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साल 2019-2020 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है, टैक्स ऑडिट की आखिरी तारीख भी 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर की गई है. इनकम टैक्स के रिफंड भी जल्द जारी किए जाएंगे. रिफंड का फायदा चैरिटेबल ट्रस्ट, नॉन-कॉर्पोरेट बिजनेस को इसका फायदा मिलेगा. इसके दायरे में प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप, को-ऑपरेटिव्स आते हैं.


इस अभियान के तहत ( Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises / लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम, भारत सरकार ) के लिए 3 लाख करोड़ रुपए का collateral free loan देने का प्रावधान किया गया है. यह loan 4 वर्ष के लिए होगी. और पहले 1 वर्ष मूलधन का भुगतान नहीं करना होगा.  इसके तहत 100 करोड़ रुपए के कारोबार वाले ( Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises / लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम, भारत सरकार ) को 25 करोड़ रुपए तक का Loan मिलेगा. बैंकों और ( Non-bank financial institution / एनबीएफसी )  के लिए शतप्रतिशत गारंटी कवर मिलेगा. यह योजना 31 अक्टूबर 2020 तक उपलब्ध होगी.



इसके साथ ही ( Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises / लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम, भारत सरकार ) के परिभाषा में बदलाव किया गया है. M.S.M.E  की नई परिभाषा में माइक्रो उद्यम में 1 करोड़ रुपए तक का निवेश किया जा सकेगा और इसके कारोबार की सीमा 5 करोड़ रुपए होगी. इसी तरह से लघु उद्यम में 10 करोड़ रुपए का निवेश किया जा सकेगा और इसका कुल वार्षिक कारोबार 50 करोड़ रुपए का होगा. मध्यम उद्यम में 20 करोड़ रुपए तक निवेश होगा और इसका कुल कारोबार 100 करोड़ रुपए तक का होगा.

तनावग्रस्त ( Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises / लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम, भारत सरकार )  की मदद के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इससे ऐसे M.S.M.E  को लाभ होगा.  जो NPA या नतावग्रस्त है. इससे दो लाख से अधिक M.S.M.E  को लाभ होगा. M.S.M.E  में 50 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जायेगा जो बेहतर कारोबार कर रहे हैं. उनके लिए 10 हजार करोड़ रुपए का फंड ऑफ फंड की स्थापना की जायेगी. इससे M.S.M.E  को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने में मदद मिलेगी.

31 जुलाई 2020 और 31 अक्टूबर 2020 तक भरे जाने वाले सभी Income tax return / आयकर रिटर्न की अवधि 30 नंवबर 2020 तक बढ़ा दी गई है. इसके साथ ही 30 सितंबर तक भरे जाने वोल कर  ( आडिट रिपोर्ट/Auditor's report ) की अवधि भी 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है.

5 लाख रुपए तक के सभी लंबित रिफंड जारी किय जा रहे हैं. अब तक 14 लाख से अधिक रिफंड जारी किय जा चुके है. 30 सितंबर तक की आंकलन तिथि को बढ़ाकर 31 दिसेबर 2020 और 31 मार्च 2021 तक की तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर 2021 कर दिया गया है.

सरकार ने निजी उद्यमों में काम करने वाले कर्मचारियों के हाथ में ज्यादा पैसा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अगले तीन महीने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO /Employees' Provident Fund Organisation) में दिए जाने वाले अंशदान में कमी की है. कर्मचारियों के वेतन का 12 प्रतिशत E.P.F.O में जमा होता है. साथ ही नियोक्ता भी इतनी ही राशि / Amount EPFO में जमा कराता है. अब निजी नियोक्ताओं और कर्मचारियों का अंशदान /Contribution 12-12 प्रतिशत से घटाकर 10-10 प्रतिशत कर दिया गया है. कर्मचारी के E.P.F.O Account में उसके वेतन के 24 प्रतिशत की बजाय 20 प्रतिशत के बराबर राशि ही जमा करानी होगी.

100 कर्मचारियों तक के ऐसे संगठन जिनमें 90 प्रतिशत कर्मचारियों का वेतन 15 हजार रुपए से कम है, उन्हें पूर्व में दी गई छूट की अवधि तीन महीने और बढ़ा दी गई है. पहले सरकार ने कहा था. कि ऐसे संस्थानों के कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों की तरफ से दिया जाने वाला मार्च, अप्रैल और मई का अंशदान/Contribution सरकार जमा कराएगी. इसकी अवधि भी अब अगस्त तक बढ़ा दी गई है. इससे 3.67 लाख उद्यमों में काम करने वाले 72.22 लाख कर्मचारी लाभांवित होंगे और अर्थव्यवस्था में 2,500 करोड़ रुपए की तरलता बढ़ेगी.

Minister of Finance of India " Nirmala Sitharaman ने बुधवार को  ( गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों / - N.B.F.C - Non-Banking Financial Companies )  और सूक्ष्म राशि के ऋण देने वाले संस्थानों ( एमएफआई M.F.I - Micro finance Institutions ) के लिये मुश्किल के इस दौर में 30,000 करोड़ रुपए के विशेष नकदी योजना की घोषणा की इस कदम का मकसद कोरोना वायरस संकट के बीच इस क्षेत्र को ऋण के जरिये मदद उपलब्ध कराना है.

निर्माण क्षेत्र को राहत देते हुए Minister of Finance of India " Nirmala Sitharaman ने  कहा कि सभी सरकारी एजेंसियां सभी ठेकेदारों को निर्माण और वस्तु एवं सेवा अनुबंधों को पूरा करने के लिये छह महीने की समयसीमा बढ़ाएंगी.

Minister of Finance of India " Nirmala Sitharaman ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ( N.B.F.C - Non-Banking Financial Companies ) आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) और सूक्ष्म राशि के ऋण देने वाले संस्थानों ( M.F.I / एमएफआई) के लिये मुश्किल के इस दौर में 30,000 करोड़ रुपये के विशेष नकदी योजना की भी घोषणा की. इसके अलावा निम्न साख रखने वाले ( N.B.F.C - Non-Banking Financial Companies ) आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी / H.F.C ) और सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई / M.F.I) के लिये 45,000 करोड़ रुपये की आंशिक ऋण गारंटी ( पार्शियल क्रेडिट गारंटी / Partial Credit Guarantee Scheme ) योजना 2.0 की भी घोषणा की इस पहल का मकसद है. कि ये कंपनियां व्यक्तियों तथा एमएसएमई / Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises (लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम, भारत सरकार) सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम ) क्षेत्र की इकाइयों को अधिक कर्ज दे सकें.













प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात आठ बजे देश के नाम अपने संबोधन में कोरोना वायरस के कारण उपजे आर्थिक हालात को सुधारने के लिए देश के लिए 20 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की है, पीएम मोदी ने कहा कि यह आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा.


आत्मनिर्भर भारत... यहां पढ़िए पूरा भाषण....

Live शुरुआत करते हुए कहा......सभी देशवासियों को आदरपूर्वक नमस्कार....कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा समय बीत गया है. इस दौरान तमाम देशों के 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं. पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दु:खद मृत्यु हुई है. भारत में भी अनेक परिवारों ने अपने स्वजन खोए हैं. मैं सभी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं.


साथियो.....एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है. विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रही हैं. सारी दुनिया जिंदगी बचाने में एक प्रकार से जंग में जुटी है. हमने ऐसा संकट न देखा है. न ही सुना है. निश्चित तौर पर मानव जाति के लिए यह सब कुछ अकल्पनीय है. यह क्राइसिस अभूतपूर्व है.

..लेकिन थकना, हारना, टूटना, बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है. सतर्क रहते हुए ऐसी जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए अब हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है.


आज जब दुनिया संकट में है. तो हमें अपना संकल्प और मजबूत करना होगा हमारा संकल्प इस संकट से भी विराट होगा साथियो.....हम पिछली शताब्दी से ही लगातार सुनते आए हैं. कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की है. हमने कोरोना से पहले की दुनिया को वैश्विक व्यवस्थाओं को देखने समझने का मौका मिला है. कोरोना संकट के बाद भी दुनिया में जो स्थितियां बन रही हैं. उसे भी हम निरंतर देख रहे हैं. विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है. कि इसका मार्ग एक ही है. आत्मनिर्भर भारत हमारे यहां शास्त्रों में भी यही कहा गया है. इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संकेत एक संदेश एक अवसर लेकर आई है.


मैं एक उदाहरण के साथ अपनी बात बता रहा हूं. जब कोरोना संकट शुरू हुआ तब भारत में एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी. एन-95 मास्क का भारत में नाममात्र उत्पादन होता था. आज स्थिति यह है. कि भारत में ही हर रोज दो लाख पीपीई और दो लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं. हम ऐसा इसलिए कर पाए क्योंकि भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया. ऐसा करने की भारत की दृष्टि आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प के लिए उतनी ही प्रभावी होने वाली है.


आज फिर भारत विकास की ओर सफलतापूर्वक कदम बढ़ा रहा है. तब भी विश्व कल्याण की राह पर अटल है. इस शताब्दी की शुरुआत के समय  y2k संकट आया था. भारत के वैज्ञानिकों ने दुनिया को इस संकट से निकाला था. आज हमारे पास साधन सामर्थ्य है. दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट है. हम बेस्ट प्रोडक्ट बनाएंगे अपनी क्वॉलिटी और बेहतर करेंगे सप्लाई चेन को और आधुनिक बनाएंगे ये हम कर सकते हैं. और हम जरूर करेंगे.


मैंने अपनी आंखों के साथ कच्छ भूकंप के दिन देखे हैं. हर तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा. सबकुछ ध्वस्त हो गया था. ऐसा लगता था मानो कच्छ मौत की चादर ओढ़ कर सो गया था. उस परिस्थिति में कोई सोच भी नहीं सकता था.  कि कभी हालत बदल पाएगी, लेकिन देखते ही देखते कच्छ उठ खड़ा हुआ. कच्छ बढ़ चला यही हम भारतीयों की संकल्पशक्ति है. हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं कोई राह मुश्किल नहीं और आज तो चाह भी है. राह भी है. ये है. भारत को आत्मनिर्भर बनाना.

PM Narendra Modi will be addressing the nation on Tuesday at 8 pm


भारत आत्मनिर्भर बन सकता है. यह भव्य इमारत पांच पिलर्स पर खड़ी है.

* पहला पिलर- इकोनॉमी एक ऐसी इकोनॉमी जो इन्क्रीमेंटल चेंज नहीं बल्कि क्वांटम जम्प लाए.
* दूसरा पिलर- इन्फ्रास्ट्रक्चर एक ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर जो आधुनिक भारत की पहचान बने.
* तीसरा पिलर- सिस्टम। ऐसा सिस्टम जो बीती शताब्दी की रीति नहीं, बल्कि 21वीं शताब्दी की टेक्नोलॉजी ड्रिवन व्यवस्था पर आधारित हो.
* चौथा पिलर- डेमोग्राफी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की डेमोग्राफी आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है. 
* पांचवां पिलर- डिमांड इसका चक्र और इसकी ताकत का इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है.


देश में डिमांड बढ़ाने और इसे पूरा करने के लिए हमारी सप्लाई चेन के हर स्टेकहोल्डर का सशक्त होना जरूरी है. हमारी सप्लाई चेन को हम मजबूत करेंगे जिसमें मेरे देश की मिट्‌टी की महक हो. हमारे मजदूरों के पसीने की खुशबू हो कोरोना संकट का सामना करते हुए नए संकल्प के साथ .....मैं आज 20 लाख करोड़ रुपए के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं. यह आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा.


  • 20 लाख करोड़ रुपए का यह पैकेज भारत की जीडीपी का करीब-करीब 10 फीसदी है. इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को 20 लाख करोड़ रुपए का संबल और सपोर्ट मिलेगा.
  • यह पैकेज 2020 में देश की विकास यात्रा को और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडी और लॉ... सभी पर बल दिया गया है.
  • आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, लघु उद्योग, एमएसएमई के लिए है. जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन हैं.
  • आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए उस किसान के लिए है. जो हर स्थिति और हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहा है. यह पैकेज देश के मध्यमवर्ग के लिए है. जो ईमानदारी से टैक्स देता है. यह भारत के उद्योगपतियों के लिए जो भारत को आर्थिक बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं.
  • गरीब, श्रमिक, प्रवासी मजदूर हों, मछुआरे हों, हर तबके लिए आर्थिक पैकेज में कुछ महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया जाएगा. कोरोना ने हमें लोकल मैन्यूफैक्चरिंग, लोकल सप्लाई चेन, लोकल मार्केटिंग का भी मतलब समझा दिया है. लोकल ने ही हमारी डिमांड पूरी की है. और हमें इस लोकल ने ही बचाया है. लोकल सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है.


पटना  :  बिहार के प्रवासी मजदूरों को लेकर पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन शनिवार दोपहर दो बजे दानापुर जंक्शन पहुंची. कुल 1174 प्रवासी मजदूर अपने शहर पहुंच गए दानापुर पहुंचने के बाद सभी की स्क्रीनिंग की गई. इसके बाद अलग-अलग बसों से उन्हें उनके प्रखंड मुख्यालय में बने क्वारंटाइन सेंटर में भेज दिया गया.




* किस जिले से कितने लोग लौटे 

जिला
मजदूरों की संख्या
रोहतास
175
मुजफ्फरपुर
137
मधेपुरा
119
पूर्णिया
114
कटिहार
94
समस्तीपुर
81
अररिया
01
सीवान
01





News Credit : Hindustan
  

3 मई को इसका दूसरा दौर खत्म होना था, लेकिन शुक्रवार को सरकार ने इसे दो और हफ्तों के लिए बढ़ा दिया।यानी अब 4 मई से 17 मई तक लॉकडाउन का तीसरा दौर चलेगा

  • शराब, पान और तंबाकू की दुकानें खुल सकेंगी, लेकिन वहां एक-दूसरे से 6 फीट की दूरी रखनी होगी
  • ट्रेनें, उड़ानें, शॉपिंग मॉल और धार्मिक स्थल बंद ही रहेंगे, धार्मिक जमावड़ों पर भी अभी पाबंदी रहेगी



Pic & news Credit : Dainik Bhaskar 

बहरहाल, लॉकडाउन का यह तीसरा दौर बड़े बदलाव लेकर आया है.  ट्रेनें, उड़ानें, स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल और धार्मिक स्थल तो बंद ही रहेंगे, लेकिन अलग-अलग जोन के हिसाब से छूट मिलेंगी. लोग दिन में घरों से बाहर तो निकल सकेंगे, लेकिन जो लोग जरूरी सेवाओं में नहीं हैं. उनका शाम 7 से सुबह 7 बजे के बीच सड़कों पर मूवमेंट नहीं हो सकेगा। यानी बाहर जा रहे हैं तो शाम 7 बजे से पहले घर लौट आएं.


लॉकडाउन में किस जोन में क्या खुलेगा क्या बंद रहेगा, ये रही जानकारी


गतिविधियांग्रीनऑरेंजरेड
ट्रैवल: एयर, ट्रेन, मेट्रोनहींनहींनहीं
अंतरराज्यीय परिवहन
नहीं
नहीं
नहीं
शिक्षण संस्थान
नहीं
नहीं
नहीं
होटल, सिनेमाघर, मॉल्स
नहीं
नहीं
नहीं
एक जगह इकट्ठा होकर पूजापाठ करना
नहीं
नहीं
नहीं
नाई की दुकान, स्पॉहांहांनहीं
शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे बाहर निकलना
नहीं
नहीं
नहीं
 65 वर्ष से बड़े, 10 साल से छोटे, गर्भवती महिला का बाहर जाना
नहीं
नहीं
नहीं
मेडिकल-क्लीनिकहांहांहां
ऑटो और टैक्सी का चलना1+11+1नहीं
चार पहिया गाड़ियों का चलना1+21+21+2 शर्तें लागू
दो पहिया गाड़ियों का चलना
1+1
1+1
1+0 शर्तें लागू
जिले के बाहर चलने वाली बसें50%50%नहीं
जिले के अंदर चलने वाली बसें50%50%नहीं
शहरी उद्योगहांहांहां
शहरों में होेने वाला निर्माणकार्यहांहांहां
कृषि गतिविधियांहांहांहां
बैंक और फाइनेंसहांहांहां
कोरियर और पोस्टल सर्विसहांहांहां
माल का आवागमनहांहांहां





  • रेड जोन में सबसे ज्यादा प्रभावित मुंगेर, यहां 95 केस सामने आए.
  • बिहार में कोरोना से अब तक 466 लोग प्रभावित, 93 स्वस्थ हुए.


रेड जोन : मुंगेर, पटना, रोहतास, बक्सर और गया को रेड जोन में शामिल किया गया है, बिहार के 54 प्रतिशत मरीज रेड जोन में हैं, इसमें सबसे ज्यादा मरीज मुंगेर के हैं, जिले में अब तक 95 लोग संक्रमित हो चुके हैं, एक की मौत हुई है. और 17 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे सबसे कम मरीज गया में है. यहां संक्रमण का 6 मामला सामने आया जिसमें 5 लोग स्वस्थ हो गए, एक मरीज का इलाज चल रहा है.

Picture Credit : Dainik Bhaskar 

जिलासंक्रमितठीक हुएमौत
मुंगेर95171
पटना4460
रोहतास5000
बक्सर4050
गया650


ऑरेंज जोन :  नालंदा, कैमूर, सीवान, गोपालगंज, भोजपुर, बेगूसराय, औरंगाबाद, मधुबनी, पूर्वी चंपारण, भागलपुर, अरवल, सारण, नवादा, लखीसराय, बांका, वैशाली, दरभंगा, जहानाबाद, मधेपुरा और पूर्णिया ऑरेंज जोन में शामिल हैं. नालंदा में 35 केस सामने आए और इसमें 12 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं. 11 और मरीजों को जल्द अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है. सीवान के 30 में से 25 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं.


जिलासंक्रमितठीक हुएमौत
नालंदा35120
कैमूर1800
सीवान30250
गोपालगंज1830
भोजपुर1110
बेगूसराय1150
औरंगाबाद800
मधुबनी500
पूर्वी चंपारण500
भागलपुर510
अरवल400
सारण610
नवादा420
लखीसराय410
बांका30
वैशाली301
दरभंगा500
जहानाबाद400
मधेपुरा200
पूर्णिया100


ग्रीन जोन :  बिहार के 13 जिले ग्रीन जोन में शामिल किये गए हैं. इसमें 9 जिले ऐसे हैं. जहां कोरोना का एक भी केस सामने नहीं आया है. शेखपुरा, अररिया, पश्चिमी चंपारण और सीतामढ़ी में पिछले दिनों केस आए हैं. शेखपुरा और अररिया में एक-एक केस सामने आए.






न्यूज़ क्रेडिट : दैनिक भास्कर 

Washington : अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump फरवरी के आखिर में भारत दौरे को लेकर खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं. ट्रम्प और उनकी पत्नी दोनों ने ट्विटर पर इसकी घोषणा भी की थी.  ट्रम्प ने शनिवार को भी एक ट्वीट किया, जिसमें मार्क जकरबर्ग के हवाले से कहा कि फेसबुक पर लोकप्रियता के मामले में वह नंबर वन हैं और दूसरा नंबर प्रधानमंत्री मोदी का है. हालांकि, आंकड़ों के लिहाज से ट्रम्प का दावा गलत है। फेसबुक फॉलोअर्स और पेज लाइक्स के मामले में वह प्रधानमंत्री मोदी से बहुत पीछे हैं.




डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट किया, “हाल ही में फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग से मिला था. उन्होंने मुझे बताया कि फेसबुक पर लोकप्रियता के मामले में मैं नंबर 1 और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नंबर 2 पर हैं. मुझे लगता है यह बड़ा सम्मान है। मैं अगले दो हफ्ते में भारत की यात्रा पर जा रहा हूं। इसको लेकर मैं बहुत उत्साहित हूं.


ट्रम्प के ट्वीट में फेसबुक पर नंबर वन होने का दावा वास्तव में पूरी तरह गलत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फॉलोअर्स के मामले में ट्रम्प से बहुत आगे हैं। मोदी के फेसबुक फॉलोअर्स की संख्या 44,378,625 है, जबकि ट्रम्प के फॉलोअर्स की संख्या 27,537,177 हैं। यह मोदी की तुलना में लगभग आधी है.


प्रधानमंत्री मोदी के फेसबुक फॉलोअर्स और पेज लाइक्स की संख्या ट्रम्प की तुलना में करीब दोगुनी है. लेकिन, सक्रियता के मामले में ट्रम्प मोदी से बहुत आगे हैं. मोदी ने पिछले एक हफ्ते में फेसबुक पर एक ही पोस्ट किया, जबकि ट्रंप ने इस दौरान 125 पोस्ट किए हैं. हालांकि, इस साल के आखिर में अमेरिका में आने वाले राष्ट्रपति चुनावों के कारण, ट्रम्प को फेसबुक पर अधिक सक्रिय माना जा सकता है.



  • डोनाल्ड ट्रम्प के दो फेसबुक अकाउंट हैं। 'राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रम्प' नाम का उनका एक अकाउंट 18 मई 2018 से निष्क्रिय है। इसे 12 जनवरी 2017 को बनाया गया था और इसके 2 एडमिन थे। इस अकाउंट पर उनके 5,387,852 फॉलोअर है, जबकि पेज लाइक्स की संख्या 3,100,028 है। इस पर 18 मई 2018 आखिरी पोस्ट की गई थी.
  • डोनाल्ड ट्रम्प का दूसरा फेसबुक अकाउंट 'डोनाल्ड जे ट्रम्प' के नाम से है। इसे 8 अप्रैल 2009 को बनाया गया था। अभी 17 लोग इसके एडमिन हैं। इस पर ट्रम्प के फॉलोअर्स की संख्या 2,75,37,218 और पेज लाइक्स की संख्या 2,59,63,993 है। इस अकाउंट पर आखिरी अपडेट 12 फरवरी 2020 का है.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक अकाउंट 'नरेंद्र मोदी' के नाम पर है। इसे 5 मई 2009 को बनाया गया था और इसके 5 एडमिन हैं। प्रधानमंत्री मोदी के फॉलोअर्स की संख्या 4,43,78,656 है, जबकि उनके पेज लाइक्स की संख्या 4,46,22,763 है.
  • दोनों ही नेताओं के फेसबुक अकाउंट की तुलना करें, तो साफ है कि डोनाल्ड ट्रम्प के फॉलोअर प्रधानमंत्री मोदी से 1,68,41,438 कम हैं। ऐसे में फेसबुक पर नंबर वन होने का उनका दावा गलत हो जाता है.






News reference :  Dainik Jagran 


  • अहमदाबाद में 24 फरवरी को नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम, विदेश मंत्रालय ने कहा- डोनाल्ड ट्रम्प नागरिक अभिनंदन समिति है, आयोजक
  • समिति के बारे में न सरकार ने जानकारी दी, न किसी ने कुछ बोला कार्यक्रम में 100 करोड़ रुपए खर्च होने की बात, जो गुजरात सरकार ही कर रही.




Ahmedabad गुजरात के Motera Stadium में 24 फरवरी को "नमस्ते ट्रम्प' कार्यक्रम होगा. इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump's और प्रधानमंत्री Narendra modi शामिल होंगे. अमेरिका के ह्यूस्टन में 5 महीने पहले हुए ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम की तरह ही इसे भी भव्य बनाने की तैयारी हो रही है. हाउडी मोदी कार्यक्रम को टेक्सास इंडिया फोरम ने आयोजित करवाया था. लेकिन नमस्ते ट्रम्प का आयोजक कौन है? गुरुवार से पहले तक लग रहा था. कि इसे केंद्र सरकार ही आयोजित करवा रही है या फिर गुजरात सरकार या हो सकता है कि भाजपा का कार्यक्रम होगा.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया था कि 'डोनाल्ड ट्रम्प नागरिक अभिनंदन समिति' कार्यक्रम की आयोजक है। ट्रम्प के भारत दौरे की जानकारी व्हाइट हाउस ने 10 फरवरी को ही दे दी थी। कुछ महीनों पहले से भी अहमदाबाद में ट्रम्प के स्वागत में ऐसा कार्यक्रम होने की बात चल रही थी. लेकिन रवीश कुमार के बयान से पहले तक कभी भी इस समिति के बारे में कोई चर्चा तक नहीं थी.


Donald Trump's नागरिक अभिनंदन समिति एक निजी संस्था है और निजी संस्था के कार्यक्रम में सरकारी खर्च क्यों किया जा रहा है? न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प के दौरे पर सरकार 80 से 85 करोड़ रुपए खर्च कर रही है. कुछ खबरों में 100 करोड़ रुपए खर्च की भी बात हो रही है. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी लगातार इस कार्यक्रम को लेकर मीटिंग कर रहे हैं. भास्कर की पड़ताल में पता चला कि आयोजन के खर्च को सरकार के खाते में दिखाने से बचने के लिए समिति बनाई गई. इसके जरिए बड़े काॅर्पाेरेट्स, सरकारी कंपनियां और सहकारी संगठन भी सीएसआर के तहत चंदा दे सकते हैं.


सरकार ने namastepresidenttrump.in वेबसाइट भी बनाई है. इस वेबसाइट को गुजरात सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने डेवलप किया है. लेकिन इस वेबसाइट पर "About Us' का पेज ही नहीं है. इस वेबसाइट के नाम से ट्विटर और फेसबुक पर भी अकाउंट बनाया गया है.




Donald Trump's ने कहा अहमदाबाद में रोड शो में 70 लाख लोग जुटेंगे






  • अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump's ने कहा - मैं बहुत हद तक पीएम मोदी की तरह बनने वाला हूं, दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम में मेरा कार्यक्रम होगा.
  • रोड शो रूट के मुताबिक- ट्रम्प और मोदी एसपी रिंग रोड होते हुए साबरमती आश्रम जाएंगे, दोनों वहां 25 मिनट रुकेंगे.

Motera Stadium में होने वाले कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump's  के दावे को अहमदाबाद प्रशासन ने गलत बताया है. ट्रम्प ने बुधवार को दावा किया था कि उनके रोड शो के दौरान एयरपोर्ट और मोटेरा स्टेडियम के बीच करीब 70 लाख लोग होंगे.

उन्होंने यह भी कहा था कि मैं बहुत हद तक पीएम मोदी की तरह बनने वाला हूं, कार्यक्रम दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम में होगा. इसे लेकर मैं काफी उत्साहित हूं. हालांकि, अहमदाबाद प्रशासन ने बुधवार को कहा कि इस रोड शो में सिर्फ 1 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.


अहमदाबाद के नगरपालिका आयुक्त विजय नेहरा ने बुधवार को कहा अहमदाबाद शहर की कुल आबादी ही करीब 70 से 80 लाख है, ऐसे में रोड के शो के 22 किमी. लंबे रूट में सिर्फ 1 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है. नेहरा ने कुछ दिन पहले भी यही बात कही थी.


ट्रम्प का विशेष विमान 24 फरवरी को सुबह 11.55 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतरेगा। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका स्वागत करेंगे रोड शो के रूट के मुताबिक, ट्रम्प और मोदी एयरपोर्ट से एसपी रिंग रोड होते हुए साबरमती आश्रम जाएंगे दोनों नेता वहां 25 मिनट रुकेंगे दोपहर 1:15 बजे मोटेरा स्टेडियम पहुंचेंगे यहां ट्रम्प के स्वागत से लेकर सुरक्षा तक के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. करीब 25 हजार जवान सुरक्षा में तैनात होंगे वे तकरीबन ढाई घंटे अहमदाबाद में रुकेंगे.

24 फरवरी को ही ट्रम्प ताजमहल देखने आगरा जाएंगे 25 फरवरी को ट्रम्प और मेलानिया दिल्ली में रहेंगे राष्ट्रपति भवन में आधिकारिक स्वागत होगा दोनों महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट भी जाएंगे द्विपक्षीय वार्ता और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात के बाद ट्रम्प मंगलवार रात को ही वॉशिंगटन रवाना होंगे.




News Reference : Dainik Bhaskar  

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