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पालीगंज : निरखपुर गांव के बधार से " पुरानी सरैया, गाँव निवासी " अजय मिस्त्री, के लगभग 14 वर्षीय पुत्र ' " भोला कुमार, की शव बरामद किया है, युवक की मौत क्यो और कैसे हुई अभी स्प्ष्ट पता नही चल पाया है.


 जानकारी के अनुसार मृतक के पिता ने बताया कि कल दोपहर में मैंने किसी बात को लेकर थोड़ी डाट फटकार लगाई थी, कल शाम तक घर पर ही था, शाम के बाद रात में घर नही लौटा तो हम लोगों ने खोजबीन शुरू किया लेकिन इधर उधर काफी जगहों पर खोज किया लेकिन कही नही पता चल पाया.




अजय मिस्त्री
सुबह में निरखपुर गांव के बधार में एक युवक शव फेके होने की सूचना मिली तो जाकर देखा तो मेरा पुत्र ही था, जिसके बाद पुलिस को सूचना दिया, पुलिस शव को अपने कब्जे में लेते हुए कानूनी प्रक्रियाओं पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, परिजनों ने बताया कि हमें किसी पर कोई शक नही और न ही किसी कोई पुरानी बैरविवाद है, पुलिस इस युवक कैसे मौत हुई हत्या या आत्म हत्या का कारण पता लगाने में जुटी है. 













news : amlesh sir

बिहार के जमालपुर की रहने वाली डॉ. नेहा गुप्ता की खूबसूरती के लोग विदेश में भी कायल हो गए, दरअसल नेहा ने शुक्रवार को रूस के मास्को में आयोजित मिस एंड मिसेज ग्लोबल इंटरनेशनल वर्ल्ड में पार्टिसिपेट किया, नेहा मैरिड कैटेगरी में फर्स्ट रनरअप रहीं,  इतना ही नहीं डा. नेहा को एशिया की विजेता और राइजिंग स्टार का खिताब भी मिला, हालांकि वे कुछ अंक से ग्लोबल इंटरनेशनल वर्ल्ड की विजेता बनते बनते रह गयीं.

 

इस कॉम्पटीशन में दुनियाभर से मैरिड और अनमैरिड महिलाएं शामिल हो रहीं थी, प्रतियोगिता में नेहा मैरिड कैटेगरी में फर्स्ट रनरअप रहीं, यहां पर नेहा की सुंदरता और बुद्धिमता की तारीफ भी हुई, इसमें करीब दुनिया भर से करीब 44 देशों की सैकड़ों लड़कियों ने पार्टीसिपेट किया, इन सभी को पीछे छोड़ते हुए नेहा फर्स्ट रनरअप बनीं. नेहा की इस उपलब्धि के बाद शहरवासियों समेत, देश और विदेशों से ढेरों बधाईंया मिली.

नेहा पेशे से डेंटल सर्जन हैं, नेहा के घर में भी सभी बधाइयां पाकर फूले नहीं समा रहे हैं, सिल्वर ओक्स एल्वर्ट रोड जमालपुर निवासी सह केशोपुर स्थित इलाहाबाद बैंक के सहायक प्रबंधक प्रदीप कुमार गुप्ता और माता ललिता गुप्ता की की पुत्री डॉ. नेहा गुप्ता हैं। पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री में मास्टर्स कर रहीं नेहा ने आर्मी डॉक्टर से शादी की है.

बता दें कि डा. नेहा गुप्ता फरवरी 2017 में बैंकॉक के पटाया में आयोजित माइल स्टोन मिस एण्ड मिसेज इंडिया इंटरनेशनल में मिसेज इंडिया इंटरनेशनल चुनी गईं थी, कई ब्यूटी प्रतियोगिताओं में विजेता बन चुकी हैं, वह मिसेज दिल्ली एनसीआर 2015 की फाइनलिस्ट रह चुकी हैं, डॉ. नेहा साल 2015 में एनसीआर दिल्ली की मिससे दिल्ली प्रतियोगिता विजेता बनीं, इसके बाद साल 2016 में मिसेस यूपी विजेता का क्राउन भी जीत चुकीं हैं.

हॉरर हॉलीवुड फिल्म ‘इट’ इन दोनों को ही टक्कर देती नजर आ रही है, अब तक 'दंगल' ने 2,000 करोड़ रुपए जबकि 'बाहुबली' ने 1,700 करोड़ रुपए की कमाई की थी, वहीं 8 सितंबर को रिलीज हुई 'इट' ने महज 3 दिन में वर्ल्डवाइड करीब 791 करोड़ रू. और एक वीक 971 करोड़ की कमाई कर ली है, बजट से की 8 गुना ज्यादा कमाई.


राइटर स्टीफन किंग के 'हॉरर नॉवेल' पर बेस्ड इस फिल्म का बजट करीब 224 करोड़ रुपए है, फिल्म अबतक बजट से कई गुना ज्यादा कमाई कर चुकी है, एंडी मुशिएती के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म की रफ्तार देखकर ये अंदाजा लगाया जा रहा है, कि ये आने वाले दिनों में न सिर्फ कई फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़गी बल्कि कई नामी अवॉर्ड भी अपने नाम करेगी, वैसे आपको जानकर हैरानी होगी कि विश्व में बनने वाली सभी फिल्मों में 20% हॉरर फिल्में होती हैं, इन्हें देखने वाले लोगों का तो बड़ा बाजार तो होता है, लेकिन क्रिटिक्स इन्हें पसंद नहीं करते हैं, ऐसे में इस पैकेज से हम आपको बता रहे हैं.



         8 और हॉरर फिल्मों के बारे में जो नामी अवॉर्ड जीतकर क्रिटिक्स को शांत कर चुकी हैं.
 

 1.  दि एक्जॉरसिस्ट : 1974 में आई 'दि एक्जॉरसिस्ट' पहली अमरीकी फिल्म थी, जिसे ऑस्कर नॉमिनेशन मिला था, इस फिल्म की कहानी में एक लड़की पर पड़े प्रेत के साए से कैसे एक पादरी लड़ता है उसे बेहद डरावने तरीके से दिखाया गया है। इसी फिल्म की कहानी पर राम गोपाल वर्मा ने अपनी फिल्म भूत का निर्माण किया था.



2. ईविल डेड : 'ईविल डेड' सीरीज की पहली फिल्म 1981 में आ गई थी, लेकिन इस सीरीज की फिल्मों की सबसे लेटेस्ट फिल्म एक बेहद डरावनी फिल्म है, एक शैतानी किताब जिससे शैतानी आत्माएं उस लोक से इस लोक में आ जाती हैं, उसे घने जंगलों में छिपा दिया गया था लेकिन कई सालों बाद दोस्तों का एक समूह गलती से फिर उस किताब को खोल देता है। 2013 में रीबूट की गई इस फिल्म ने देश विदेश में कई अवॉर्ड अपने नाम कर चुकी है.


3. कॉन्ज्युरिंग :  कॉन्ज्युरिंग को कोई ऑस्कर अवॉर्ड तो नहीं मिला है लेकिन रिलीज होते ही इस फिल्म को क्रिटिक्स ने अमरीका की सबसे डरावनी फिल्म घोषित कर दिया था। इस फिल्म में भूत प्रेत को पकड़ने वाले एक कपल की कहानी है जो एक ऐसे परिवार से मिलता है जो एक शापित प्रॉपर्टी पर रहने आ गए हैं। एक गुजारिश है कि अगर आप कमजोर दिल के हैं तो इस फिल्म को अकेले न देखें.

4. दि रिंग :  2002 में आई 'दि रिंग' अमरीकी फिल्म है जो इसी नाम की एक जापानी फिल्म पर आधारित है। ये कहानी है एक ऐसे टेप की जिसे देखने वाले को 7 दिनों में मौत का सामना करना पड़ता है। इस फिल्म को देश विदेश में कई अवॉर्ड मिले हैं और इस फिल्म की कहानी से मिलती जुलती कहानी पर कई देशों में फिल्म बनाई गई है.

5. स्लीपी हॉलो :  1999 में रिलीज हुई 'स्लीपी हॉलो' एक अमरीकी हॉरर फिल्म है, जहां एक गांव में एक सिरकटे आदमी द्वारा लोगो को मारे जाने की खबरें आ रही हैं. इस फिल्म में जॉनी डेप ने भी काम किया है और इस फिल्म को आर्ट डायरेक्शन के लिए ऑस्कर से नवाजा गया है.


6. ड्रैकुला : ब्रैम स्टोकर की किताब पर बनी फिल्म 'ड्रैकुला' 1992 में आई थी और ये ड्रैकुला पर बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से गिनी जाती है। कॉस्टयूम, मेकअप और साउंड के लिए तीन ऑस्कर जीतने वाली इस फिल्म में मैट्रिक्स वाले कीआनू रीव्स भी नजर आ रहे थे.


7. साईलैंस ऑफ दि लैंब्स  : एंथनी हॉपकिंस की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में गिनी जाने वाली फिल्म 'साईलैंस ऑफ दि लैंब्स '(1991) में एक सीरियल किलर की कहानी है जो अपने शिकार को खा भी जाता है। सर्वश्रेष्ठ फिल्म, निर्देशक, अभिनेता, अभिनेत्री और स्क्रीनप्ले का ऑस्कर जीतने वाली ये फिल्म आपके रोंगटे खड़े कर सकती है.


8. रोजमैरी बेबी :  साल 1968 में निर्देशक रोमन पोलास्की की फिल्म 'रोजमैरी बेबी' की कहानी एक ऐसी लड़की की थी जिसके गर्भ से शैतान का बेटा जन्म लेता है। इस फिल्म की कहानी हॉलीवुड के लिए एकदम नई थी और इसे हाथों हाथ लिया गया। इस फिल्म को एक ऑस्कर और एक गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड मिला था.

साउथ इंडियन फिल्मों का जाना-पहचाना एक्ट्रेस अवनि मोदी का जन्म गुजरात के गांधीनगर में हुआ था, अवनि को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था, लेकिन कॉलेज तक वो इस फील्ड में अपने पैर नहीं जमा सकी थीं, इसके चलते एक बार तो कॉलेज में एक स्क्रिप्ट राइटर ने अवनि से यहां तक कह दिया था, कि एक्टिंग की बात तो दूर, तुम्हें तो एक्टिंग का 'ए' भी नहीं आता, स्कूल और कॉलेजों में स्टूडेंट्स की भीड़ में गुम अवनि अब तमिल फिल्म इंडस्ट्रीज में काम कर रही हैं, जब अवनि ने कहा  मैं नरेंद्र मोदी की बेटी हूं.


एक रोचक घटना का जिक्र करते हुए अवनि ने बताया था, एक बार मैं फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में बेंगलुरु गई थी, यहां प्रेस कांफ्रेंस में अंग्रेजी अखबारों के भी कई जर्नलिस्ट आए थे और सभी बार-बार एक ही सवाल पूछ रहे थे, ‘मिस मोदी, क्या नरेंद्र मोदी से आपका कोई फैमिली रिलेशन है, क्या नरेंद्र मोदी आपके रिश्तेदार हैं’ तब इसके जवाब में मैंने उनसे कहा कि ‘नरेंद्र मोदी मेरे सगे तो नहीं, लेकिन उससे भी बढ़कर हैं, मैं नरेंद्र मोदी की बेटी हूं, अकेली मैं ही नहीं, बल्कि गुजरात में जितनी भी लड़कियां हैं, वो नरेंद्र मोदी की बेटी समान हैं.



पालीगंज अनुमंडल के दुल्हिन बाजार प्रखंड प्रमुख के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में सीओ ( अंचलाधिकारी ) की हुई पिटाई, दोनों पक्षों ने कराया थाने में मामला दर्ज हुई,  वही प्रमुख समर्थकों ने सीओ के गिरफ्तारी की मांग को लेकर दुल्हिन बाजार की सभी दुकानें बंद कराते हुए पालीगंज -बिहटा मुख्यमार्ग को चार घण्टे जाम कर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया.


जानकारी के अनुसार प्रखंड प्रमुख रेखा देवी और दबंग सीओ राजेश कुमार के बीच प्राइवेट कर्मचारियों के द्वारा मनमाने ढंग से राशिद काटने को लेकर बहुत दिनों चल रहा था, जिसकी शिकायत प्रमुख एसडीओ से की थी जिसपर एसडीओ ने तत्काल राशिद काटने से सीओ को रोक लगा दिया था, जिसके वावजूद सीओ राकेश कुमार द्वारा बेरोकटोक राशिद काटे जा रहे थे, जिसकी सूचना प्रमुख रेखा देवी ने कल शाम पटना से लौटने के क्रम में शाम को 6 बजे के आसपास प्रखंड कार्यालय से गुजरने के दौरान खुला देख वो भी पहुच गई.


जब कर्मियों पूछा तो पता चला कि सीओ खुद अपने देखरेख में प्राइवेट कर्मचारियों से धड़ल्ले से राशिद कटवा रहे जिसका विरोध करने पर सीओ राकेश कुमार उल्टे प्रमुख से भिड़ते हुए गालीगलौज करते हुए दुर्व्यवहार किया.





इस घटना के बाद यह खबर आग की तरह पूरे दुल्हिन बाजार में फैल गया और देखते ही देखते प्रमुख के साथ सीओ द्वारा की गई दुर्व्यवहार की खबर पर उनके समर्थ काफी मात्रा में जुट गए, और इसका विरोध करने लगे इस बीच कई बार नोकझोक भी, सीओ ने भी काफी अभद्रता दिखाई और जिसपर झड़प में सीओ की पिटाई हो गई.



इस मामले की दोनो पक्षो थाने केश दर्ज करवाया आज सीओ की निलंबन उसके गैरजिम्मेदार रवैए को लेकर प्रमुख के नेतृत्व में सैंकडो समर्थको ने बाजार बंद करते हुए सड़क जाम कर दिया, जिसकी सूचना के एसडीओ अनिल राय पहुँचकर काफी मस्कत के बाद दोनों पक्षो समझा बुझाकर कर किसी तरह मामले को शांत कर सड़क जाम हटाया गया, इसके बाद फिर से यातायात बहाल हुई.



news : amlesh sir

पालीगंज थाने क्षेत्र के भेड़हरिया इंग्लिस गाँव के पास एक तेजगति से पटना की ओर जा रही ट्रक ने एक 8 वर्षीय किशोर को बुरी तरह कुचल डाला, जिसके कारण उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई ,सैंकड़ो आक्रोशित लोगों ने परिजनों के साथ किशोर की शव को बीच सड़क रख NH -98 को कई घण्टे जाम कर मुवावजे को लेकर किया प्रशाशन के विरुद्ध प्रदर्शन.


जानकारी के अनुसार करीब 10 बजे दिन में भेड़हरिया इंग्लिस गांव मो. मकसूद के 8 वर्षीय एकलौता पुत्र शबीर सड़क पार कर सड़क किनारे खड़ा था, कि इसी बीच एक सेव लदी ट्रक औरंगाबाद की ओर से तेजगति से आती हुई किशोर शबीर को रौंदते हुए भाग गया, इस घटना बाद देखते ही देखते सैंकडो ग्रामीण जुट गए और शव को बीच सड़क पर रख मुआवजे की मांग करते हुए शान्तिपूर्ण ढंग से यातायात बाधित कर करते जाम करते हुए एसडीओ ,बीडीओ और पुलिस पदाधिकारियो को घटना स्थल पर आने की मांग कर रहे थे.



इसी बीच राज्य सरकार के वरिष्ठ जलसंसाधन मंत्री ललन सिंह औरंगाबाद जाने के क्रम में जाम में फंसे थे, जिन्हें आक्रोशित लोगों जाने नही दिया, जिसपर मंत्री ने तत्काल वरीय पुलिस पदाधिकारियों की इसकी सूचना दिया, वही वरीय पदाधिकारियो के निर्देश पर इंस्पेक्टर सह थानेदार सुबोध कुमार सिंह ने उन्हे जाम से निकाल कर मजबूरन दूसरे रास्ते से अरवल भेजा गया.

इस बीच एसडीओ अनिल राय और स्थानीय मुखिया राकेश दास ने घटना स्थल पर पहुँचकर पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें किसी तरह से समझा-बुझाकर आक्रोशित परिजनों को शांत कर परिवारिक लाभ योजना से मिलने वाली 20 हजार नगद रुपए प्रदान कर शव को उठाने की आग्रह किया, शव जैसे ही पुलिस उठावा रही थी,इसी बीच कुछ आक्रोशित लोगों ने आकर परिजनों बरगलाते हुए शव उठाने का विरोध करते हुए मुवावजे के लिए अड़े अड़ गए शव को नही उठने दिया.


आक्रोशित लोगो और पुलिस के बीच के बार नोक-झोक भी हुई, इसी बीच पुलिस पर आक्रोशित लोगो ने पथराव ,कर दिया, पुलिस ने इसके विरोध में लाठीचार्ज कर दिया, इस बीच भगदड़ मच गई, पुलिस ने कई महिलाओं के साथ साथ जदयू युवा प्रखंड अध्यक्ष अजित कुमार यादव ,समेत कई लोगो को किया पिटाई.

प्रखंड जदयू युवा अध्यक्ष अजित यादव और महिला पार्वती देवी ने पुलिस पर बेवजह पिटाई का लगया आरोप , उधर एसडीओ अनिल कुमार राय ने आक्रोशित लोगों द्वारा पुलिस पर पथराव की बात स्वीकार करते हुए पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की घटना से इनकार किया है. 


news : amlesh sir

इलाहाबाद :  DJ की धुन पर एक 12 साल की बच्ची डांस कर रही थी, डांस करते-करते अचानक उसकी बाल जनरेटर में फंस गया, इस दौरान बच्ची के स‍िर के बाल सह‍ित पूरी चमड़ी बाहर न‍िकल गई.


बच्ची को हॉस्प‍िटल में भर्ती कराया गया, जहां वह आईसीयू में भर्ती है, जानकारी के अनुसार " गया धाम, यात्रा के ल‍िए बुजुर्गों की हो रही थी व‍िदाई...सुबह 10 बजे जब बाजे के साथ उनकी व‍िदाई कर रहे थे, तो बच्चे डांस कर रहे थे, डांस के दौरान ही बच्ची " हेमा यादव (12), पीछे-पीछे चल रहे जनरेटर के पास पहुंच गई.

वह डांस में इतना मशगूल थी, कि उसके बाल जनरेटर की सेफ्टिन में फंस गए, इस दौरान उसकी सिर की चमड़ी की ऊपरी खोल (कपाल) पूरी तरह से उखड़ कर बाहर गिर गई



पूरा स‍िर लहुलूहान हो गया और दर्द से चीख पड़ी, घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई, और उसकी हालत देख लोगों की रोंगटे खड़े हो गए, जानकारी होते ही लड़की की मां फोटो देवी रोते-ब‍िलखते पहुंची और बेटी को गोल में उठा ल‍िया.

भट्ठा कारोबारी की पड़ी नजर तो रोक दी कार, 22 मिनट में पहुंचाया हॉस्प‍िटल


इसी दौरान नैनी के चक बबुरा मोहल्ला निवासी ईंट-भट्ठा व्यापारी नीरज मिश्रा वहां से गुजर रहे थे, बच्ची पर नजर पड़ते ही उन्होंने अपनी कार रोक दी और तुरंत उसे 35 किमी दूर नैनी केडीए कॉलोनी में स्थित अक्षय वट हॉस्पिटल के ल‍िए न‍िकले.

इस बीच रास्ते में मोबाइल से हॉस्पिटल के डॉक्टर एवं सर्जन आरपी पांडे से लगातार संपर्क में बने हुए थे, वह बच्चे की स्थिति के बारे में अवगत करा रहे थे, मात्र 22 मिनट में उन्होंने बच्ची को हॉस्प‍िटल पहुंचाया,यहां पर पहले से अलर्ट डॉ. आरपी पांडेय की टीम ने बच्चाी के पहुंचते ही तत्काल ऑपरेशन थिएटर में ले गए, 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसके सिर की खोल को सर्जिकल ऑपरेशन के द्वारा फिर से ऑपरेट किया, फिलहाल बच्ची आईसीयू में एडमिट है.

डॉ. आरपी पांडेय ने बताया, समय पर बच्ची के अस्पताल आ जाने की वजह से उसकी जान बची गई.


उसके सेल्स डैमेज नहीं हो पाए और उन्हें फिर से ऑपरेट करके लगा दिया गया है, 72 घंटे तक बच्ची को विशेष ऑब्जर्व में रखा जाएगा, इस समय अवधि के बाद ही पता चलेगा कि सिर ने चमड़े की खोल को कितना ऑब्जर्व किया है.


जांच में कुछ दिक्कत आए तो दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा, बाकी बच्चे की हालत ठीक है, वहीं, बच्ची हेमा की मां फोटो देवी ने बताया, नीरज म‍िश्रा की वजह से उनकी बच्ची की जान बच पाई, अगर बेटी समय पर हॉस्प‍िटल नहीं पहुंचती तो शायद उसकी जान नहीं बच पाती.



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