दिल्ली में पढ़ाई कर रहे पालीगंज के 28 साल के अरविंद कुमार‬ की दोनों किडनी‬
खराब हो गई है।



यदि किडनीट्रांसप्लांट नहीं हुआ, तो युवक को बचा पाना मुश्किल है। डायलिसिस करने के बाद चिकित्सकों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी। अरविंद के बड़े भाई राकेश कुमार का कहना है कि ट्रांसप्लांट के लिए मां किडनी देना चाहती थी। मां को लेकर दिल्ली ले गए थे, लेकिन वह भी मधुमेह से पीड़ित निकल गई। कुछ दिन पहले अरविंद टायफायड से पीड़ित हुआ था। इलाज चला। टायफायड ठीक हुआ तो एक दिन अचानक वह बेहोश हो गया। उसके बाद डॉक्टरों ने जांच की, तो पता चला कि क्रिएटिनिन काफी बढ़ा है। जांच से पता चला कि अरविंद की दोनों किडनी खराब हो गई है। तुरंत डायलिसिस की जरूरत पड़ी। इसके बाद डॉक्टरों ने कहा कि अब ट्रांसप्लांट ही एकमात्र रास्ता बचा है। जर्मन लैंग्वेज से स्नातक करने वाले छोटे भाई की जान बचाने के लिए बड़े भाई डोनर की तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन अभी तक डोनर नहीं मिला है। अरविंद का फिलहाल दिल्ली में इलाज चल रहा है। राकेश के मुताबिक डोनर मिल जाए तो भाई की जान बचाई जा सकती है। अरविंद का ब्लड ग्रुप पॉजिटिव है। वैसे और ब्लड ग्रुप वाले की किडनी ली जा सकती है। डोनर नहीं मिलने पर अरविंद को बचाना संभव नहीं होगा। घर में बुजुर्ग मां-बाप हैं।