए गए । कड़े संघर्ष के बाद जब आज़ाद की पिस्तौल में सिर्फ एक गोली रह गयी थी, तो उन्होंने वह अंतिम गोली स्वयं पर इस्तेमाल कर ली।अंततः कभी जीवित न पकड़े जाने का संकल्प भी पूर्ण किया। स्वयं की इन पंक्तियों को दोहराते हुए देश के इस सपूत ने अपनी आँखें हमेशा के लिए मूँद ली " दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगें
",

पालीगंज में अतिपिछड़ी पूर्वी क्षेत्र सिगोडी थाने के दर्जनों गाँवों मॆ भी आज तक बिजली पानी ,सड़क जैसे बुनियादी सुविधाएँ से वंचित विकास के रोशनी से मीलों दूर व मरहूम है । 
बिहार सरकार के मुख्यमंत्री जिन्हे हमलोग विकास पुरुष भी कहते है,शायद उनकी व राज्य सरकार की नजर इन उपेक्षित नदहरी -कोदहरी ,बहादुरगंज,चीक्सी पंचायत ,के करोउती ,धोखहरा ,बेल्बँद ,नेरीया ,अलीपुर ,खराटिखुर्द ,बहादुरगंज,चिरैंयाताड़ ,जरखा पंचायत के दर्जनों गाँवों में  आज तक सिंचाई की साधन ,सड़क ,बिजली ,अस्पताल जैसे बुनियादी सेवा नही पहुँच सकी है,जिसके चलते उस क्षेत्र के लोग मुख्य धारा से कटे कटे रहते है, जिसके कारण इस इलाके में  नक्सलियों की पकड़ मजबूत थी,जिसका मुख्य कारण इस क्षेत्र में  समूचित विकास नही होना माना जाता है ।



 इसके लिए खुद राज्य सरकार दोषी है । इस दौरान हाथो तक्थीया पर नारे लिखे थे अधूरा काम पूरा करो ,बिजली पानी जल्द दो । इस कारण समय समय पर इस क्षेत्र के बुद्धिजिवीयो ने आंदोलन कर इस क्षेत्र के विकास के लिए आवाज उठाते रहे है । इसी कड़ी में आज भी दर्जनों गाँवों के सैंकङो लोगो में  सड़क ,बिजली ,पानी सिंचाई के लिए पूर्व जिला पार्षद व समाजिक कार्यकर्ता राजद नेता रंजन यादव ,युवा नेता व समाजिक कार्यकर्ता राजद नेता नीरज कुमार यादव के नेतृत्व में  क्या बड़े ,क्या बच्चे सभी ने राज्य सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए इन सभी समस्यायों के लिए सड़क पर उतरते हुए पालीगंज  -किँजर -जहानाबाद मुख्य मार्ग को कई घंटे जाम कर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर राज्य सरकार के विरुद्ध आवाज बुलंद किया । 


वही सड़क जाम की सूचना के बाद एसडीओ ने स्थानीय थाने को भेजकर पुलिस से समझा बुझाकर उग्र आक्रोशित लोगो के माँग पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने के साथ इन सभी मांगो को अपने स्तर से सभी सम्बन्धित.विभागों से बात कर यथाशीघ्र निपटाने के आश्वासन के बाद जाम हटवाया गया । इस दौरान कई गाडियां के साथ साथ इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों और सैंकङो यात्रीगण फँसे रहे, इसके बावजूद आंदोलन कारियों ने अगर कहा की हामारी माँगे जल्द पूरी नही हुई तो हमलोगों उग्र आंदोलन करने को मजबूर हो जाएँगे । 


एक समय था, जब खा से खरोश पढ़ाया जाता था, लेकिन आज कंडोम पढ़ाया जाता है, कंडोम आपकी जिगरी दोस्त है, इसे सदैव अपने साथ रखे जैसे जीने के लिए भोजन जरूरत है, वैसे ही सेक्स लाइफ के लिए कंडोम जरुरत है ।


चलिए मै आपको रोचक जानकारियां बताता हूँ 

एक शोध करता के अनुसार 1500 साल पहले कंडोम का जन्म हुआ था, शोधार्थियों को मनाना है, की फरांस की गुफा में एक कंडोम की अकार में पाया गया सबसे पुराना कंडोम स्वीडन में पाया गया है । 



  • सबसे पहले वहाँ के लोगो ने इस्तेमाल किया 
  • सोची ओलंपिक में सबसे ज्यादा कंडोम की खपत हुई है, इस ओलंपिक विलेज में क़रीब एक लाख कंडोम पहुंचाए गए थे। 


कंडोम की जरूरत क्यों परी

16-वि शताब्दी  में फ्रांस में बहुत सिफलिस नाम से एक गुप्त रोग से ग्रसित थे,जिसे रोग को रोकने के लिए कंडोम को अनिवार्य किया 





                                            कंडोम की कहानी

  • फ्रांस में मर रहे लोगों के लिए गैबरियल फैलोपियो ने कंडोम का अविष्कार किया
  • गैब्रियल फैलोपियो ने इसे 1100 लोगों पर इस्तेमाल करके देखा
  • कंडोम का होने वाला मटेरियल हमेशा बदलता रहा
  • कभी इसे लेटेक्स से तो कभी जानवर की आंतो से इन पर प्रयोग किया गया
  • बाद में लिनन,सिल्क और लेदर से बनाने तक की कोसिस की जा चुकी है । 

    कैसे करते है कंडोम का इस्तेमाल 

सुरुवात में महंगा होने की वजह से एक कंडोम को लोग दो बार इस्तेमम्ल करते थे.



कंडोम के अन्य इस्तेमाल 
ऐसा नहीं की कंडोम सिर्फ सेक्स के लिए ही उसे किया जाता है । वर्तमान समय में कंडोम का इस्तेमाल निम् चीजो के लिए भी किया जाता है । 

  • कंडोम का इस्तेमाल पानी ले जाने के लिए भी करते थे 
  • राइफल को पानी से बचाने के लिए भी किया जाता है।
  • कही आग लगाने के लिए भी कंडोम का उपयोग किया जाता है । 



इंटरमीडिएट परीक्षा के दूसरे दिन आज पालीगंज " में परीक्षा केन्द्रों पर कदाचार मुक्त परीक्षा संचालित हो रहे है। दूसरी परीछा पालीगंज में कुल 7- छात्र को नकल करते हुए पकडा गया । 



जिसे दो साल के लिए परीक्षा से निलम्बित करते हुए निष्कासित किया गया । जिसमें तीन "रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय पालीगंज  से ,और दो छात्र मदनधारी " सिंह उच्च विद्यालय " पालीगंज से की गई, जबकि दो छात्रा को  " बंसीधारी सिंह उच्च विद्यालय " से किया गया !जिसको खुद DCLR ने भी स्पेल्ड किया ।  

बिहार  इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान राज्य सरकार के भय मुक्त व कदाचार मुक्त परीक्षा संचालित करवाने के लाख दबे के पोल व धजीया उडाते नजर आ रहे है । खुद डियुटि पर तैनात दंडाधिकारी व मजिस्ट्रेट के साथ सभी प्रकार के अनुमंडल प्रशासनिक पदाधिकारी के साथ खुद एसडीओ ही अवहेलना नजर अंदाज करते दिख रहे है !



राज्य सरकार व जिला प्रशासन के आदेश है की केन्द्र से 100 मीटर की दुरी व बेरिकेटिग के दायरे के अंदर किसी तरह के अवैधरूप से वाहन पार्किंग नही होनी चाहिए परंतु दर्जनों से अधिक मोटर सायकिल मदनधारी सिंह उच्च विद्यालय गेट के पास ही पूरी परीक्षा के दौरान खड़ी रही और सभी प्रशासनिक पदाधिकारी मूकदर्शक बने रहे बगल में  बीडीओ और एसडीओ की गाडियां व खुद आते जाते दिख रहे थे । 



एसडीओ से इस बावत पूछने पर उनहोने खुद कहा की परीक्षार्थी के परिजनों की गाडियां है । वहीँ दूसरी ओर विद्यालय गेट के अंदर भी परीक्षा के दौरान दंडाधिकारी के मौजूदगी में  ही कूडे की अम्बार लगी हुई रही और वे खुद मूकदर्शक बन देखती दिखी

Paliganj : बिहार इंटरमीडिएट की परीक्षा के पलहे दिन जिस तरह के परीक्षा ली गई ।  इससे साफ व स्पष्ट नजर आया की इसबार राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी जी की कदाचार मुक्त परीक्षा लेने के सराहनीय व प्रशंसनीय प्रयास में  पहले ही दिन कदाचार मुक्त की परीक्षा सम्पन्न होने के खबर ने उनकी कदाचार मुक्त परीक्षा लेने की कटिबद्धता व दृढ़ इच्छा सकती के सार्थक नतीजे मिलते दिख रहे । प्रशासन भी काफी मुस्तैद इसबार दिख रही है । जिसकी भी प्रशंसा की जानी चहिए । इससे एक बात साफ हो जाती है ।  की अगर राजा की शौच सही हो तो उसकी पूरी मशीनरी भी उसके जैसे नजर आती है । मंत्री जी के प्रयास व राज्य सरकार की उसमें भरपूर सहयोग से इसबार राज्य की स्वभिमान को और उच्चा उठाने में  मदद देंगी । 




परीक्षा के पहले दिन सैंकङो छात्रा व छात्र नकल करते पकडे गए ,वहीँ कई दूसरे के बदले परीक्षा देते पकडे गए ।  जिन्हे अगले दो साल के लिए निष्कासित किया साथ ही कई विक्षक के साथ चोरी करवाते पकडे गए जिनपर अनुशासमक कारवाई की गई । 

पालीगंज  के मदनधारी सिंह उच्च विद्यालय दो दो छात्रा और रामलखन सिंह यादव कालेज से एक छात्रा नकल करती हुई पकडी गई । जिनपर कदाचार के आरोप में  दो साल के निलम्बित करते हुए परीक्षा से निष्कासित किया गया । 



वही परीक्षा के दौरान कई छात्राओ की अचानक तबीयत खराब होने से उनकी परीक्षा में  व्यवधान उत्पन्न हुए । जिन्हे तत्काल डाक्टरों को अनुमंडल अस्पताल से बुलवाकर ईलाज करवा कर फिर से ठीक होने के बाद परीक्षा देने गई । इस दौरान महिला डाक्टरों की व्यवस्था अनुमंडल प्रशासन से नही होने के कारण पुरूष डाक्टरों ने ही ईलाज किया । 
जबकि जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश दिया था परीक्षा के दौरान महिला डाक्टरों की रहनी आनीवर्य उपस्थिति होनी चाहिए थी । 

पालीगंज में  तीन इंटरमीडिएट परीक्षा पर 5282 छात्रायें की कडी सुरक्षाबल व सख्त निगरानी में एक एक छात्रा को जाँच कर अंदर जाने दिया जा रहा है । परीक्षा शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त लिए जाने की खबर है ।




इस दौरान कई छात्रायें की अचानक तबीयत खराब होने से कूछ देर के लिए परीक्षा नही दे सकी जिसे तत्काल डाक्टरों के द्वारा ईलाज के बाद फिर से परीक्षा देने गई ।



 वही पालीगंज मदनधारी सिंह उच्च विद्यालय से दो और एक रामलखन सिंह यादव कालेज से नकल करती हुई छात्रा पकड़ी गई. जिसे दो साल के लिए परीक्षा से निष्कासित किया गया । 

कल से शुरु होने जा रहे  "  बिहार  इंटरमीडिएट  "  की परीक्षा  हर कोई के मन ये सवाल उभरता दिख रहा है । की क्या सचमुच इसबार के इस परीक्षा के लिए राज्य सरकार भय व कदाचार मुक्त करवाने के कमर कस चुकी है।  या सिर्फ दिखावे के लिए कयावद भर है। अभी इसपर कूछ कहना जल्द बाजी होगी । 

पालीगंज के रघुनाथपुर गाँव के पूर्व मुखिया सह भाजपा नेता पंकज सिंह ट्रक गाड़ी " BR 1G -6064 "को अपराधियों ने 18-फरवरी की शाम सासाराम से डालडा और रिफाइन तेल लेकर पटना आने के दौरान अज्ञात अपराधियों ने बीच रास्ते में ही गाँव के ड्रावर रामदयाल पासवान (वर्ष-45) और खलासी संजय यादव को अपने कब्जे में लेकर ड्रावर को वजीरगंज और खलासी को आमस (गाया) में  मार कर सड़क किनारे फेंक कर GT रोड से बंगाल की ओर लेकर भागने में सफल रहे ।


चार दिन बाद भी पुलिस ढूँढ़ने में सफल नहीँ हो सकी । इस घटना के दौरान मारे गए निर्दोष रामदयाल पासवान के 5- बच्ची और 3-माह का बेटा गोद में है । वहीँ संजय यादव के 2- बच्चे ,1- लड़के1-  लड़की सभी बच्चे 10-वर्ष से नीचे के है। जो अपने पिता के हत्या के बाद असहाय व बेसहारा अनाथ हो गए जिनकी कोई कसूर नहीँ था । 



इस गरीब व बेसहारा परिवार को अभी तक कोई सुधि लेने वाला नहीँ अब तक न कोई अनुमंडल प्रशासन सुर न ही कोई राजनीतिक पार्टी के कोई बड़ा नेता देखने ना आ सका है। और न ही एक पैसा की अबतक कोई आर्थिक मदद मिली है।  स्थानीय बीडीओ और एसडीओ से बात करने पर प्राथमिकी रिपोर्ट और कागजी कारवाई की बाद यथासम्भव सहायता की बात कहीँ । 



राजद नेता व पूर्व जिला पार्षद रंजन यादव ने दोनो पीडित परिवार से मिलकर उन्हे 10-लाख की मुवावजा और एक-एक परिवार को सरकारी नौकरी के साथ इंदिरा आवास तत्काल देने की माँग के साथ दोषियों के विरुद्ध कड़ी कारवाई कर सजा देने की राज्य की सुशासन वाली सरकार से किया है। 



पालीगंज पुरानी-सरैया में बड़े धूम-धाम से माँ सती की पूजा मनाया गया । श्री " अजय प्रसाद " के  द्वारा स्थापित किया गया माँ सती मंदिर .


पुरानी-सरैया में माँ सती का नई मंदिर की स्थापना हुई । करीब 600 लोग प्रसाद खाने आये थे । 







सीटी एसपी वेस्ट " राजीव मिश्रा "  ने गुप्त सूचना के आधार पर पालीगंज अनुमंडल के सिगोडी थाने क्षेत्र के कनौउरा गाँव में  अवैधरूप से संचालित हो रहे शराब कारखाने संचालित करने वाले नमूना यादव के यहाँ छापेमारी कर चार ड्रग्स करीब " 800 लीटर " कच्ची शराब के साथ नमूना यादव को गिरफ्तारी कर बडी सफलता हासिल किया । 



वहीँ सूचना के अनुसार पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि नहीँ कर रही है । परन्तु एैसी सूचना आ मिल रही थी । की पुलिस की इस कारवाई की सूचना पहले ही मिल जाने के कारण नमूना यादव फरार हो गया । वही अंदर खानें की बात माने तो उसकी गिरफ्तारी की भी खबरें आ रही है । पुलिस की अभी पुष्टि होनी बाकी है ।

वही सीटी एसपी ने सिगोडी थानेदार " दीपक कुमार " को कार्य में  लापरवाही बरतने की आरोप में  तत्काल निलम्बित करने की अनुशंसा ssp से कर पालीगंज  थाने के sp मोहन कुमार को प्रभार सौंप दिया है । वही इस सब घटना के जानकारी के लिए ssp मनुमहाराज से फोन से सम्पर्क करने की प्रयास किया परन्तु फोन रिंग होने के बावजूद भी नहीँ उठा रहे थे । जिसके कारण देर रात तक थानेदार की निलम्बित होने पुष्टि नहीँ हो सका ।

आज प्रखंड विकास पदाधिकारी " प्रशांत कुमार " ने  पालीगंज  प्रखंड क्षेत्र के 303 लाभुको के बीच 23 लाख राशी की चेक वितरण किया । 
 

जिसमें 241 लोगो को कन्या विवाह की प्रति व्यक्ति 5हजार रुपए ,13 पुराने लोगो को 10 हजार की चेक और 49 लोगो को 20 हजार रुपए की चेक की राशी पारिवारिक लाभ योजना के अन्तर्गत प्रदान किया । 






पालीगंज SDO "  विनोद कुमार " सिंह ने आगामी 24- फरवरी से आयोजित होने वाली " बिहार इंटरमीडिएट की परीक्षा " अनुमंडल क्षेत्र के तीन परीक्षा केन्द्रों उच्च विद्यालय पालीगंज ,रामलखन सिंह कालेज और दुल्हिन बाजार के वंशीधारी सिंह उच्च विद्यालय पर 5258 छात्राओ के लिए कदाचार मुक्त कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ कैसे परीक्षा ली जाए । 


इसकी समीक्षा बैठक कर सभी केन्द्रा अधीक्षको ,सभी थानेदारों के साथ साथ अनुमंडल के सभी पदाधिकारियों के साथ गहन विचार विमर्श कर कदाचार मुक्त हर हाल में कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा ली जाएगी । 

सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया । बैठक में सभी जरूरी सख्त कदम उठाए जाएँगी । इसकी रूप रेखा तैयार कर परीक्षा की तैयारी हेतू सभी जरूरी कदम उठाने की सख्त व कड़ी निर्देश दिए । इसकी जानकारी देते हुए एसडीओ विनोद सिंह ने कहा की जो भी सारी व्यवस्था की जाएगी एक एक छात्रा को अंदर जाने से पहले कड़ी जाँच महिला कर्मियों व दंडाधिकारीयों की उपस्थिति में किया जाएगा ,पर्याप्त महिला सुरक्षा कर्मियों व भारी पुलिस बल की तैनाती होगी । हर हाल में इस बार कदाचार मुक्त परीक्षा ली जाएगी ।

पालीगंज और दुल्हिन बाजार प्रखंड सभागार में आपात BDC की बैठक विकास आयुक्त के निर्देश पर आयोजित दोनो ही प्रखंड के मुखियाओं व पंचायत समिति सदस्यों ने कई मुद्दों पर जोरदार हंगामे कर सदन को हंगामे की भेंट चढ़ा दिया । 



पालीगंज प्रखंड के विडिओ और PRS के द्वारा बैठक की सुचना नहीँ दिए जाने पर गहरी नाराजगी दिखाते हुए ।  हंगामा मचाया तो वही दूसरी ओर कई मुद्दों को लेकर मुखिया और पंचायत समिति सदस्य आपस मॆ ही भिडते नज़र आए । 



यह त्रिस्तरीय पंचायती राज्य की इस चौदहवीं वित वर्शीय योजना की आखिरी बैठक थी जिसमें जिला के निर्देशानुसार विकास की गति को आगे बढ़ाने की कोशिश में  सदस्यों को पुरानी और नई योजनायें को कैसे कार्यवानवित किया जाए सदस्यों से उनकी राय व योजनाएँ माँगी गई । जिसमें शौचालय निर्माण ,गाँवों को विधुतिकरण ,सोलर लाइट ,कब्रिस्तान की घेरे बंदी समेत कई विकास अति महत्वपूर्ण योजनाओं को अंतिम रूप देने कई विस्तृत चर्चा किया गया । 

उग्रवाद प्रभावित पटना जिले के अतिसंवेदनशील पालीगंज अनुमंडल में  एक बाद एक हत्या जैसे जघन्य आपराधिक घटनाएँ को अंजाम देते हुए अनुमंडल प्रशासन और राज्य सरकार को अपराधियों ने खुली चुनौती देते हुए विधि व्यवस्था को पुरी तरह विफल कर दिया है ।

जिसको रोकने में अनुमंडल प्रशासन नाकाम रह रही है । जोकि गहरी चिन्ता का सबब बना हुवा है । आम आदमी जिसके चलते आतंक के साए में जीने को विवश है। जिसके कारण अपराधियों के मनोबल बढ़ती ही जा रही है ।  वहीँ जिला और राज्य सरकार मूक दर्शक बन देखती रह रही है । 





पाली -निरखपूर पंचायत के सरपंच रामनाथ प्रसाद की हत्या , सिगोडि थाने के पत्रिँगा गाँव में  एक यूवक की दिन डहाडे पेड़ में  फाँसी लगाकर हत्या और पालीगंज थाने के अंकुरी गाँव निवासी 50 वर्शीय शिवनारायण रजवार को पिछली रात सरस्वती माँ की मूर्ति विसर्जन कर महाबलीपुर से अंकुरी घर लौटते समय गाँव के नजदीक बीच रास्ते में  अँधेरे क फायदा उठाते हुए पहले घात लगाकर बैठे कई अपराधियों ने अंधाधुंध गोली चलाते हुए सीने ,कमर ,बाँह समेत कई जगहो पर गोली मारकर घटना स्थल पर ही मौत के घाट उतार दिया ।



जिसके कारण उसकी वही मौत हो गई । इस घटना ने आग की तरह सनसनी फैला दिया । घटना की तत्काल सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने दलबल के साथ मौके वारदात पर पहुँच कर शव को अपने कब्जे में  लेकर थाने ले आई करते हुए शव को पटना पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । 

वही इस घटना से व्यथित परिजनों ने शक के आधार पर पूर्व में  आपसी विवाद में  जान से मारने की कई बार धमकी देने वालो पडोसी व गाँव के सात लोगों के विरुद्ध नामजद अभियुक्त बनाते हुए थाने में  इस घटना की प्राथमिकी दर्ज कराया है ।

इसपर पुलिस ने तत्काल छापेमारी करते हुए बीती रात में  ही दो लोगों को गिरफ्तार कर कड़ी पूछताछ कर रही है । 

एक शाम शहीदों के नाम " रंगारंग संस्कृतिक कार्यक्रम की आयोजन पालीगंज उच्च विद्यालय के सभागार मॆ अनुमंडल प्रशासन के द्वारा आयोजित किया गया ।  इस अवसर पर कलाकारों ने देश भक्ति से ओतप्रोत गीत संगीत की महीफील को सुरों मॆ पिरो कर हाल में  मौजूद श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया । 







आय दिन न जाने क्यों आपराधिक घटनाएँ रुकने का नाम ही नही ले रही है । 


सरपंच रामनाथ प्रसाद हत्या कांड के बाद आज सिगोडि थाने क्षेत्र के पत्रिँगा गाँव में सूबह नौ बजे के आसपास आपसी जमीनी विवाद के पुराने रंजिश को एक 14 साल के यूवक लालू महतो के नाबालिग पुत्र सुशील कुमार को गाँव के बगल के बगीचे में  बबूल के पेड़ में  गले में  उसके ही मफलर को उसी के गर्दन में  बाँध के लटका कर फाँसी देकर अपराधियों ने हत्या कर दिया । 




भाकपा माले ने पालीगंज अनुमंडल मुख्यालय बाजार स्थित दुर्गा स्थान के पास सैंकङो कार्यकर्ताओं ने JNU के छात्र रोहित वूमेला की हत्या और कन्हैया कुमार की देशद्रोही गतिविधियों में  संलिप्तता के लिए किए गए ।



 गिरफ्तारी के विरोद्ध में  प्रधानमंत्री " नरेन्द्र मोदी " की पुतला दहन कर आक्रोश पूर्ण विरोध प्रदर्शन किया । इस अवसर पर कामरेड अनवर ,लीला वर्मा ,मंगल यादव ,समेत कई माले नेताओं की उपस्थिति में  किया गया ।




पालीगंज अनुमंडल के मुख्यालय थाना क्षेत्र के " भेड़हरिया इंगलिश " गाँव में  शाम को करीब छह बजे शौच करने गए । किशोरी दास के दस वर्शीय नाबालिग लड़के सुजीत कुमार की NH -98 राष्टीय राजमार्ग के किनारे जेसीबी से खोदे गए करीब दस फीट गढ्ढे में  पैर फिसलने से गिरने के कारण डूबने से मौत दुर्भाग्यवश हो गया । 


 वही इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने तीन लाख की सरकारी मुवावजा के लिए NH -98 राष्टीय राजमार्ग पटना -औरंगाबाद को कई घंटों जाम कर आक्रोश पूर्ण उग्र प्रदर्शन करते रहे । 


इस घटना के सुचना के तत्काल बाद बीडीओ प्रशांत कुमार ने दल बल के साथ पहुँच कर आक्रोशित परिजनों को समझा -बुझा कर किसी तरह शांत करवाया और तत्काल 20 हजार की नगद राशि प्रदान कर जाम हटवाया और जाम मॆ फँसे सैंकङो गाडियां को निजात दिलवाया और फिर यातायात सुचारु ढंग से चालू हुवा । 


केंद्रीय " मंत्री रामकृपाल यादव " के नेतृत्व में केंद्रीय पर्यटन सह पुरातत्व विभाग की टीम ने द्वापरकालीन ऐतिहासिक (ऊल्लार्क )ऊल्लार सूर्य मंदिर और भरतपुरा के ऐतिहासिक ब्रिटिश कालीन गोपाल नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय सह संग्रहालय की दौरा कर इसकी ऐतिहासिक सन्दर्भ व महत्व को निरीक्षण कर विस्तॄत रूप से जानकारी एकत्रित कर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय व इसके मंत्री महेश शर्मा को रिपोर्ट सौपने के साथ साथ दोनो जगहो को एक कड़ी में  पिरो कर पर्यटन स्थल घोषित करने के प्रस्ताव को भेजा जाएगा । 




केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा की मैंने ए.क माह पहले केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा से मिलकर एक प्रस्ताव दिया था ।

जिसमें ऊल्लार व भरतपुरा के पर्यटन स्थली घोषित करने की माँग किया था !
उसी प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री " रामकृपाल यादव " ने एक टीम गठित कर आज दोनो स्थलों की दौरा कर निरीक्षण करने आई है ! और मुझे उम्मीदें है ।




यह टीम जो रिपोर्ट भेजेगी उस पर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय कारवाई करते हुए जरूर पर्यटन स्थली घोषित करने की मंजूरी देंगी ! जो इस क्षेत्र के लिए बड़े ही गर्व व ऐतिहासिक क्षण होगा ! उन्होने आशा ही नहीँ पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है । की इस टीम की प्रस्ताव को जरूर केन्द्र सरकार स्वीकृति देगी ।

इस अवसर पर केंद्रीय टीम ने पुस्तकालय व संग्रहालय में  संग्रहित

► पाण्डुलिपि,
► बाबरनामा ,
► पौराणिक सैंकङो अदभुत सिक्के ,
► तार के पत्ते पर लिखी महाभारत ,
समेत हजारो ऐतिहासिक पुस्तकें देखा जो अपने आप ने अदभुत बेमिसाल है !

बिहार के ग्रेजुएट   

यदि आंध-प्रदेश और केरल से संयुक्त-स्तर पर बिहार की तुलना की जाये। आज बिहार में अस्नातक प्रतिसत दोनों राज्यों  से जयदा है ।      



आईएएस - आईपीएस



 बिहार में केरल ,तमिलनाडु आन्ध्रा और गुजरात से अधिक संख्या में आईएएस - आईपीएस निकल रहे है । 


बिहार की विकाश 


बिहार की विकाश आज 14.48 फीसद है । जो यह साबित कर है । बिहार देश में तेजी से विकाश करने वालो में एक सर्वोच्च है ।  


 सबसे ज्यादा बैंक पी ओ


आज सर्वाधिक बैंक पीओ बिहारी है। जो अन्य राज्यो को पछाड़ रहे है। 



आई-आई-टी में सबसे आगे बिहार 
 


अभियांत्रिक अस्तर पर भी देखे तो जितने  बिहार से आई-आई-टी निकाल रहे है । वो अन्य राज्यों से निकल रहे है । यहाँ का कौशल ही तो है । की 12 साल का लड़के ने  आई-आई-टी में सफलता प्राप्त की


दिल्ली की तुलना में 10 गुना क्राइम 




सांप्रदायिक बहुत ही कम है। 


बिहार में सांप्रदायिक हिंसा अन्य राज्यों से अपेछा काम है । आप गुजरात से ही तुलना करे  बिहार में सांप्रदायिक हिंसा से मरने वाले की संख्या का औसत गुजरात में सांप्रदायिक हिंसा से मरने वाले लोगो का 175 है।

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