2016

Bhag daud ki jindagi me aksar log choti-moti bat per na dhyaan dene se kafi uthal puthal hoti hai, choti galtiyo se hum kafi paresani uthani padti hai, sach hi kaha gaya hai, ji ha hum baat kar rahe hai, Motapa kam karne ke Upay, 
Chaliye aaj hum aapko Motapa Kam Karne Ke Upay or Pet Kam Karne Ke Tarike Batate hai..


Actually Motapa insaan ki sabse badi problem hai, jankari na hone karan Motapa hoti hai, aapki sundarta nahi dhik pati, or Motapa bimariyo ki kae karan hoti hai, aap Motapa ko kam karna bahut hi muskil kaam hai, pahar pe chadhana barabar hai, aisi kae kamiyo ke karan Motapa ka karan hoti hai, Jaise ki...
1. Shahi tarike se khana or time se na khana.
2. Shahi se jankari na hona ke wajah se Motapa ka karna hoti hai.
Kya aapko Motapa kam karna hai ? to thik hai aap apna motapa kam karna chate hai to aapko is baat ko Follow karna hoga. kya aap ready hai.....oky 
Motapa kam karne ke liye Duniya me Bhaut se tarike hai, ji haa. aap ghar pe hi aap motapa kam kar sakte hai.Moatapa kam karne ke liye Excerise, Yoga. kuch log ko lagte hai jyada khana se motapa or pet ki charbi badh jati hai,agar aap shahi tarike aap Bhojan ko aajamaye or khaye to baat Paki hai ki aapki Motapa or pet ki charibi nahi badhegi. Motapa ka ek or karan hai, Kuch log bahut Bhojan aajamate hai, or Jankari sahi tarike na hone karna Motapa or pet ki charbi ka karan hoti hai.  

Chaliye aap meri baato ko follow kigiye jaisa ki mai bolunga waise Follow kariye aap Bilkul bhi paresaan na ho aapki Moatapa Bilkul Hum ghatayege...


1)  aap tel or Ghi se kare Nafrat 

agar aapko tel or Ghi ki aadat hai, to Please aap abhi band kar se aapko jaldi se Motapa or pet ki charbi ko ghatana chahate hai to, aapko tel or ghi ko kare nafrat mai ye nahi khe raha hu ki aap mat khaeye..but aap Limit me khaye aapko kafi fayedamand or kafi accha sabit rahegaa.

1. aap Ghi or tel ko week me ek baar le sakte hai, but yaad rahe aap limit me sewan kare, aapko motapa kam karni ki tension hai to aapko thora to Avoid karna hi hoga Mahasaye ji....ye aapke liye accha sabit hoga. ji ha 


2)  Aap Jada se jada Chale 

Ji ha aapko maine pehale hi bataya ki aapko motapa kam karni hai to thora mehant to karni padegi...aap pareshan na ho meri baato pe Dhyan de.

1. aap rojana subah uth kar aap khoob chale jitana aap daur kar sako.
2. agar aapko smart or jawan banna hai to ye aapko karna padegaa.
 
3. aapke pass time nahi hai to bahar jane ko aap apni ghar pe bhi kar sakte hai, ji aap ghar ke chhat pe Chal sakte hai or ghar ki sidhi pe bhi aap uper or niche kar sakte hai jitana aapse ho sake. aap itana kare aap bilkul Motapa ki chutti hojayegi.


3)  Aap khane pe Control kare 

mai ye nahi khe raha hu ki na khaye balki mai ye khe raha hu ki, aap Motapa or pet ki charbi ko ghatane ke liye aapko khane pe control karna hi padegaa. sabse pehale Mithae yani sweet, Fruit, juice,soft drink lena band kare please. actually region ye hai ki Sweet wali chijo per lagam dena hoga problem ye hai ki sweet khane se Libar usko Digest nahi kar pata hai. or falt me badal kar charbi ho jati hai.

4)  Aap Acchi Nind le 
ji ha aap agar acchi nind na le pa rahe to ye bahut hi khatarnaak hai.nind lena aapko bahut hi jarurat hai.nind na lene se aapko bahut hi nuksaan or aapki Motapa na ghatane ji jayda chans hai.


5)  Aap sahad bhi use kar sakte hai

aap shahad bhi istemaal kar sakte hai ji haa isse kafi Motapa ghatane me Help karega. aap rojana 1 Glas me do chamach shahad dal digiye or piye.


Pet kam karne ke tarike :  


aap shubha ka nasta jarur le or raat me khana thora kam le mere khehane ka matlab hai,aap kahan khaye but aap Limit me khaye. or aap khana ko khub Chaba-Chaba kar Khaye or aap pani rojana kam se kam 3Liter pani pigiye ye aapki sabse important hai.thora mitha (sweet) kam khaye means limit maine bhi bola hai aapko. aap in baato pe deyaan de aapki Motapa kam hojayegi. Tali/Masala or fast food hue chis aap kam khaye it's means ki aap na hi kahye to bahut accha hogaa aapke liye ji haa aap sach mano to ye chis se Motapa ka kuch jayda karan hota hai.to yaad rahe ki aap in Choti Moti baato pe deyaan jaruur de.  

पालीगंज अस्पताल में तैनात नर्सों को बीते एक साल से वेतन नहीं मिला है,सभी नर्सो की भुखमरी की स्थिति हो चुकी है,जबकि बजट सत्र होने के कारण हर महीने एक तारीख को मिलने वाला वेतन भी अब तक कर्मचारियों के खाते में नहीं पहुंचा है, मालूम हो कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध में काम बंद करने वाली नर्सो के वेतन को भी रोक लिया गया है.




आक्रोशित में सभी 41 एनएम नर्सो ने अस्पताल में हंगामा किया, आक्रोशित नर्सो ने उपाधिक्षक पर भर्ती के कागजात सत्यापित करने और वेतन के कागजात पास करवाने के नाम पर 5 हजार रिश्वत माँगने का आरोप लगाया है, साथ ही साथ उपाधिक्षक की बैठक में भाग लेने से इंकार भी कर दिया.



जानकारी के अनुसार 2007 से संविदा पर बहाल हुई, प्रशिक्षित नर्सो को पिछले साल नियमित सेवा में भर्ती किया गया था, राज्य सरकार के द्वारा पूरे बिहार में बहाली प्रक्रिया कर सभी नर्सो को नियमित बहाली किया गया था, पुरे बिहार के सभी जिलों में नियमित रूप से बहाल हुई.




पालीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में नए बहाल हुई नर्सो, सभी 41 एनएम को एक साल बीत जाने के बाद भी सत्यापन और अन्य कागजी उलझनों में पदाधिकारियो की टेबल पर रिश्वत दिए बेगैर दबी है, रिश्वत की बलि वेदी पर 41 एनएम के परिवार भेंट चढ़ी हुई है,सभी एनएम ने एक सुर में उपाधिक्षक शिवलाल चौधरी पर 5 हजार रुपए रिश्वत माँगने की सामूहिक और साहसिक आरोप लगाया.

पालीगंज  बाल विकास परियोजना के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बदहाल बना हुआ है,जी हां आपने सही सुना...चलिए हम आपको ले चलते है, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति जहाँ ब से बदतर हो चले है. स्थानीय प्रखंड के मसौढ़ा -जलपूरा पँचायत के दरियापुर प्रेम गांव महादलित टोले में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की कोड संख्या ( 6 ) है ,पालीगंज दरियापुर प्रेम आंगनबाड़ी केंद् 11 बजे बंद पाए गए.


आंगनबाड़ी केंद् की दरवाजे बंद होने कारण कई बच्चे और महिलाएं बैठे हुए पाए गए, ग्रामीणों का कहना है, कि यह आंगनवाड़ी केंद्र के सेविका [ शारदा देवी ] की मनमानी रवैए से हमलोग परेशान है...


शारदा देवी अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों से या तो सेविका गायब रहती है,या फिर सहायिका यदि सेविका व सहायिका दोनों किसी केंद्र पर मिल भी जाय तो वहां बच्चों की उपस्थिति बिल्कुल ही नगण्य रहती है. शारदा देवी मनमानी आंगनबाड़ी केंद् को 11 या 12 बजे खोलती है, आंगनबाड़ी केंद् बंद होने के कारण बच्चों का लालन-पालन नहीं हो रहा है, काफी मुश्किल उठानी पड़ रही है,




दिल दहला देने वाली बात है,ये है, की..बच्चों का पोषाहार भी कभी होती तो कभी नहीं होती है,आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार सिर्फ खिचड़ी ही बनती है,नसीब अच्छी होती तो अंडे परोसा जाता,लेकिन हम आपको याद दिला दे..आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार की मेनू की लिस्ट अलग अलग है.


आंगनबाड़ी केंद्र की ग्रमीणों द्वारा कई दिनों से मिल रही शिकायतों पर जांच करने के लिए 10 बजे पालीगंज टाइम्स टीम की टीम पहुच कर जायजा लिया गया,तो उस समय आंगनवाड़ी केंद्र पर ताले बन्द पड़े थे,11 बजने के बाद भी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहा,इससे पहले कई महिला और पुरुष ग्रामीणों ने बताया कि महीना में मात्र यह आंगनबाड़ी केंद्र दस दिन ही खुलती है,खाना भी कभी-कभी बनती और मिलती है,



इसी बीच कुछ देर रुकने के बाद सेविका शारदा देवी अपने पति के साथ आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंची और ताले बड़े आराम से खोलती दिखी,जब वह तस्वीर लेते देखि तो कहा की यह कौन है, शारदा देवी से सवाल किया गया तो उलटे जवाब दी, कि आप कौन है, आपको किसने भेजा है, जब परिचय देने पर भड़कती हुई, कहि की मैं इस तरह नहीँ करती हूँ...सभी ऐसे ही करती है, लोग जवाब सुनने के बाद स्तब्ध रह गए. शारदा देवी से देर से आने का कारण पूछा गया,तो उन्होंने कहा मेरी तबियत खराब है, इसलिए देर हो गई,




कई तरह के उलटे सीधे जबाब देते हुए,शारदा देवी अपने आप को निर्दोष साबित करने की प्रयास किया, वहीँ पति रमेश दास ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए, कहा कि कभी ऐसा नहीँ होगा, जब सिडीपीओ को इसकी सूचना फोन से दिया गया तो, इस पर उन्होंने तत्काल जांचकर कड़ी करवाई की बात कही.

पालीगंज :  अनुमण्डल मुख्यालय बाजार स्थित रानीतालाब रोड के स्टेट बैंक के मुख्य शाखा प्रबन्धक प्रमोद कुमार सिन्हा के कुव्यस्था के कारण आम ग्राहकों की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीँ रही है,नोट बंदी को लेकर लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही हैं,और जरूरी कामों के लिये लोगों को बैंकों से प्रर्याप्त मात्रा में नोट नही मिल पा रहे हैं,




बैंकों की लाइनों में तमाम काम छोडकर सुबह से लेकर शाम तक भूखे प्यासे खड़े रहने पर मजबूर हैं,पालीगंज की जनता, 12 बजने के बाद बैंक से पैसे खत्म हो गये, यह शिलशिला लगातार कई दिनों से चलता आ रहा है, पालीगंज की जनता को फॉर्म ही नहीँ मिलता तो किसी को बैंक में पैसे होने के वावजूद भी कैश काउंटर पर कहा जाता की आपके एकाउंट में पैसे नहीँ है,किसी चेक खत्म होने पर उसके द्वारा एक माह पूर्व आवेदन देने के भी चेक नहीँ आया,






जलपूरा गांव निवासी विजय सिंह जब अपने पैसे चेक से निकालने के लिए कैश काउंटर पर पहुचे, तो वहाँ कैशियर ने जबाब दिया की आपके खाते में पैसे नहीँ है, विजय सिंह यह सुन वह दंग रह गए, जबकि उनके खाते में दो लाख से अधिक की रकम जमा थी, विजय सिंह ने मैनेजर से पता करने के बाद,जब खाते चेक किया गया, तो दो लाख रुपए जमा सही पाए गए.


दूसरी और महिला राजकुमारी देवी ने पैसे निकालने के लिए बैंक पहुंची, तो चेक नहीं होने के कारण राजकुमारी देवी निकालने गई तो, प्रबन्धक ने अनुमति नहीं दी, राजकुमारी देवी एक माह पूर्व चेक खत्म होने पर चेक के लिए आवेदन दे चुकी है, लेकिन प्रबन्धक ने उन्हें भगा दिया गया.

ऐतिहासिक द्वापर कालीन उल्लार सूर्य मंदिर की जिस प्रकार के पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता है,उस दृष्टिकोण से यह महोत्सव नहीँ हो पा रहे है, इस मंदिर की विश्वस्तरीय 12 सूर्य पीठो में से एक है,



देव सूर्य मंदिर ( देवार्क )में हर वर्ष होने वाली देव सूर्य महोत्सव को पहले ही राजकीय समारोह का दर्जा मिल चुका है, जबकि दोनों की ऐतिहासिक और पौराणिक महत्ता एक ही जैसी है, लेकिन राज्य सरकार ने एक को अधिक तरहीज देते हुए, राजकीय दर्ज दे दिया है, और उल्लार सूर्य मंदिर में होने वाले उल्लार महोत्सव को नजर अंदाज किए हुए है,जोकि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति ही कही जा सकती है.उल्लार सूर्य मंदिर में कई बड़े - बड़े हस्तियाँ अफसरों और राजनेताओं मंदिर मथ्था में टेकने आते है, सभी लंबे चौड़े वादे करके चले जाते हैं.


जिसका उदाहरण है :  पिछले साल उल्लार महोत्सव का अंत के अवसर पर, इस बार भी उल्लार महोत्सव समारोह के शुभ औसर पर मुख्य और विशिष्ठ अतिथि थे, बिहार विधानसभा के नवनिर्वाचित विपक्ष के नेता डॉ.प्रेम कुमार और सांसद सह केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव थे, समारोह में मुख्य वक्ता के तौर पर डॉ प्रेम कुमार सार्वजनिक घोषणा करते हुए कहा था, कि " कल मेरी विपक्ष के नेता के तौर पर पहली भाषण होगी, उसमें मैं सबसे पहले इस ऐतिहासिक उल्लार मंदिर की हर वर्ष होनी वाली उल्लार महोत्सव को राज्य सरकार से इसे राजकीय समारोह घोषित करने माँग को उठाऊंगा,राज्य साकार कला और सांस्कृतिक मंत्री रामचन्द्र राम अतिथि के रूप में आए,उनसे यह मांग किया गया,लेकिन उन्होंने इसपर कुछ भी कहने से इंकार करते हुए कहा,कि यह विभाग पर्यटन मंत्रालय के जिम्मे है, वहीँ कुछ कर सकते है.

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में ऑलराउंडर आर. अश्विन ने हाफ सेन्चुरी लगाई, उन्होंने 58 रन बनाए, सीरीज में ये अश्विन की ये दूसरी हाफ सेन्चुरी है, अपने आखिरी 10 टेस्ट में अश्विन 2 सेन्चुरी और 3 हाफ सेन्चुरी लगा चुके हैं, इस वक्त वो टेस्ट के नंबर 1 ऑलराउंडर हैं, साथ ही इंडिया के दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव पर भी भाड़ी पड़ते नजर आ रहे हैं, कपिल से सिर्फ 4 कदम हैं दूर.



  • अब तक कपिल देव को ही भारत का बेस्ट ऑलराउंडर माना जाता रहा है, लेकिन अश्विन उनसे आगे निकलते दिख रहे हैं.
  • टेस्ट क्रिकेट में वो नंबर वन ऑलराउंडर हैं, लगातार अश्विन की तुलना कपिल देव से हो रही है.
  • टेस्ट में कपिल देव ने कुल 8 सेन्चुरी लगाई हैं,उनके नाम 27 हाफ सेन्चुरी भी दर्ज हैं, वहीं, अश्विन 41 मैचों में ही 4 सेन्चुरी लगा चुके हैं.
  • अश्विन फिलहाल जिस फॉर्म में हैं,उससे लगता है कि अगले 6 महीने में ही कपिल देव का रिकॉर्ड ( इंडियन बॉलिंग ऑलराउंडर द्वारा टेस्ट में सबसे ज्यादा सेन्चुरी ) तोड़ देंगे.
ऐसा इसलिए क्योंकि अगले कुछ महीने टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज ही खेलनी है,इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलिया भी इंडिया में 4 टेस्ट खेलने आएगी, इसके बाद बांग्लादेश से भी एक टेस्ट मैच होना है.








15 साल बाद फिल्म " Dil Chahta Hai " फिर से चर्चा में है, निर्देशक " farhan akhtar " इसका सीक्वल लाने की तैयारी कर रहे हैं,अभिनेता-फिल्मकार फरहान अख्तर का कहना है, कि वह साल 2001 की अपनी हिट फिल्म 'दिल चाहता है, का सीक्वल लड़कियों के साथ बनाना पसंद करेंगे.साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म 'दिल चाहता है, में आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना जैसे सितारे प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई दिए थे.


Pandrah साल बाद आई इस खबर ने दिल की चाहतों को फिर जिंदा कर दिया है, खबर ये कि ' " Dil Chahta Hai "  का सीक्वल आ रहा है, और इस बार इसमें तीन लड़के नहीं बल्कि तीन लड़कियां होंगी. 'दिल चाहता है' फरहान अख्तर की डायरेक्टोरियल डेब्यू थी,फरहान की मानें तो आलिया भट्ट, परिणीति चोपड़ा और श्रद्धा कपूर ने 'दिल चाहता है-2' में काम करने की इच्छा जताई है, जिस पर फरहान गंभीरता से सोच रहे हैं. फिलहाल फिल्म की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन अगर फरहान के जहन में है तो पर्दे पर आने में भी देर नहीं लगेगी.

पर इस बार ये उतना आसान नहीं होने वाला. जैसा कि फरहान अख्तर की फिल्में देखें तो वो मैन ओरिएंटिड होती है, 'जिंदगी मिलेगी न दोबारा' 'रॉक ऑन' वगैरह, दोस्तों की जिंदगियों से जुड़ी हुई. लड़कों की लाइफ का फलक बहुत ब्रॉड होता है, एडवेंचर, फन, आजादी के साथ-साथ करने को बहुत कुछ होता है, जिसे फरहान बखूबी पर्दे पर उतारते हैं. और दर्शक उससे रिलेट भी करते हैं. लेकिन लड़कियों के लिए नया क्या लाएंगे फरहान.


अगर इस फिल्म को फरहान कुछ साल पहले लेकर आते तो शायद दिखाने के लिए बहुत कुछ होता, पर 15 सालों में तो लड़कियों ने भी खुद को बदल लिया. अब लड़कियों की जिंदगी भी ब्रॉड है. अब तो लड़कियां भी एडवेंचर ट्रिप्स पर जाती हैं, दोस्त साथ न भी हों तो अकेले सही, अरे बाइक पर ही दुनिया घूम लेती हैं लड़कियां. डिस्क, पब, दारू, डांस कुछ भी नया नहीं है अब लड़कियों के लिए. रही बात रिलेशनशिप्स की तो लड़कियों का स्टेटस भी अब कॉम्पलीकेटेड होने लगा है. वो भी बेफिक्रों की तरह अपनी लाइफ एन्जॉय करती हैं. और ब्रेकअप होने पर ब्रेकअप पार्टी भी देती हैं. जमाना बदल गया है.

फरहान की फिल्मों में एक फैक्टर जरूर होता है, वो ये कि इनकी फिल्में सच्चाई के बहुत करीब होती हैं. (इतनी सच कि सितारों से गाने भी खुद ही गवाते हैं), हर दर्शक इन फिल्मों के किरदारों में खुद को देखता है. जाहिर सी बात है, इस बार जब लड़कों की जगह लड़कियां लेंगी तो फरहान को बहुत सोचना पड़ सकता है. लेकिन 15 साल बाद जब लड़कियां भी लड़कों की तरह आजाद खयालात की हैं, तो फरहान ऐसा क्या नया लाएंगे जो लड़कियों की उम्मीदों पर खरा उतर पाएगा... सोचने वाली बात यही है!

वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसे ग्रह की खोज की है, जिसे धरती जैसा माना जा रहा है, यानी वहां जीवन होने की संभावनाएं प्रबल हैं, आखिर क्यों इस ग्रह को कहा जा रहा धरती जैसा, जानिए ?


क्या इस ब्रह्मांड में धरती के अलावा कहीं और भी जीवन है,ये एक ऐसा सवाल है, जिसका जवाब तलाशने की कोशिश में विज्ञान वर्षों से लगा है लेकिन तमाम अनुसंधानों के बावजूद उसके पास सिर्फ कयासों के अलावा आज भी इस सवाल का कोई सटीक जवाब नहीं है.

ऐसे में अगर आपको पता चले की वैज्ञानिकों को धरती जैसा कोई ग्रह मिल गया है, तो आपका चौंकना लाजिमी है, दरअसल ब्रह्मांड में धरती के अलावा भी कहीं और जीवन की संभावनओं को तलाशने में जुटी रिसर्च टीम ने एक ऐसे ग्रह प्रोक्जिमा बी को खोजा है, जिसके बारे में कहा जा रहा है, कि वहां जीवन हो सकता है.

सूर्य के सबसे करीब स्थित रेड डॉर्फ ( ठंडा तारा ) यानी कि तारे प्रोक्जिमा सेंटौरी की परिक्रमा कर रहे प्रोक्जिमा बी नामक ग्रह के बारे में मिली जानकारियां इस ग्रह पर जीवन होने की संभावनाओं को बल देती हैं, आइए जानें आखिर क्यों इस नए ग्रह पर हैं जीवन होने की संभावनाएं.



धरती जैसे नए ग्रह पर है जीवन :  वैज्ञानिकों ने हाल ही में हमारे सूर्य के सबसे करीब स्थित ( 4.2 प्रकाश वर्ष दूर ) तारे प्रोक्जिमा सेंटौरी की परिक्रमा करते धरती जैसे एक नए ग्रह प्रोक्जिमा बी की खोज की है, प्रोक्जिमा बी सेंटौरी की हर 11.2 दिन में एक परिक्रमा पूरी करता है. साथ ही इसका द्रव्यमान पृथ्वी से 1.3 गुना ज्यादा है, जिसका अर्थ है, कि यह ग्रह पथरीला हो सकता है.


वैज्ञानिकों ने हमारे सूर्य के सबसे करीब स्थित तारे की परिक्रमा करते धरती जैसे ग्रह प्रोक्जिमा बी की खोज की है

इस नए खोजे गए ग्रह की परिस्थितियां इस बात की संभावनाओं को बढ़ाती हैं, कि अगर इस इस ग्रह पर पानी हुआ तो वह लिक्विड अवस्था में हो सकता है,वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रोक्जिमा बी का तापमान पानी के लिक्विड अवस्था में रहने के लिए जरूरी तापमान जितना ही हो सकता है.


वैज्ञानिकों ने खोजा धरती जैसा नया ग्रह प्रोक्जिमा बी

वैज्ञानिकों का कहना है, कि प्रोक्जिमा बी का सूर्य हमारे सूर्य की तुलना में ज्यादा ठंडा और कम तापमान वाला है,यही वजह है, कि हमारे सौरमंडल में स्थित बुध की सूरज से दूरी की तुलना में अपने तारे से कहीं कम दूरी पर स्थित होने के बावजूद प्रोक्जिमा बी का तापमान जीवन के अनुकूल माना जा रहा है, और इसे धरती जैसा ग्रह कहा जा रहा है.

इस नए ग्रह की खोज के लिए वैज्ञानिकों ने चिली स्थित दो, विशालकाय दूरबीनों की मदद से जुटाई गई जानकारियों के अध्ययन से हुई है,इस अध्ययन से सामने आया कि सेंटौरी नामक तारे की परिक्रमा कर रहे किसी ग्रह के खिंचाव के कारण सेंटौरी में थोड़ा सा हिलता.


वैज्ञानिकों ने खोजा धरती जैसा नया ग्रह प्रोक्जिमा बी

यह ग्रह और कोई नहीं बल्कि प्रोक्जिमा बी था, जोकि सेंटौरी तारे से 47 लाख मील (75 लाख किलोमीटर ) की दूरी पर स्थित है, और करीब 11.2 दिन में इस तारे की एक परिक्रमा पूरी करता है. 

कितना सच है प्रोक्जिमा बी पर जीवन होने का दावा : प्रोक्जिमा बी पर जीवन है, या नहीं इस बारें अभी सिर्फ कयास ही लगाए जा सकते हैं, इसके कई कारण हैं, जैसे वैज्ञानिकों को सिर्फ इस ग्रह के द्रव्यमान के बारे में पता है, लेकिन रेडियस के बारे में नहीं, यानी उन्हें ये नहीं पता है, कि ये ग्रह पथरीला है या नहीं, इसी तरह छोटे तारे की परिक्रमा करने के आधार पर इसे ‘हैबिटेबल जोन’ ( रहने योग्य क्षेत्र ) माना जा रहा है.


प्रोक्जिमा बी की सतह का काल्पनिक चित्र

प्रोक्जिमा बी ऐसा पहला ग्रह नहीं है,जिसे " रहने योग्य क्षेत्र " में माना गया है,हमारे सौर ग्रह के बाहर सबसे पहले ग्रह की खोज 1992 में हुई थी, जब वैज्ञानिकों ने न्यूट्रॉन जैसे पल्सर नाम सूर्य की परिक्रमा करते हुए ग्रह को खोजा था, सूर्य जैसे तारे की परिक्रमा करने वाले पहले ग्रह की खोज 1995 में हुई थी.


वैज्ञानिक का कहना है कि प्रोक्जिमा बी पर पानी लिक्विड अवस्था में हो सकता है

तब से केपलर स्पेस ऑब्जर्वेटरी और ग्राउंड बेस्ड ऑब्जर्वेशंस ने पृथ्वी के आकार के और अपने सूर्य के हैबिटेबल जोन में स्थित ऐसे कई ग्रहों कि खोज की है, खगोलशास्त्रियों का कहना है, कि हमारी गैलेक्सी में पृथ्वी जैसे आकार के करीब 40 अरब ग्रह मौजूद हो सकते हैं, जोकि हमारे सूर्य जैसे तारे ( यलो डॉर्फ ) या रेड डॉर्फ की परिक्रमा कर रहे हैं.


सूर्य के सबसे नजदीक स्थित तारे प्रोक्जिमा सेंटौरी और उसके ग्रह प्रोक्जिमा बी की स्थिति


सबसे बड़ा सवाल कि आखिर क्या कभी पृथ्वी से प्रोक्जिमा बी तक पहुंच पाएगा ? तो इसका जवाब है, कि हाल फिलहाल इसकी संभावना न के बराबर है, मौजूदा टेक्नोलॉजी को देखते हुए इस ग्रह तक पहुंचने में करीब 70 हजार साल का समय लगेगा.

 
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस नए खोजे गए ग्रह प्रोक्जिमा बी की सतह पथरीली हो सकती है

अगर हाल में शुरू की गई, कुछ महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पूरी हो जाती हैं, तब भी प्रोक्जिमा सेंटौरी पर पहुंचनें कई दशकों का समय लगेगा.



प्रोक्जिमा बी पर पहुंचने में अभी वैज्ञानिकों को करीब 70 हजार साल का वक्त लगेगा 
इसलिए तमाम संभावनाओं के बावजूद अभी ये कहा पाना बहुत मुश्किल है, कि इस नए खोजे गए ग्रह प्रोक्जिमा बी पर जीवन है या नहीं, यानी धरती के अलावा ब्रह्मांड में कहीं और जीवन मौजूद है कि नहीं इस सवाल का जवाब तलाशने की कोशिशों में जुटे विज्ञान के पास फिलहाल इसका जवाब नहीं है.   

BMW ने एक ऐसी कॉन्सेप्‍ट बाइक पेश की है, जिसमें ना ही हेलमेट की जरूरत है, और ना ही स्टैंड की जी हां, ये अपने आप खड़ी हो जाएगी, अब ड्राइवर लेस कार का जमाना पुराना हो गया, गूगल-एप्पल सभी इसपर काम कर रहे हैं, लेकिन बिना स्टैंड वाली अपने आप बैलेंस होने वाली बाइक कुछ नया है.


लग्जरी ऑटो ब्रैंड BMW ने भविष्य की गाड़ी पेश की है,यहां आपको यकीनन थोड़ा हैरान होने की जरूरत है, BMW ने एक ऐसी कॉन्सेप्‍ट बाइक पेश की है, जिसमें ना ही हेलमेट की जरूरत है, और ना ही स्टैंड की जी हां, ये अपने आप खड़ी हो जाएगी, अब ड्राइवर लेस कार का जमाना पुराना हो गया, गूगल-एप्पल सभी इसपर काम कर रहे हैं, लेकिन बिना स्टैंड वाली अपने आप बैलेंस होने वाली बाइक कुछ नया है, खास बात तो ये है, कि इसमें आपको हेलमेट की जरूरत भी नहीं, कंपनी का कहना है, कि ये बाइक हमेशा खड़ी रहेगी, चाहें आप चला रहे हों, या ना तो ऐसे में गिरने की जगह ये बैलेंस हो जाएगी.



अपनी 100वीं वर्षगांठ पर पेश की ये बाइक :  BMW ने अपनी 100वीं वर्षगांठ पर ये बाइक दुनिया के सामने पेश की है, कंपनी की इस साल की ये चौथी और सबसे बेहतरीन बाइक है, इसे सैंटा मोनिका, कैलिफोर्निया में लोगों के सामने लाया गया है.




फिल्मी लॉन्चिंग :  जरा सोचिए...😐 बैटमैन की गाड़ी की तरह दिखने वाली एक बाइक किसी दरवाजे से एक बड़े से ऑडिटोरियम के अंदर आती है, और फिर उसे देखकर लोगों की सांसे थम जाएं. बड़े स्टाइल से फीमेल राइडर हेलमेट निकाले और फिर दोनों हांथ छोड़कर पैर बाइक के फुट रेस्ट पर रख ले और बाइक अपने आप बिना किसी सपोर्ट के सीधे खड़ी रहे, ऐसा नजारा किसी फिल्म का नहीं बल्कि BMW मोटरार्ड विजन नेक्स्ट 100 का शो था,जी हां, इतना लंबा नाम है, इस बाइक का.


कैसे करेगी रक्षा :  अब इस बाइक में हेलमेट की जरूरत नहीं है, तो कोई ना कोई तरीका तो होगा ही ना, BMW ने इस बाइक में कई सिस्टम लगाए हैं, जिनका नाम कंपनी ने डिजिटल कम्पैनियन रखा है, इनमें से एक है वाइसर, ये असल में एक सनग्लास जैसा प्रोडक्ट है, जो आंखों के इशारे से कंट्रोल किया जाता है, खास बात ये है, कि इससे रोड का फीडबैक मिलता है, जी हां रोड का फीडबैक, होता कुछ ऐसा है, कि इस डिवाइस से यूजर की स्पीड और ड्राइविंग स्टाइटल के हिसाब से रोड का जायजा लेता है, और फिर उस हिसाब से गाड़ी की स्पीड को एडजस्ट करता है, उफ्फ इसे समझना इतना आसान तो नहीं है, लेकिन फिर भी ये आज की टच स्क्रीन बाइक्स से काफी आगे है.


फ्लेक्सिबल :  ये बाइक फ्लेक्सिबल है. जी बिलकुल माइकल जैक्सन के जैसी फ्लेक्सिबल. इस स्मार्ट गाड़ी में कंपनी ने फ्लेक्स फ्रेम का इस्तेमाल किया है जो कुछ ऐसा काम करता है कि बिना उन ज्वॉइन्ट्स के जो आज की मोटर बाइक्स में मिलते हैं आप आसानी से इसे मोड सकते हैं. कुछ ऐसा समझिए की जैसे ही राइडर हैंडलबार को मोड़ता है पूरा फ्रेम बाइक को सही डायरेक्शन देने के लिए बदल जाता है. कम स्पीड में होने पर सिर्फ थोड़ी सी मेहनत लगेगी. हालांकि, अगर आपकी स्पीड ज्यादा है तो मुड़ने के लिए आपको थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी होगी.



साइज और शेप :  इस कॉन्सेप्ट बाइक का शेप बड़ा ही रोचक है, किसी एक्सपर्ट की कलाकारी की तरह ये बाइक तिकोने आकार की है, और ब्लैक-सिल्वर रंग में है, सीट से ऊपर की ओर फ्रेम दिया गया है, जो हैंडल से होते हुए सामने और पीछे के टायर की ओर जाता है, खास बात ये है, कि कार्बन से बनी इस बाइक में नॉन गैसोलीन पावर सोर्स का इस्तेमाल होगा ( ध्यान रखें ये सिर्फ कॉन्सेप्ट है ).



क्या आम इंसान इसे खरीद पाएगा :  अब सवाल है, क्या आम इंसान इसे खरीद पाएगा ?. तो जी फिलहाल कंपनी ने इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, ये कब लॉन्च होगी, कीमत क्या होगी, आखिर कहां-कहां मिलेगी और क्या वाकई जितनी बताई जा रही है, उतनी सेफ है,ये सब सवालों के जवाब या तो कंपनी जाने या फिर भगवान, लेकिन इतना तो तय है, कि अब BMW ने तकनीकी कंपनियों के काम करने के लिए एक नया प्रोजेक्ट जरूर दिखा दिया है.

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