Paliganj Times

.
Latest Post

Washington : अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump फरवरी के आखिर में भारत दौरे को लेकर खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं. ट्रम्प और उनकी पत्नी दोनों ने ट्विटर पर इसकी घोषणा भी की थी.  ट्रम्प ने शनिवार को भी एक ट्वीट किया, जिसमें मार्क जकरबर्ग के हवाले से कहा कि फेसबुक पर लोकप्रियता के मामले में वह नंबर वन हैं और दूसरा नंबर प्रधानमंत्री मोदी का है. हालांकि, आंकड़ों के लिहाज से ट्रम्प का दावा गलत है। फेसबुक फॉलोअर्स और पेज लाइक्स के मामले में वह प्रधानमंत्री मोदी से बहुत पीछे हैं.




डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट किया, “हाल ही में फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग से मिला था. उन्होंने मुझे बताया कि फेसबुक पर लोकप्रियता के मामले में मैं नंबर 1 और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नंबर 2 पर हैं. मुझे लगता है यह बड़ा सम्मान है। मैं अगले दो हफ्ते में भारत की यात्रा पर जा रहा हूं। इसको लेकर मैं बहुत उत्साहित हूं.


ट्रम्प के ट्वीट में फेसबुक पर नंबर वन होने का दावा वास्तव में पूरी तरह गलत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फॉलोअर्स के मामले में ट्रम्प से बहुत आगे हैं। मोदी के फेसबुक फॉलोअर्स की संख्या 44,378,625 है, जबकि ट्रम्प के फॉलोअर्स की संख्या 27,537,177 हैं। यह मोदी की तुलना में लगभग आधी है.


प्रधानमंत्री मोदी के फेसबुक फॉलोअर्स और पेज लाइक्स की संख्या ट्रम्प की तुलना में करीब दोगुनी है. लेकिन, सक्रियता के मामले में ट्रम्प मोदी से बहुत आगे हैं. मोदी ने पिछले एक हफ्ते में फेसबुक पर एक ही पोस्ट किया, जबकि ट्रंप ने इस दौरान 125 पोस्ट किए हैं. हालांकि, इस साल के आखिर में अमेरिका में आने वाले राष्ट्रपति चुनावों के कारण, ट्रम्प को फेसबुक पर अधिक सक्रिय माना जा सकता है.



  • डोनाल्ड ट्रम्प के दो फेसबुक अकाउंट हैं। 'राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रम्प' नाम का उनका एक अकाउंट 18 मई 2018 से निष्क्रिय है। इसे 12 जनवरी 2017 को बनाया गया था और इसके 2 एडमिन थे। इस अकाउंट पर उनके 5,387,852 फॉलोअर है, जबकि पेज लाइक्स की संख्या 3,100,028 है। इस पर 18 मई 2018 आखिरी पोस्ट की गई थी.
  • डोनाल्ड ट्रम्प का दूसरा फेसबुक अकाउंट 'डोनाल्ड जे ट्रम्प' के नाम से है। इसे 8 अप्रैल 2009 को बनाया गया था। अभी 17 लोग इसके एडमिन हैं। इस पर ट्रम्प के फॉलोअर्स की संख्या 2,75,37,218 और पेज लाइक्स की संख्या 2,59,63,993 है। इस अकाउंट पर आखिरी अपडेट 12 फरवरी 2020 का है.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक अकाउंट 'नरेंद्र मोदी' के नाम पर है। इसे 5 मई 2009 को बनाया गया था और इसके 5 एडमिन हैं। प्रधानमंत्री मोदी के फॉलोअर्स की संख्या 4,43,78,656 है, जबकि उनके पेज लाइक्स की संख्या 4,46,22,763 है.
  • दोनों ही नेताओं के फेसबुक अकाउंट की तुलना करें, तो साफ है कि डोनाल्ड ट्रम्प के फॉलोअर प्रधानमंत्री मोदी से 1,68,41,438 कम हैं। ऐसे में फेसबुक पर नंबर वन होने का उनका दावा गलत हो जाता है.






News reference :  Dainik Jagran 


  • अहमदाबाद में 24 फरवरी को नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम, विदेश मंत्रालय ने कहा- डोनाल्ड ट्रम्प नागरिक अभिनंदन समिति है, आयोजक
  • समिति के बारे में न सरकार ने जानकारी दी, न किसी ने कुछ बोला कार्यक्रम में 100 करोड़ रुपए खर्च होने की बात, जो गुजरात सरकार ही कर रही.




Ahmedabad गुजरात के Motera Stadium में 24 फरवरी को "नमस्ते ट्रम्प' कार्यक्रम होगा. इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump's और प्रधानमंत्री Narendra modi शामिल होंगे. अमेरिका के ह्यूस्टन में 5 महीने पहले हुए ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम की तरह ही इसे भी भव्य बनाने की तैयारी हो रही है. हाउडी मोदी कार्यक्रम को टेक्सास इंडिया फोरम ने आयोजित करवाया था. लेकिन नमस्ते ट्रम्प का आयोजक कौन है? गुरुवार से पहले तक लग रहा था. कि इसे केंद्र सरकार ही आयोजित करवा रही है या फिर गुजरात सरकार या हो सकता है कि भाजपा का कार्यक्रम होगा.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया था कि 'डोनाल्ड ट्रम्प नागरिक अभिनंदन समिति' कार्यक्रम की आयोजक है। ट्रम्प के भारत दौरे की जानकारी व्हाइट हाउस ने 10 फरवरी को ही दे दी थी। कुछ महीनों पहले से भी अहमदाबाद में ट्रम्प के स्वागत में ऐसा कार्यक्रम होने की बात चल रही थी. लेकिन रवीश कुमार के बयान से पहले तक कभी भी इस समिति के बारे में कोई चर्चा तक नहीं थी.


Donald Trump's नागरिक अभिनंदन समिति एक निजी संस्था है और निजी संस्था के कार्यक्रम में सरकारी खर्च क्यों किया जा रहा है? न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प के दौरे पर सरकार 80 से 85 करोड़ रुपए खर्च कर रही है. कुछ खबरों में 100 करोड़ रुपए खर्च की भी बात हो रही है. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी लगातार इस कार्यक्रम को लेकर मीटिंग कर रहे हैं. भास्कर की पड़ताल में पता चला कि आयोजन के खर्च को सरकार के खाते में दिखाने से बचने के लिए समिति बनाई गई. इसके जरिए बड़े काॅर्पाेरेट्स, सरकारी कंपनियां और सहकारी संगठन भी सीएसआर के तहत चंदा दे सकते हैं.


सरकार ने namastepresidenttrump.in वेबसाइट भी बनाई है. इस वेबसाइट को गुजरात सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने डेवलप किया है. लेकिन इस वेबसाइट पर "About Us' का पेज ही नहीं है. इस वेबसाइट के नाम से ट्विटर और फेसबुक पर भी अकाउंट बनाया गया है.




Donald Trump's ने कहा अहमदाबाद में रोड शो में 70 लाख लोग जुटेंगे






  • अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump's ने कहा - मैं बहुत हद तक पीएम मोदी की तरह बनने वाला हूं, दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम में मेरा कार्यक्रम होगा.
  • रोड शो रूट के मुताबिक- ट्रम्प और मोदी एसपी रिंग रोड होते हुए साबरमती आश्रम जाएंगे, दोनों वहां 25 मिनट रुकेंगे.

Motera Stadium में होने वाले कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump's  के दावे को अहमदाबाद प्रशासन ने गलत बताया है. ट्रम्प ने बुधवार को दावा किया था कि उनके रोड शो के दौरान एयरपोर्ट और मोटेरा स्टेडियम के बीच करीब 70 लाख लोग होंगे.

उन्होंने यह भी कहा था कि मैं बहुत हद तक पीएम मोदी की तरह बनने वाला हूं, कार्यक्रम दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम में होगा. इसे लेकर मैं काफी उत्साहित हूं. हालांकि, अहमदाबाद प्रशासन ने बुधवार को कहा कि इस रोड शो में सिर्फ 1 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.


अहमदाबाद के नगरपालिका आयुक्त विजय नेहरा ने बुधवार को कहा अहमदाबाद शहर की कुल आबादी ही करीब 70 से 80 लाख है, ऐसे में रोड के शो के 22 किमी. लंबे रूट में सिर्फ 1 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है. नेहरा ने कुछ दिन पहले भी यही बात कही थी.


ट्रम्प का विशेष विमान 24 फरवरी को सुबह 11.55 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतरेगा। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका स्वागत करेंगे रोड शो के रूट के मुताबिक, ट्रम्प और मोदी एयरपोर्ट से एसपी रिंग रोड होते हुए साबरमती आश्रम जाएंगे दोनों नेता वहां 25 मिनट रुकेंगे दोपहर 1:15 बजे मोटेरा स्टेडियम पहुंचेंगे यहां ट्रम्प के स्वागत से लेकर सुरक्षा तक के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. करीब 25 हजार जवान सुरक्षा में तैनात होंगे वे तकरीबन ढाई घंटे अहमदाबाद में रुकेंगे.

24 फरवरी को ही ट्रम्प ताजमहल देखने आगरा जाएंगे 25 फरवरी को ट्रम्प और मेलानिया दिल्ली में रहेंगे राष्ट्रपति भवन में आधिकारिक स्वागत होगा दोनों महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट भी जाएंगे द्विपक्षीय वार्ता और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात के बाद ट्रम्प मंगलवार रात को ही वॉशिंगटन रवाना होंगे.




News Reference : Dainik Bhaskar  


  • निर्भया की मां ने कहा- देर है, अंधेर नहीं; हमें इस बात की पूरी उम्मीद है, कि 3 मार्च को दोषियों को फांसी दे दी जाएगी.
  • दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा- पवन क्यूरेटिव और मर्सी पिटीशन लगाना चाहता है, अक्षय भी नई याचिका लगाएगा.
  • निर्भया के दोषी विनय शर्मा ने तिहाड़ में भूख हड़ताल शुरू की, दोषी मुकेश सिंह के लिए कोर्ट ने नया वकील नियुक्त किया.


निर्भया केस में पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को चारों दोषियों का तीसरा डेथ वॉरंट जारी किया,  एडिशनल सेशन जज ने 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी देने का आदेश दिया है, निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद कि 3 मार्च को दोषियों को फांसी दे दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि न्याय में देर होती है, अंधेर नहीं होता उधर, दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि अभी कानूनी विकल्प बाकी हैं, और इनका इस्तेमाल न किए जाने को इंसाफ देने में नाकामी कहा जाएगा. उन्होंने बताया कि दोषी पवन क्यूरेटिव पिटीशन और मर्सी पिटीशन लगाना चाहता है. दुष्कर्मी अक्षय भी गुनाह के वक्त अपने नाबालिग होने को लेकर नई याचिका दाखिल करना चाहता है.



इन तारीखों पर जारी किए गए डेथ वॉरंट
  • 7 जनवरी, 2020 पहला डेथ वॉरंट  22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी देने का आदेश, एक दोषी की दया याचिका लंबित रहने से फांसी नहीं हुई
  • 17 जनवरी, 2020 दूसरा डेथ वॉरंट: 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी देना का आदेश, 31 जनवरी को ट्रायल कोर्ट ने रोक लगाई
  • 17 फरवरी, 2020 तीसरा डेथ वॉरंट: 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी का आदेश, दोषियों के वकील ने कहा- अभी कानूनी विकल्प बाकी

* News Reference : dainik bhaskar
दोषियों के वकील एके सिंह बोले- अभी कानूनी विकल्प बाकी

निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस के चारों दोषियों के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तीसरी बार डेथ वारंट जारी किया है, नया डेथ वारंट जारी होने के बाद दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि उनके पास अभी कानूनी विकल्प बाकी है और आर्टिकल 21 जीने का अधिकार देता है, वहीं निर्भया की मां ने कहा है,  कि बहुत खुश नहीं हूं क्योंकि पहले भी दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी हो चुका है, उन्होंने कहा कि कभी हार नहीं मानेंगे और कहते है देर है अंधेर नहीं है, उम्मीद करते हैं तीन मार्च को चारों दोषी फांसी पर चढ़ेंगे.

एपी सिंह ने बताया कि दोषी पवन की राष्ट्रपति के सामने नई दया याचिका दोबारा से दाखिल करेगा क्योंकि नए तथ्य सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट पर दवाब बनाएंगे और जब तक दोषी सारे कानूनी विकल्प का इस्तेमाल नहीं कर लेते तो यह मिस कैरिज ऑफ जस्टिस होगा. अक्षय, विनय और पवन की मामला भी लंबित है। पवन के नाबालिग होने पर भी फैसला आना है और एसएलपी पर फैसला आना है। मर्सी (दया याचिका) और पोस्ट मर्सी की याचिका आती है. 

सिंह ने कहा कि जस्टिस दिखना और होना चाहिए सिर्फ अखबार और दीवारों पर लिखने से जस्टिस नहीं होगा 

पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने चारों दोषियों -मुकेश कुमार सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार (31) को फांसी देने के लिए खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया है। दिल्ली की अदालत दोषियों के लिए मौत के नए फरमान जारी करने की मांग करने वाली दिल्ली सरकार और निर्भया के माता-पिता की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को यह स्वतंत्रता दी थी कि वे दोषियों को फांसी देने के लिए नया डेथ वारंट जारी करने के लिए निचली अदालत से गुहार लगा सकते हैं। सबसे पहले फांसी देने की तारीख 22 जनवरी तय की गई थी। लेकिन 17 जनवरी के अदालत के आदेश के बाद इसे टालकर एक फरवरी सुबह छह बजे किया गया था। फिर 31 जनवरी को निचली अदालत ने अगले आदेश तक चारों दोषियों की फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी। निर्भया मामले के चारों दोषी तिहाड़ जेल में बंद हैं

**Reference news : Hindustan 

चीन के हुबेई प्रांत में कोरोना sars coronavirus के प्रकोप के कारण अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भीषण नुकसान हो सकता है, कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि 2003 की sars coronavirus महामारी से भी बड़ा नुकसान अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को हो सकता है.

एक अनुमान के मुताबिक sars coronavirus के प्रकोप से अकेले चीन की अर्थव्यवस्था को 136 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है, एशियाई विकास बैंक ( एडीबी ) ने एक रिपोर्ट में कहा था. कि 2003 में sars coronavirus  के कारण पूर्वी और दक्षिण पूर्व एशिया के जीडीपी को करीब 18 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था.

यह इस क्षेत्र की जीडीपी के करीब 0.6 फीसदी के बराबर था sars coronavirus महामारी से यात्रा, पर्यटन और रिटेल उद्योग को सर्वाधिक नुकसान हुआ था. इन उद्योगों को पूर्वी व दक्षिण पूर्व एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ माना जाता है.




2003 में sars coronavirus  से करीब 8,000 लोग संक्रमित हुए थे और 774 मौतें हुई थीं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मार्च 2003 में सार्स संक्रमण को पैनडेमिक घोषित किया था. सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस से संक्रमण का मामला सार्स के आंकड़े को पार कर चुका है.

sars coronavirus को चीन में 5,000 का आंकड़ा पार करने में छह महीने लगे थे. दूसरी ओर महज एक महीने में कोरोना वायरस के कारण 170 लोगों की मौत हो चुकी है और 7,700 से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. आधिकारिक तौर पर कोरोना वायरस का पहला मामला चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में 31 दिसंबर 2019 को दर्ज किया गया था.


coronavirus क्या है.

कोरोनावायरस (Coronavirus) कई वायरस (विषाणु) प्रकारों का एक समूह है. जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग के कारक होते हैं. यह आरएनए वायरस होते हैं. मानवों में यह श्वास तंत्र संक्रमण के कारण होते हैं, जो अधिकांश रूप से मध्यम गहनता के लेकिन कभी-कभी जानलेवा होते हैं.

गाय और सूअर में यह अतिसार और मुर्गियों में यह ऊपरी श्वास तंत्र के रोग के कारण बनते हैं. इनकी रोकथाम के लिए कोई टीका (वैक्सीन) या वायररोधी (antiviral) अभी उपलब्ध नहीं है. और उपचार के लिए प्राणी की अपने प्रतिरक्षा प्रणाली पर निर्भर करा जाता है. और रोगलक्षणों (जैसे कि निर्जलीकरण या डीहाइड्रेशन, ज्वर, आदि) का उपचार करा जाता है ताकि संक्रमण से लड़ते हुए शरीर की शक्ति बनी रहे.

चीन के वूहान शहर से उत्पन्न होने वाला 2019 नोवेल कोरोनावायरस इसी समूह के वायरसों का एक उदहारण है, जिसका संक्रमण सन् 2019-20 काल में तेज़ी से उभरकर 2019–20 वुहान कोरोना वायरस प्रकोप के रूप में फैलता जा रहा है.


coronavirus पाए गए प्रकार


  • 229E (alpha coronavirus) – 1960 में पाया गया था. इसमें सर्दी खांसी और जुखाम के लक्षण दीखते हैं.
  • HCoV NL63 (alpha coronavirus) 2005 में पाया गया था. यह वायरस शरीरी में Bronchiolitis फैलता है.
  • OC43 (beta coronavirus) 1960 में पाया गया था. इसमें सर्दी खांसी और जुखाम के लक्षण दीखते हैं.
  • HKU1 (beta coronavirus) 2005 में पाया गया था. यह वायरस Respiratory problems को फैलता है.
  • MERS-CoV (the beta coronavirus that causes Middle East Respiratory Syndrome, or MERS) 2012 में पाया गया था. इसको Camel Flu के नाम से भी जाना जाता है.
  • SARS-CoV (the beta coronavirus that causes severe acute respiratory syndrome, or SARS) 2003 में पाया गया था.
  • (2019-nCoV) Novel Coronavirus 2019 में पाया गया था Wuhan China में इसी वायरस को Wuhan Coronavirus के नाम से जाना जाता है.

Corona Virus से  कैसे बचे लक्षण और उपाय

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक पूर्व भारत से बचने का कोई विशेष तरीका विकसित नहीं ईजाद हो पाया है. अभी तक इसको लेकर कोई भी खास जानकारी नहीं लगी है. हालांकि इससे बचने के लिए आप कुछ सावधानियां बरतकर इसकी चपेट में आने से बच सकते हैं.
  • खांसते और छींकतेे वक्त अपना मुंह और कांन ढक कर रखें।
  • अगर किसी शख्स को खांसी जुखाम है तो उस से उचित दूरी बनाए रखें।
  • मांस और अंडों को खूब पकाकर इस्तेमाल करें।
  • जानवरों से जितनी हो सके उतनी अधिक दूरी बनाकर रखें.
  • उन जानवरों से और भी ज्यादा दूरी बनाकर रखें जिनसे इंसानों में यह बारिश आने की बात कही जा रही है. जिनमें ली चमगादड़ और सांप आदि शामिल है.

Corona Virus बीमारी के लक्षण?

इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था. इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है.



जो है, नाम वाला वही तो तो बदनाम है, जी हाँ आपने सही सुना  भारत के केरला राज्य से शुरू हुए अलगाववादी पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया ( Popular Front of India ) संघठन का स्थापना 22 November 2006 में हुई. लोग इसे PFI के नाम से जानते है.



लेकिन इस अलगाववादी पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया ( Popular Front of India ) संघठन गलती मत कीजियेगा क्योकि इसकी हरकत बिलकुल वैसे ही है. जैसी ISIS की है.

तो चलिए दोस्तों  आज हम आपको PFI और ISIS अवैध रिस्तो के बारे में जानते है. और बड़ा खुलासा करेंगे

केरल के कई युवक ऐसे है, जो  ISIS संघठन  ज्वाइन किया है. NIA के रिपोर्ट से केरल के कन्नूर में  ISIS का शिविर बनाया गया था.और इसी शिविर में करीब 23 लड़को को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया था.

NIA के जाँच में खुलासा हो चूका है. पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया ( Popular Front of India ) संघठन के सदस्य धर्म परिवर्तन सिंडिकेट में शामिल है और कुछ आतंकी में भी पकड़े गए है.

 NIA के रिपोर्ट से पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया ( Popular Front of India ) के खिलाफ  उन् सभी मामलों को सूची तैयार की गई  है. जिसमे उसके सदस्य शामिल रहे है.

चलिए अब आपको कुछ उद्धरण देते है,

पहला मामला :  केरल के Idukki जिले में  PFI ( Popular Front of India ) से जुड़े 7 लोगो पर एक प्रोफेसर पर हमला करके उनका दाहिना हाथ काट देने का आरोप है. शुरुआत में इस मामले की  जाँच केरल पुलिस ने की बाद में इसे NIA को सौंप दिया गया.

NIA ने पड़ताल करके PFI ( Popular Front of India ) से जुड़ी 43 लोगों के खिलाफ अदलात मे चार्जशीट दीखिला कर दी.

 NIA के रिपोर्ट से बेंगलूरु में RSS के कार्यकर्ता आर रुद्रेश की हत्या के पीछे भी  PFI ( Popular Front of India ) की भौमिक थी.

NIA के रिपोर्ट से PFI ( Popular Front of India ) ने एक पलानिंग के तहत दक्षिण भारत के अलग अलग इलाको में  RSS के कार्यकर्ता पर हमला की साजिश रची थी.

NIA के रिपोर्ट से पिछले साल ISIS के 6 संदिग्ध लोगो को केरल के अलग अलग जगहो से गिरफ्तार किया गया.
NIA के रिपोर्ट से ये सभी ISIS Omar Al-Hindi Module गुट के सदस्य थे.

NIA के रिपोर्ट से जो इराक में बैठे ISIS के आतंकी के इशारों पर केरल और देश के दूसरे हिस्सों में बड़े आतंकी हमले की साजिश रचे थे.

NIA के रिपोर्ट से  PFI ( Popular Front of India ) सुनियोजित तरीके से देश में तालिबानी सोच विकसित करने में लगा है.

NIA के रिपोर्ट से PFI ( Popular Front of India ) ने कुछ साल में बम बनाने से लेकर हथियार चलाने तक की ट्रेनिंग हासिल कर ली है.

NIA के रिपोर्ट से  PFI ( Popular Front of India ) ने अपना खुफिया तंत्र भी बना रखा है, जिससे वो आप - पास की ख़ुफ़िया जानकारियाँ इकट्ठा करता है.

और सारी जानकारियां गृह मंत्री को भेज दी गई है इन्हीं आदानों के आधार पर इस संगठन पर प्रतिबंद लगाने की सिफारिश की गई है.


PFI ( Popular Front of India )  पर झारखंड सरकार ने लगाया प्रतिबंध 

संथाल परगना में कार्यरत संगठन PFI ( Popular Front of India ) पर झारखंड सरकार ने मंगलवार को फिर से प्रतिबंध लगा दिया है, गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है, इससे पहले राज्य सरकार ने 21 फरवरी 2018 को PFI पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन बाद में झारखंड हाईकोर्ट ने तकनीकी खामियों के आधार पर प्रतिबंध को निरस्त कर दिया था.

# ISIS जैसे संगठनों के साथ संबंध
गृह विभाग की ओर से जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि विस्तृत समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि पीएफआई झारखंड के साथ-साथ पूरे राष्ट्र में विशेषकर केरल, असम, पश्चिम बंगाल, बिहार में भी हिंसा, सांप्रदायिक उन्माद एवं कट्टरता के आधार पर सामाजिक विभाजन करवा रही है। साथ ही, भारत विरोध एवं पाकिस्तान समर्थक नारा लगाती है। आईएसआईएस एवं जेएमबी जैसे आतंकी संगठनों के साथ संबंध रखने एवं विधि व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

PFI ( Popular Front of India ) को प्रतिबंधित किए जाने का आधार

  • विधि व्यवस्था एवं लोक शांति भंग करना
  • सांप्रदायिक विद्वेश एवं कट्टरपंथ को बढ़ावा देना.
  • राष्ट्र विरोध गतिविधियों में संलिप्त होना.
  • अन्य आतंकी संगठनों के साथ संबंध रखना.

# 27 अगस्त 2018 को हाईकोर्ट ने हटाया था प्रतिबंध
झारखंड, केरल और कर्नाटक में अपहरण व हत्या समेत कई आरोप झेल रहे संगठन पीएफआई को झारखंड में प्रतिबंधित करने के राज्य सरकार के आदेश को हाईकोर्ट ने 27 अगस्त 2018 को खारिज कर दिया था. संगठन को प्रतिबंधित करते हुए राज्य सरकार ने बताया था कि इस संगठन के कई सदस्य सीरिया गए हैं और आईएसआईएस के लिए काम करते हैं।

इस प्रतिबंध के खिलाफ संस्था के महासचिव साहेबगंज निवासी अब्दुल वदूद की याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने कहा था कि संगठन को प्रतिबंधित करने के पर्याप्त कारण राज्य सरकार नहीं बता पाई। संगठन के एंटी सोशल एक्टिविटी में शामिल रहने का उदाहरण भी कोर्ट में प्रस्तुत नहीं कर पाई। संस्था को प्रतिबंधित करने में सरकार ने जल्दबाजी में आदेश जारी कर दिया.

News Reference from bhaskar 


PFI ( Popular Front of India ) को बैन करने की तैयारी में योगी सरकार

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ सरकार PFI ( Popular Front of India ) पर बैन लगाने की तैयारी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, गृह विभाग इसका मसौदा तैयार कर रहा है, प्रदेश में प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के कई मामलों में PFI ( Popular Front of India ) नेताओं के खिलाफ सबूत पाए गए हैं. अब तक PFI ( Popular Front of India ) के लगभग 20 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कट्टरपंथी संगठन PFI ( Popular Front of India ) पर पाबंदी लगाने की तैयारी में है नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ राज्यभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसक वारदातों को अंजाम देने में इस संगठन की संलिप्तता का पता चला है खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में पीएफआई की भी बड़ी भूमिका थी.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार का होम डिपार्टमेंट राज्य में PFI ( Popular Front of India ) को प्रतिबंधित करने का मसौदा तैयार कर रहा है. प्रदेश में प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के कई मामलों में पीएफआई नेताओं के खिलाफ सबूत पाए गए हैं. अब तक  PFI ( Popular Front of India के लगभग 20 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

इनमें  PFI ( Popular Front of India की राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का प्रदेश अध्यक्ष नूर हसन भी शामिल है. लखनऊ पुलिस ने पीएफआई के प्रदेश संयोजक वसीम अहमद समेत अन्य पदाधिकारियों को भी शहर में बड़े पैमाने पर हिंसा और आगजनी करने के मामले में गिरफ्तार किया था.


News Reference from navbharattimes

लखनऊ/रामपुर :  नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पिछले दिनों हुई हिंसा के दौरान सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई प्रदर्शनकारियों से की जाएगी, रामपुर में प्रशासन ने हेलमेट, लाठी, जीप, बाइक और रबर बुलेट जैसी चीजों को हुए नुकसान का पैसा वसूलने के लिए 28 लोगों को नोटिस भेजा है, नोटिस के मुताबिक, 14.86 लाख रुपए की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ. जिन्हें नोटिस भेजा गया है, उनमें फेरीवाले और मजदूर भी शामिल हैं.


इन संपत्तियों के नुकसान के लिए वसूली की जाएगी.

संपत्तिकितनी कीमत वसूली जाएगी
पुलिस की जीप7.5 लाख रु.
हीरो डीलक्स बाइक55,000 रु.
होंडा शाइन बाइक65,000 रु.
टीवीएस स्पोर्ट्स बाइक55,000 रु.
पुलिस की पल्सर बाइक90,000 रु.
अपाचे बाइक90,000 रु.
वायरलेस सेट, हूटर, 10 डंडे, 3 हेलमेट, 3 बॉडी प्रोटेक्टर, 3 कैन सील्ड आदि31,500 रु.
बैरिकेडिंग और पुलिस बैरियर3.5 लाख रु.


# 21-22 को व्यावसायिक गतिविधियां बंद रहीं, करोड़ों का नुकसान हुआ- प्रशासन

प्रशासन ने नोटिस में कहा कि उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए टियर गैस शेल, रबर बुलेट, प्लास्टिक पैलेट्स आदि की फायरिंग की गई, इससे राजकोष पर अनावश्यक बोझ पड़ा। 21 और 22 दिसंबर को हिंसक घटनाओं की वजह से व्यापारिक गतिविधियां बंद रहीं। इससे व्यवसायियों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। प्रदर्शनकारी अस्पताल भी गए और वहां भी तोड़फोड़ की। 

लखनऊ में भी हिंसक प्रदर्शन के दौरान 100 से अधिक लोगों को संपत्ति नुकसान पहुंचाने के मामले में नोटिस जारी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, उनकी संपत्ति जब्त कर क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी।

# रामपुर पहला जिला, जहां 28 लोगों की सीधे आरोपी बनाया

उत्तर प्रदेश में रामपुर पहला जिला है, जहां संपत्ति के नुकसान के लिए 28 लोगों को सीधे आरोपी बनाया गया। 21 दिसंबर को रामपुर में प्रदर्शनकारियों द्वारा सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ की गई थी। सुरक्षा बलों पर फायरिंग और पथराव किया गया। इसमें एक युवक की मौत हो गई थी। पुलिस ने हिंसा मामले में 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को चिन्हित किया है। अभी तक 33 लोग गिरफ्तार किया है.

प्रशासन द्वारा जारी नोटिस की प्रति

NPR ( National Population Register ) पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है, सूत्रों के मुताबिक, यह मंजूरी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी NPR को अपडेट करने के लिए दी गई है. तो आइये जानते है,  NPR Kya hai....नरेंद्र मोदी सरकार के कैबिनेट ने National Population Register (NPR) को मंजूरी दे दी है. जिसके तहत भारतीय नागरिकों के biometric और Genealogy ( वंशावली ) को दर्ज किया जाएगा.




# पहली जनगणना कब हुई थी.
आजादी के बाद 1951 में पहली जनगणना हुई थी. 10 साल में होने वाली जनगणना अब तक 7 बार हो चुकी है. अभी 2011 में की गई जनगणना के आंकड़े उपलब्ध हैं, और 2021 की जनगणना पर काम जारी है. biometric data में नागरिक का अंगूठे का निशान और अन्य जानकारी शामिल होगी.


Registrar General and Census Commissioner of India (रजिस्ट्रार जनरल एंड सेंसस कमिश्नर ऑफ इंडिया) और जनगणना ( Census ) आयुक्त विवेक जोशी ने हाल ही में कहा था. कि असम के अलावा पूरे देश में NPR ( National Population Register ) पर काम शुरू किया जाएगा.

NPR ( National Population Register ) के अंतर्गत 1 अप्रैल 2020 से 30 सितंबर 2020 तक असम के लिए अलावा देशभर में घर- घर जाकर ये जनगणना की जाएगी.


NPR ( National Population Register ) में प्रत्येक नागरिकों को जानकारी रखी जाएगी. ये  नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत स्थानीय, उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है. आपको बता दें, कोई भी निवासी जो 6 महीने या उससे अधिक समय से स्थानीय क्षेत्र में निवास कर रहा है तो उसे NPR में अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होता है.

# प्रावधानों के तहत तैयार होता है, NPR ( National Population Register )
नागरिकता कानून, 1955 को 2004 में संशोधित किया गया था, जिसके तहत NPR ( National Population Register ) के प्रावधान जोड़े गए। सिटिजनशिप ऐक्ट, 1955 के सेक्शन 14A में यह प्रावधान तय किए गए हैं- - केंद्र सरकार देश के हर नागरिक का अनिवार्य पंजीकरण कर राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी कर सकती है। - सरकार देश के हर नागरिक का रजिस्टर तैयार कर सकती है और इसके लिए नैशनल रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी भी गठित की जा सकती है।

सरकारी योजना : 

  • सरकारी योजनाओं के अन्तर्गत दिया जाने वाला लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे और व्यक्ति की पहचान की जा सके.
  • नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) के द्वारा देश की सुरक्षा में सुधार किया जा सके और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में सहायता प्राप्त हो सके.
  • देश के सभी नागरिकों को एक साथ जोड़ा जा सके.


# कौन सी जानकारियां दर्ज होंगी - जनसांख्यिकी विवरण

NPR ( National Population Register ) के लिए प्रत्येक निवासी का निम्नलिखित जनसांख्यिकीय विवरण लिया जाएगा, जिसे देना आवश्यक है.

  •     व्यक्ति का नाम
  •     घर के मुखिया से रिश्ता
  •     पिता का नाम
  •     माता का नाम
  •     जीवनसाथी का नाम (शादीशुदा होने पर)
  •     लिंग
  •     जन्मतिथि
  •     वैवाहिक स्थिति
  •     जन्मस्थान
  •     राष्ट्रीयता
  •     सामान्य नागरिक का वर्तमान पता
  •     वर्तमान पते पर रहने की अवधि
  •     स्थायी निवास का पता
  •     व्यवसाय/गतिविधि
  •     शैक्षणिक योग्यता


# जानबूझकर या गलती से गलत जानकारी देने पर क्या होगा।
यदि NPR ( National Population Register ) के तहत आप गलत सूचना देते हैं, तो सिटिजनशिप रूल्स ( citizenship rules ) 2003 के तहत आपको जुर्माना अदा करना होगा.


# NPR ( National Population Register ) और आधार के बीच क्या संबंध है.
एनपीआर भारत में रहने वाले लोगों का एक आम रजिस्टर है। इसके तहत जुटाए गए डेटा को यूआईडीएआई को री-ड्युप्लिकेशन और आधार नंबर जारी करने के लिए भेजा जाएगा। इस रजिस्टर में तीन मुख्य चीजें- डेमोग्राफिक डेटा, बॉयोमीट्रिक डेटा और आधार नंबर शामिल होंगे.

# किसी का नाम एनपीआर में छूट जाए तो क्या होगा 

NPR ( National Population Register ) देश की आबादी का रजिस्टर है, इसलिए उसमें हरेक निवासी का नाम होगा. अगर किसी का नाम छूट गया है, तो वो अनुमंडल स्तर के रजिस्ट्रार के पास आवेदन कर सकता है,जो लोकल रजिस्ट्रार से एक लेवल ऊपर का अधिकारी है.

# इस स्कीम के उद्देश्य
देश के हर निवासी की पूरी पहचान और अन्य जानकारियों के अधार पर उनका डेटाबेस तैयार करना इसका अहम उद्देश्य है,

सरकार अपनी योजनाओं को तैयार करने, धोखाधड़ी को रोकने और हर परिवार तक स्कीमों का लाभ पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल करती है.

About Author

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.